अपराजिता: ‘हौसला जगाओ, डर को भगाओ, जरूरत हो तो पुलिस को बताओ’
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छेड़छाड़ करने वाला अकेला हो या कई लोग हों लेकिन डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि साहस के साथ सामना करना चाहिए। जोर से चिल्लाएं, आसपास वालों से मदद मांगे तो मदद जरूर मिलेगी। घबराने से आरोपी का दुस्साहस बढ़ जाएगा। इसी झिझक को तोड़ना है ताकि असामाजिक तत्वों को सजा मिल सके। छात्राओं को सलाह दी गई कि वे अपना हौसला जगाकर डर को भगाएं और जरूरत पड़ने पर पुलिस को जरूर बताएं ओर पूरी मदद लें।
बालिका सुरक्षा जागरुकता अभियान और अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत बुधवार को सहारनपुर के बालिका सुधार गृह में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उसमें बालिकाओं ने एसपी यातायात अपर्णा गुप्ता से सुरक्षा के बारे में सवाल पूछे। एक बालिका ने कहा कि छेड़छाड़ करने वाला अकेला हो तो उससे मुकाबला कर सकते हैं, यदि कई हों तो क्या किया जाए। साथ ही बालिकाओं ने कहा कि अभिभावक पढ़ाई के साथ सिलाई-कढ़ाई तो सिखाते हैं। लेकिन आत्मरक्षा के लिए बॉक्सिंग, जूडो आदि नहीं सिखाते।
एसपी यातायात अपर्णा गुप्ता ने कहा कि लड़की एक से जरूर मुकाबला कर सकती है, लेकिन अधिक लोग हों तो लड़की की ताकत उसकी आवाज है। जोर से चीखकर सहायता मांगे। इसी से आरोपियों के पैर उखड़ जाएंगे और कोई न कोई सहायता के लिए पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि लड़कियां लड़कों से किसी भी रूप में कम नहीं। उन्हें भी बड़े सपने देखने का अधिकार है। बेटियां चांद पाने का ख्वाब देखें चांद मिल ही जाएगा। खुद में आत्मविश्वास जगाएं, आत्मनिर्भर बनें और आगे बढ़ते रहें। फिर तुम्हारे ख्वाबों को पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि लोगों को बचपन से ही बेटियों के इरादों का सम्मान करना चाहिए। बेटियों के लिए घर को जेल न बनाएं, उनके ख्वाब को पूरा करने में मदद करें। अपनी सोच को बड़ी करें। इस मौके पर चाइल्ड लाइन संस्था से जुड़े मंसूर अहमद, ऑल इंडिया वूमेंस कान्फ्रेंस की पदाधिकारी चंदा, नीलम, मंजू समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
मूकदर्शक बन वीडियो न बनाएं, मदद करें
जनकपुरी थाना प्रभारी मुकेश गौतम ने कहा कि लोग बेटियों की मदद करें, परेशानी में वीडियो ना बनाएं। अब मदद करने वाले के बारे में पूछताछ नहीं होती, बल्कि उसे सम्मान से देखा जाता है। उन्होंने डायल 100, 101, 1090, 1020 108 के बारे में बालिकाओं एवं महिलाओं को जानकारी दी। उन्होंने लोगों की अधिक से अधिक मदद करने का आह्वान किया।
चुप्पी तोड़ो, साहस करो, जवाब दो - हुमा
चाइल्ड लाइन संस्था की सदस्य हुमा ने बालिकाओं को गुड टच एवं बैड टच के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कोई गलत तरीके से छूता है, परेशान करता है तो चुप मत रहो, उसके बारे में सभी को बताओ और उसे करारा जवाब दो। छेड़छाड़ करता है, रोकता है तो जो भी हाथ में हो उससे वार कर दो। चाहे पेन हो, बैग हो, मोबाइल फोन हो, नहीं तो सेंडल से ही वार करो।
- हम में है आगे बढ़ने का हौसला
- आसरा खेड़ी की कंचन का कहना है कि कोई परेशान करे तो वह मुकाबला कर सकती हैं। उनके परिजनों को उन पर विश्वास है।
- बालिका सुधार गृह की गौरी उन्हें आगे बढ़ना है और वह किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। उसे किसी का डर नहीं है।
- बालिया खेड़ी की सीमा कहती है कि कोई परेशान करे तो पुलिस सहायता के लिए तैयार है, तो फिर डर कैसा। वह भी किसी का मुकाबला कर सकती है।
- देहरादून चौक की मुस्कान कहती हैं कि पुलिस अधिकारियों से उन्हें प्रेरणा मिली है। वह अपने सपने भी पूरा करने की कोशिश करेगी।
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