अमर उजाला अपराजिता अभियान: ‘नमन तुझे ऐ नारी, प्रेम की सूरत तू प्यारी’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला के अनूठे अभियान अपराजिता के तहत एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट में आयोजित कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण की अलख जगाई गई। छात्राओं ने नाटक, गीत और भाषण के माध्यम से महिलाओं को शिक्षित करने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और महिलाओं का सम्मान करने का संदेश दिया। यह कार्यक्रम यूपी के मुजफ्फरनगर शहर में हुआ।
कॉलेज के सभागार में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बीटीसी की छात्राएं शामिल हुईं। शुभारंभ छात्रा सलोनी के गीत से हुआ। उसने कहा कि आज की महिला अपने अधिकारों को लेकर जागृत है, लेकिन वर्षों से चली आ रहीं कुरीतियों और विभिन्न डर के दबाव में चुप रहती हैं। राधिका गोयल एवं शिवम वर्मा ने कहा कि लड़कियों की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी चुप्पी होती है। अपने खिलाफ होने वाले जुल्म और ज्यादतियों के खिलाफ उन्हें आवाज उठानी चाहिए। प्रिंसी वर्मा, इति, प्रिया पांडेय, नेहा, रवि, सुनील, वासु एवं रवि ने नाटक प्रस्तुत किया।
उन्होंने घरों में बेटियों के साथ होने वाले भेदभाव को इंगित किया। नाटक के माध्यम से बताया कि किस तरह मां ही अपने बेटे और बेटी के बीच अंतर करती है। महिलाओं से होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं को भी नाटक के जरिए उजागर किया गया। लड़कियों से इस तरह की घटना होने पर चुप नहीं बैठने का आह्वान किया गया। उन्हें महिला हेल्पलाइन 1090 और डायल-100 की जानकारी दी गई। शिप्रा ने कहा नारी शक्ति को नमन करते हुए कहा कि नारी त्याग, तपस्या और प्रेम की मूरत होती है। प्रधानाचार्या बबली तोमर, शिक्षक वरुण कुमार, राजीव कुमार, प्रिया गोयल, संगीता कौशिक, रजनी पुंडीर, देवेश गुप्ता ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे किसी भी अन्याय के खिलाफ चुप होकर न बैठें। अपने परिवार और शिक्षकों से खुलकर बात करें।
नारी गरिमा के सम्मान के लिए ली शपथ
कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों ने शपथ पत्र भरकर महिलाओं के सम्मान की शपथ ली। उन्होंने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे महिलाओं के सम्मान और नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखेंगी और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी।
- महिलाएं आरंभ से ही सशक्त हैं। इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है जहां महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों में अपनी शक्ति का एहसास कराया है। - सलोनी, छात्रा
- समाज को दो भागों में बांटकर पुरुष प्रधान समाज ने अपनी सारी शक्ति महिलाओं को अपमान और चाहरदीवारी में बंद करने में लगा दी। अब इसके खिलाफ आवाज बुलंद हो रही है। - उषा, छात्रा
- समाज में महिलाओं को कमजोर आंका जाता है, लेकिन यह सही नहीं है। नारी शक्ति को जब भी मौका मिला उसने अपने आपको साबित करके दिखाया है। - पूजा, छात्रा
- वेद, पुराण और ग्रंथ सभी नारी की महिमा का गाते हैं, लेकिन समाज में उचित सम्मान नहीं मिलता। कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध आज भी हो रहे हैं। इस पर लगाम लगाने की आवश्यकता है। - शिप्रा, छात्रा
- जब नारी शिक्षित होगी, तभी समाज सशक्त बनेगा। मां बच्चे की पहली गुरु होती है। एक महिला के शिक्षित होने से पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। - मोहिनी, छात्रा
- नारी का अपमान मत करना, इनके बल पर जग चलता है। पुरुष जन्म लेकर इन्हीं की गोद में पलता है। वह केवल महिला ही है, जो किसी भी मकान को घर बनाती है। - गरिमा, छात्रा
- महिलाएं खुद को पुरुषों के सामने दूसरे दर्जे का समझती हैं। वह अपनी इस सोच में परिवर्तन करें। समाज तभी उनका सम्मान करेगा जब वे खुद का सम्मान करेंगी। - प्रियंका, छात्रा
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/