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सिख विरोधी दंगा: 38 साल बाद SIT ने मेरठ से दबोचा एक आरोपी, तीन सिखों की हत्या कर जलाए गए थे शव
Wed, 14 Sep 2022 10:03 AM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Wed, 14 Sep 2022 10:03 AM IST
सार
तीन सिखों की हत्या के बाद शव जलाने के मामले में एसआईटी ने मेरठ से एक आरोपी को दबोचा है। बताया गया कि 38 साल बाद आरोपी गिरफ्तार हुआ है।
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एसआईटी टीम
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सिख विरोधी दंगों के मामलों में कानपुर एसआईटी ने सोमवार रात मेरठ में सरधना क्षेत्र के अलीपुर से राजवीर सिंह (61) को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। एसआईटी का दावा है कि आरोपी कानपुर के निराला नगर में हुए तिहरे हत्याकांड में शामिल था। उसने पूर्व मंत्री के भतीजे के साथ हत्याकांड को अंजाम दिया है। एसआईटी अब तक 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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31 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के विरोध में भड़के दंगों में कानपुर में 127 सिखों की हत्या हुई थीं। वहीं एसआईटी ने फरवरी 2019 से मामलों की जांच शुरू की थी। एसआईटी के डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि इसमें एक तिहरा हत्याकांड भी था, जिसमें सतवीर सिंह, रक्षपाल सिंह व भूपेंद्र के शव भी जला दिए गए थे।
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