पंचायत में ऐलान, जिन घरों में शौचालय नहीं, वहां रिश्ता नहीं करेंगे
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बागपत में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिला पंचायती राज विभाग के कर्मचारी लोगों को खुले में शौच के नुकसान गिना रहे हैं। जिला समन्वयक नरेंद्र उज्ज्वल की मौजूदगी में बिजवाड़ा गांव में पंचायत हुई। खुद उज्ज्वल ने कहा कि यदि कोई शादी करने पहुंचे तो पहले शौचालय की बाबत पूछना। जिन घरों में शौचालय नहीं है, वहां रिश्ता करने से इंकार कर देना। पंचायत ने इस पर सहमति जताई।
बिजवाड़ा गांव के एक घेर में पंचायत आहूत की गई। गांव के जिम्मेदार लोग यहां जमा हुए। ग्राम स्वच्छता मिशन के जिला समन्वयक नरेंद्र उज्ज्वल भी पंचायत में मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक शौचालय निर्माण और ग्रामीणों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए मंथन किया गया। नरेंद्र उज्ज्वल ने खुद पंचायत में कहा कि यदि कोई रिश्ता लेकर पहुंचे तो पहले शौचालय की बाबत पूछना, यदि घर में शौचालय नहीं है तो शादी से इंकार कर देना। ऐसे घर जिनके घरों में शौचालय नहीं है, उनका रिश्ता न तो लेना और न ही ऐसी जगह लड़के या लड़की का रिश्ता करना। समन्वयक के प्रस्ताव पर पंचायत ने सहमति जता दी। ग्राम प्रधान अरविंद कुमार, कंवर पाल सिंह, भोपाल सिंह, पीतम सिंह मौजूद रहे।
जी का जंजाल बन गए शौचालय
जिले को खुले में शौच मुक्त करना प्रशासन के लिए जी का जंजाल बन गया है। अभी तक करीब 65 गांव ऐसे हैं, जिनमें प्रशासन की योजना कामयाब नहीं हो सकी है। दिसंबर तक ओडीएफ का लक्ष्य है, लेकिन जिला खुले में शौच मुक्त होने की संभावना कम ही है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
पंचायत में मौजूद रहे इकबाल सिंह का कहना है कि जिस घर में बेटी जाएगी या जिस घर की बेटी आएगी, अगर वहां शौचालय नहीं है तो शादी नहीं कराई जाएगी। यह सर्वसम्मति से तय किया गया है। इसके अलावा ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा, ताकि जिले को खुले में शौच मुक्त किया जा सके।
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