पद्मावत के विरोध में फूटा गुस्सा, हाईवे किया जाम, 250 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
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फिल्म पद्मावत बृहस्पतिवार को रिलीज होने से राजपूत समाज का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते हुए घंटों हरड़ गांव में जाम लगाकर अपनी नाराजगी का इजहार किया। उधर, सहारनपुर में भी विवादित फिल्म पद्मावत के खिलाफ राजपूत समाज द्वारा मंगलवार को घंटाघर पर किए गए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 250 लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने जाम के दौरान सड़क पर पड़े टायरों में आग लगाकर नारेबाजी की। इसके बाद मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम को खुलवाया गया। बाद में शामली आ रहे राजपूत समाज के लोगों को जिला प्रशासन द्वारा एसटी तिराहे पर रोक लिया गया।
बुधवार को राष्ट्रीय राजपूत उत्थान सभा के अनिवेश पुंडीर व महासचिव रज्जूराणा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दोपहर थानाभवन कस्बे में पंचतीर्थ आश्रम से जुलूस निकालकर शामली बस अड्डा और चरथावल बस अड्डे पर नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। आधा घंटे जाम लगाने के बाद थानाभवन कस्बे के दुकानदारों व व्यापारियों से बृहस्पतिवार को भारत बंद का आह्वान किया गया। बाद में प्रदर्शनकारियों को शामली के एसटी तिराहे पर एसडीएम सदर सुरजीत सिंह व सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने रोक दिया। एसडीएम शामली सुजीत कुमार को जिला अधिकारी के नाम ज्ञापन देकर जनपद शामली में किसी भी सिनेमाघर में पिक्चर को न चलाने की अपील की गई। उधर, राजपूत सभा के कार्यकर्ताओं ने पद्मावत फिल्म के विरोध में ग्राम हरड़ फतेहपुर गांव के लोगों ने दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर जाम लगा दिया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने सड़क पर पुराने टायर जलाकर आग लगा दी। जाम के दौरान युवाओं ने जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना पर थानाभवन-आसपास के थानों की पुलिस बल ने मौके पर पहुंच कर जाम लगा रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। हालांकि युवाओं ने पुलिस की बात न मानते हुए मौके पर स्थानीय गन्ना राज्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जनपद में किसी भी सिनेमाघर में फिल्म को चलाने का दुस्साहस किया तो उस सिनेमा घर को आग के हवाले कर दिया जाएगा। किसी भी सूरत में सिनेमाघरों में पिक्चर को चलने नहीं दिया जाएगा। घंटों लगे जाम की सूचना पर एसडीएम सदर सुरजीत कुमार, सीओ सिटी अशोक सिंह,सीओ थानाभवन वीरपाल सिंह, भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर समझा बुझाकर जाम को खुलवाया गया। करीब दो घंटे तक सड़क पर जाम लगाने से जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग गई। एसडीएम शामली ने चौकसी बरतते हुए 10 लोगों के खिलाफ धारा 39 के नोटिस देकर कार्रवाई की। प्र्दर्शनकारियों में रजनीश राणा नौजल,अन्नू राणा थानाभवन, लाखन सिंह हिरनवाडा, रज्जू राणा मानकपुर, शुभम चौहान लाव्वा, विकास राणा कैंडी,प्रदीप उमरपुर, अक्षय राणा भनेड़ा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
पद्मावत फ़िल्म के विरोध में हुई बैठक
गांव हिरनवाड़ा में पद्मावत फ़िल्म को रिलीज करने के विरोध में एक बैठक आयोजित की गई। राजपूत बिरादरी द्वारा इस फ़िल्म के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने का भी विरोध करने का निर्णय लिया गया। बुधवार की पद्मावत फ़िल्म को रिलीज करने के विरोध में हिरनवाड़ा में ठाकुर लाखन सिंह के आवास पर राजपूत उत्थान सभा के सदस्यों की एक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। सभी सदस्यों ने फ़िल्म पद्मावत के रिलीज होने का विरोध करते हुए सेंसर बोर्ड पर अनेक आरोप लगाए। कहा कि राजपूत बिरादरी इस फ़िल्म के रिलीज होने व सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने का भी विरोध करेंगी। उन्होंने फ़िल्म न देखने की अपील की। इस मौके पर मौजूद रहे ठाकुर सोनू पुंडीर,ठाकुर प्रवीण पुंडीर, ठाकुर लाखन सिंह पुंडीर, डॉक्टर बसंत पुंडीर, पंकज पुंडीर,मनीष चौहान, शुभम चौहान, मनोज चौहान,आदि मौजूद रहे।
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वाले 250 लोगों पर एफआईआर दर्ज
उधर, सहारनपुर में भी विवादित फिल्म पद्मावत के खिलाफ राजपूत समाज द्वारा मंगलवार को घंटाघर पर किए गए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 250 लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। दूसरी ओर, शहर के दो सिनेमाघर संचालकों ने फिल्म के प्रदर्शन से इनकार कर दिया है। उन्हें आशंका है कि हंगामे या बवाल की स्थिति में सिनेमाघरों या दर्शकों को नुकसान पहुंच सकता है। बाकी सिनेमाघर संचालक भी असमंजस में हैं। ऐसे हालात में सिनेमाघरों से लेकर कलक्ट्रेट तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। खुफिया विभाग की टीमें भी राजपूत समाज सहित अन्य विरोधी संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
बता दें कि फिल्म पद्मावत को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को राजपूत समाज के लोगों ने फिल्म के विरोध में करणी सेना समेत कई हिंदू संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया था। उन्होंने संजय लीला भंसाली के पुतले की शव यात्रा निकालकर और उसके दहन का भी प्रयास किया था। घंटाघर चौक पर जाम और हंगामे के दौरान एसपी नगर प्रबल प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों से राजपूत समाज के लोगों की जमकर नोकझोंक हुई थी।
इस घटना के बाद रात में ही पुलिस ने घंटाघर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक तेजवीर सिंह की ओर से राजपूत समाज के 250 लोगों के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज कराई गई। यह एफआईआर धारा 144, 145 एवं 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत दर्ज की गई। इसमें किसी को नामजद नहीं किया गया है। सभी आरोपियों को अज्ञात में दर्शाया गया है। नगर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार शर्मा का कहना है कि सभी की वीडियो बनाई गई है। वीडियो से पहचान कराकर ही नाम खोले जाएंगे।
इस मामले में क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष कुशलपाल सिंह का कहना है कि प्रदर्शन में करणी सेना के साथ सभी संगठन शामिल थे। उसकी पहले से ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति ली गई थी। एलआईयू को भी इसकी सूचना दी गई थी। इसके बावजूद राजपूत समाज के लोगों पर की गई कार्रवाई अनुचित है।
उधर, विरोध और हंगामे के बीच दो सिनेमाघरों राकेश टाकिज एवं विजय टाकिज में फिल्म के प्रदर्शन से संचालकों ने इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि पूर्व में हंगामे और कड़े विरोध को देखते हुए ऐसा करना पड़ रहा है। वहीं, एसआरएस सिनेमाघर संचालक की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि एडवांस बुकिंग की जानी थी। लेकिन अभी तक बुकिंग शुरू नहीं की गई है। एसआरएस सिनेमाघर संचालक राकेश का कहना है कि अभी तक वह तय नहीं कर पाए हैं कि पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन किया जाए या नहीं। पुलिस से सुरक्षा मांगी गई है। सही माहौल मिलेगा तो ही प्रदर्शन हो पाएगा।
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