{"_id":"5f1de88a8ebc3e9fc31da11d","slug":"amit-got-success-by-becoming-a-witness-meerut-news-mrt493140366","type":"story","status":"publish","title_hn":"साक्षात का हाथ बन अमित ने दिलाई सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साक्षात का हाथ बन अमित ने दिलाई सफलता
विज्ञापन
साक्षात का हाथ बन अमित ने दिलाई सफलता
- सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में दिव्यांग साक्षात हुए सफल
मेरठ। सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में सेरेब्रल पालसी से पीड़ित साक्षात की सफलता की कहानी अमित ने लिखी। 12वीं के छात्र साक्षात के राइटर 11वीं के अमित बने। तीन साल से ये जोड़ी सफलता के नए आयाम छू रही है। 10वीं कक्षा से ही साक्षात के पेपर अमित लिख रहे हैं। इस बार इस जोड़ी ने 93 प्रतिशत अंक लाकर कीर्तिमान गढ़ दिया।
गंगानगर निवासी साक्षात ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इस सफलता का बड़ा श्रेय साक्षात के राइटर अमित को जाता है। जिन्होंने साक्षात के सारे पेपर किए और उसे सफलता के इस मुकाम पर पहुंचाया। कला वर्ग के विद्यार्थी साक्षात वर्धमान एकेडमी के छात्र हैं। साक्षात सेरेब्रल पॉलिसी से पीड़ित हैं इसलिए उसे लिखने में परेशानी होती है। शिक्षकों की मदद से स्कूल के ही विद्यार्थी अमित ने साक्षात का राइटर बनना स्वीकार किया। अमित की मेहनत और अपनी पढ़ाई से साक्षात ने यह सफलता पाई। दसवीं में भी अमित ने साक्षात के पेपर लिखे थे जिसमें उन्हें 82 प्रतिशत अंक मिले थे। साक्षात अब बीएएलएलबी करना चाहते हैं। साक्षात की मम्मी रितु रानी सरकारी विद्यालय में शिक्षिका है और पापा लोकेश चौहान बिजनेसमैन है। वहीं राइटर बने अमित अब पीसीएम लेकर अपनी आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। अमित कहते हैं कि किसी की मदद करना अच्छा लगता है। साक्षात कहते हैं कि हमारे बीच इतनी अच्छी दोस्ती हो गई है कि मैं तो हमेशा अमित को यही कहता हूं कि भाई तेरी वजह से मैं पास हो गया।
विज्ञापन
- सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में दिव्यांग साक्षात हुए सफल
मेरठ। सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में सेरेब्रल पालसी से पीड़ित साक्षात की सफलता की कहानी अमित ने लिखी। 12वीं के छात्र साक्षात के राइटर 11वीं के अमित बने। तीन साल से ये जोड़ी सफलता के नए आयाम छू रही है। 10वीं कक्षा से ही साक्षात के पेपर अमित लिख रहे हैं। इस बार इस जोड़ी ने 93 प्रतिशत अंक लाकर कीर्तिमान गढ़ दिया।
गंगानगर निवासी साक्षात ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इस सफलता का बड़ा श्रेय साक्षात के राइटर अमित को जाता है। जिन्होंने साक्षात के सारे पेपर किए और उसे सफलता के इस मुकाम पर पहुंचाया। कला वर्ग के विद्यार्थी साक्षात वर्धमान एकेडमी के छात्र हैं। साक्षात सेरेब्रल पॉलिसी से पीड़ित हैं इसलिए उसे लिखने में परेशानी होती है। शिक्षकों की मदद से स्कूल के ही विद्यार्थी अमित ने साक्षात का राइटर बनना स्वीकार किया। अमित की मेहनत और अपनी पढ़ाई से साक्षात ने यह सफलता पाई। दसवीं में भी अमित ने साक्षात के पेपर लिखे थे जिसमें उन्हें 82 प्रतिशत अंक मिले थे। साक्षात अब बीएएलएलबी करना चाहते हैं। साक्षात की मम्मी रितु रानी सरकारी विद्यालय में शिक्षिका है और पापा लोकेश चौहान बिजनेसमैन है। वहीं राइटर बने अमित अब पीसीएम लेकर अपनी आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। अमित कहते हैं कि किसी की मदद करना अच्छा लगता है। साक्षात कहते हैं कि हमारे बीच इतनी अच्छी दोस्ती हो गई है कि मैं तो हमेशा अमित को यही कहता हूं कि भाई तेरी वजह से मैं पास हो गया।
विज्ञापन