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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Special Report: The farmers will to raise many big issues in Mahapanchayat in Muaffarnagar

सत्ता परिवर्तन की बड़ी तैयारी: महापंचायत में जुटेंगे कई राज्यों के किसान, सरकार के खिलाफ उठाएंगे ये बड़े मुद्दे

Fri, 03 Sep 2021 12:40 PM IST
कपिल kapil मदन बालियान, अमर उजाला, मेरठ
मदन बालियान, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 03 Sep 2021 12:40 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के किसान अपने कई मुद्दे उठाकर सत्ता परिवर्तन की बड़ी तैयारी में है। वहीं मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर को होने वाली महापंचायत में किसान सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगे।

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Amar Ujala Special Report: The farmers will to raise many big issues in Mahapanchayat in Muaffarnagar
महापंचायत के लिए तैयार किया जा रहा मैदान। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुजफ्फरनगर में सरकुलर रोड का नजारा बदलने लगा है। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर किसानों की आवाजाही बढ़ गई है। एक तरफ संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी तैयारी में जुटे हैं और दूसरी तरफ पुलिस-प्रशासन के अधिकारी व्यवस्थाओं का खाका खींच रहे हैं। उत्सुकता किसानों की तादाद और इंतजार महापंचायत के फैसले का है। किसान कहते हैं कि अलग-अलग धर्म, भाषा, जाति और राज्यों के लोग मुजफ्फरनगर की जमीन से भाईचारे का संदेश देंगे। किसानों के मुद्दों पर मोर्चा मिशन यूपी शुरू कर सत्ता परिवर्तन का बिगुल बजाने की तैयारी है। ऐसे में भाजपा की बेचैनी बढ़ना लाजिमी है। विपक्ष भी हाथ आए मौके को भुनाने की तैयारी में है।

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माजरा निवासी किसान संजय कहते हैं कि पांच सितंबर की महापंचायत में महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल, हरियाणा, तेलंगाना, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और पूर्वांचल के किसान एकता और भाईचारे का संदेश देंगे। जिस जमीन पर सितंबर के महीने में ही आठ साल पहले माहौल खराब हुआ था, अब वहीं सर्वधर्म के लोग एक साथ बैठेंगे और एकजुटता से सरकार को जवाब देंगे। गांव बरवाला के चांदवीर कहते हैं कि मुजफ्फरनगर दंगे के बाद पहले केंद्र और फिर यूपी में सत्ता परिवर्तन हुआ था। सियासी लोगों ने समाज के बीच बन गई खाई का लाभ उठाया। अब सर्वसमाज के लोग समझ चुके हैं। किसानों की बात नहीं मानी गई तो एक बार फिर सत्ता परिवर्तन होगा। इस बार के चुनाव किसानों के मुद्दे पर ही लड़े जाएंगे। किसानों की आय दोगुनी होने के बजाए घट गई है। गढ़ी नौआबाद के किसान विनोद कुमार कहते हैं कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। किसान कानून नहीं चाहते तो क्यों थोपे जा रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा पांच सितंबर को जो भी फैसला करेगा, किसान साथ खड़े होंगे। 
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कृषि कानूनों के अलावा गन्ना मूल्य बनेगा मुद्दा
नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले होने जा रही महापंचायत में तीन कृषि कानून, बिजली की बढ़ी दरों के अलावा गन्ना मूल्य बड़ा मुद्दा रहेगा। पंजाब में गन्ना मूल्य में वृद्धि होने के बाद यूपी के किसान भी उम्मीद लगाए बैठे है। गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग उठाई जा सकती है।

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सरकार न समझी तो बदलनी ही पड़ेगी
गठवाला खाप पुरा महादेव के चौधरी आजाद मलिक कहते हैं कि सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। किसानों के मुद्दे अगर नहीं सुलझाए गए तो किसानों को सत्ता परिवर्तन करना होगा। मुजफ्फरनगर महापंचायत निर्णायक फैसला करेगी।
 
जो किसानों के न हुए, वह किसी के नहीं
गठवाला खाप के थांबेदार श्याम सिंह बहावड़ी ने कहा कि सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। जो किसानों के नहीं हो सकते, वह किसी के नहीं हो सकते। किसानों के साथ मजदूर, व्यापारी और अन्य वर्ग के लोग भी महापंचायत में शामिल होंगे।
 
महापंचायत से फिर बुलंद होगा भाईचारा
भाकियू नेता अनिल मलिक का कहना है कि मुजफ्फरनगर महापंचायत से भाईचारा फिर बुलंद होगा। किसानों के लिए महंगाई बड़ा मुद्दा है। सरकार के खिलाफ अब निर्णायक जंग का एलान होगा। अंतिम फैसला किसान मोर्चा के नेता ही करेंगे।
 
किसानों के एक होने का समय
देशखाप बड़ौत के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यही समय किसानों के एक होने का है। सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। ऐसे में किसान अपनी एकजुटता और भाईचारे की ताकत से ही मुकाबला कर सकते हैं। सबको एक होकर आगे बढ़ना होगा।

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