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मेरठ : हालात बदतर, अमर उजाला की पड़ताल में खुली अस्पतालों के प्रभारियों की पोल, मरीजों को नहीं मिल रहे बेड

Thu, 22 Apr 2021 01:33 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 22 Apr 2021 01:33 PM IST
सार

मेरठ में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।

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Amar Ujala Special Report: Patients is not found beds in hospitals at Meerut of Uttar Pradesh
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। तीमारदार जिस भी अस्पताल में फोन कर रहे हैं, उन्हें... सॉरी बेड खाली नहीं हैं... इंतजार कर सकते हैं तो ठीक नहीं तो कहीं और देख लीजिए.. जवाब मिल रहे हैं। कुछ अस्पतालों में बेड तो हैं लेकिन वहां ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि कई अस्पतालों के बाहर लोग मरीजों को एंबुलेंस में ऑक्सीजन लगाकर इंतजार कर रहे हैं कि बेड खाली हों तो वे मरीज को भर्ती करा सकें। रात आठ बजे ‘अमर उजाला’ ने शहर में कोविड-19 के इलाज के लिए चिह्नित अस्पतालों में बातचीत कर हालात का जायजा लिया तो कई अस्पतालों के नोडल अधिकारियों के फोन नंबर ही नहीं उठे। वहीं कुछ ने बात करते ही हाथ खड़े कर दिए।

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एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डॉ. कुंवर सेन से बात इसलिए नहीं हो पाई, क्योंकि उनका फोन स्विच ऑफ था। सुभारती मेडिकल कॉलेज की प्रभारी डॉ. ईमा चौधरी का भी फोन नहीं उठा, बाद में फोन स्विच ऑफ हो गया। एनसीआर मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डॉ. जॉमन एमएस ने बताया कि उनके यहां ऑक्सीजन वाले बेड खाली नहीं हैं। श्रीराम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और धन सिंह कोतवाल के प्रभारी डॉ. अनिल राव को तीन बार फोन किया गया। तीनों बार उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद उनकी कॉल भी नहीं आई। हालांकि पीएल शर्मा अस्पताल के प्रभारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह से बात हो गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 28 बेड खाली हैं, ए सिम्टोमेटिक या सामान्य मरीज, जिन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता है, भर्ती किए जा रहे हैं। 
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अधिक उम्र के मधुमेह, हृदयरोग व किसी अन्य रोग से पीड़ित मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। वहीं मिलिट्री अस्पताल के प्रभारी मेजर काशी का दो बार फोन नहीं उठा और बंद हो गया। पुन: फोन करने पर उन्होंने कहा कि मैं इसका प्रभारी नहीं हूं, गलती से मेरा नंबर दे दिया गया है। एसडीएस मेडिकल कॉलेज के मनोज गोयल का फोन नंबर नेटवर्क कवरेज क्षेत्र से बाहर बता रहा था। आनंद अस्पताल के मुनेश पंडित का सीधा जवाब था कि बेड खाली नहीं हैं। संतोष अस्पताल में जाकिर हुसैन ने कोविड बेड का नाम सुनते ही मना कर दिया गया। लोकप्रिय अस्पताल की डॉ. अर्चिता के नंबर पर कई बार फोन करने पर जवाब मिला कि वह खुद आइसोलेट हैं। न्यूटिमा अस्पताल से प्रवीन ने हाथ खड़े कर दिए और साफ कहा कि इस समय कोई बेड नहीं हैं। आईआईएमटी अस्पताल के दिनेश शर्मा ने सारे बेड फुल बताए गए। केएमसी के गौरव और कैलाशी के सुभाष ने भी बेड खाली होने से इनकार कर दिया। सीएनएस अस्पताल के रजनीश शर्मा ने बेड खाली होने की बात तो कही लेकिन कहा, ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं है।
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दूसरी तरफ राधा गोविंद अस्पताल के नोडल हितेष ने भी बेड खाली नहीं होने की बात कही। सूची में अप्सनोवा अस्पताल के नोडल जितेंद्र का नंबर दिया गया है। फोन करने पर पता चला कि वह अजय अस्पताल के नोडल जितेंद्र का नंबर है। जितेंद्र ने बताया कि बेड तो उपलब्ध हो जाएगा। शर्त लगाई, मरीज का ऑक्सीजन स्तर अगर 90 तक होगा तभी भर्ती किया जाएगा। अजय अस्पताल के लिए नोडल संदीप शर्मा ने बताया कि वह होप अस्पताल से हैं और उनके अस्पताल ने कोविड की अनुमति नहीं ली है। जगदंबा अस्पताल के नोडल रवींद्र ने कहा, सभी बेड फुल है। दो दिन बाद ही कुछ हो सकता है। सिरोही अस्पताल के नोडल पंकज अरोरा ने अपने यहां बेड उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी। जेपी अस्पताल के नोडल आयुष ने बताया कि उनके यहां भी बेड उपलब्ध नहीं हैं। एक-दो दिन में बेड खाली हो सकते हैं।


2776 बेड आरक्षित, भर्ती मरीज सिर्फ 1104
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में कोरोना मरीजों के लिए 2776 बेड आरक्षित हैं। करीब 1104 मरीज इन अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें 714 मेरठ के और 390 आसपास के जिलों के रहने वाले हैं। 439 आईसीयू के बेड हैं, जबकि 165 वेंटिलेटर हैं। 329 लोग आईसीयू में भर्ती हैं और ऑक्सीजन पर हैं। 10 लोग वेंटिलेटर पर हैं, जिनमें सात मेरठ के हैं और तीन अन्य जिलों के हैं। 1056 बेड पर पाइपलाइन से ऑक्सीजन की व्यवस्था है, जबकि 927 बेड पर सिलिंडर के जरिए ऑक्सीजन की व्यवस्था है।

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अस्पताल                                            बेड
श्रीराम आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज            100
धन सिंह कोतवाल                                200
पीएल शर्मा अस्पताल                            30
एनसीआर मेडिकल कॉलेज                     430
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज               290
सुभारती मेडिकल कॉलेज                      440
मिलट्री अस्पताल                                200
एसडीएस ग्लोबल अस्पताल                   30
आनंद अस्पताल                                 166
संतोष अस्पताल                                 100
लोकप्रिय अस्पताल                              150
न्यूटिमा अस्पताल                               60
आईएमटी अस्पताल                            50
केएमसी अस्पताल                             100
कैलाशी अस्पताल                               37
सीएनएस अस्पताल                           50
राधा गोविंद अस्पताल                         88
अपुस्नोवा अस्पताल                           50
अजय अस्पताल                               30
जगदंबा अस्पताल                            100
सिरोही अस्पताल                             35
धन्वंतरी अस्पताल                          15
जेपी अस्पताल                               25
कुल                                          2776 बेड

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