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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Special Report: Now Real Time Data Acquisition System will take action on unannounced power cut in 14 district

यूपी: अब अघोषित बिजली कटौती पर शिकंजा कसेगा आरटीडास, पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट

Wed, 07 Jul 2021 10:37 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजदीप जाखड़, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजदीप जाखड़, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 07 Jul 2021 10:37 AM IST
सार

पश्चिमी यूपी में 14 जिलों के शहरी बिजलीघरों पर बनाया जा रहा रियल टाइम डाटा एक्वीजेशन सिस्टम (आरटीडास) अघोषित बिजली कटौती पर शिकंजा कसेगा। 

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Amar Ujala Special Report: Now Real Time Data Acquisition System will take action on unannounced power cut in 14 district
बिजली कटौती फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मनमाने तरीके से शटडाउन और फाल्ट के नाम पर उपभोक्ताओं की बिजली गुल करने वाले कर्मचारी अब बच नहीं पाएंगे। 11 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के 14 जिलों के शहरी बिजलीघरों पर बनाया जा रहा रियल टाइम डाटा एक्वीजेशन सिस्टम (आरटीडास) अघोषित बिजली कटौती पर शिकंजा कसेगा। 

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इसके तहत ऊर्जा भवन पर बनाए जा रहे कंट्रोल रूम से ही सिस्टम से जुड़े बिजलीघरों की आपूर्ति देखने के साथ ही इसे कंट्रोल किया जा सकेगा। इसके लगने से बिजली कर्मचारी फाल्ट, शटडाउन, हाई और लो वोल्टेज आदि के नाम पर बंद होने वाली बिजली आपूर्ति के लिए बहाना नहीं बना सकेंगे। बिजलीघर के बंद होते ही कंट्रोल रूम में अलार्म बज उठेगा। 
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भीषण गर्मी में पावर सिस्टम बचाने के लिए बिजली अधिकारी जहां शटडाउन, फाल्ट आदि के नाम पर उपभोक्ताओं की बिजली गुल करा देते हैं, वहीं बाकी स्टाफ भी सुविधा शुल्क लेकर कार्य विशेष के लिए बिजली बंद करा देते हैं। बिजली की अघोषित कटौती से विभाग और सरकार की छवि बचाने के लिए सरकार ने बिजलीघरों की जन्मकुंडली को आरटीडास में कैद कर दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने पीवीवीएनएल को 11 करोड़ रुपये दिए हैं। 
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163 बिजलीघरों का ऑनलाइन डेटा शुरू 
आरटीडास के लिए बिजलीघर पर फीडर रिमोट टर्मिनल यूनिट (एफआरटीयू) लगाया गया है। पश्चिमांचल के 1345 बिजलीघरों में से 497 शहरी बिजलीघरों पर यह सिस्टम लगना है। अब तक 289 बिजलीघरों पर सिस्टम लगाया जा चुका है और इनमें से 163 बिजलीघरों का डाटा ऑनलाइन शुरू हो चुका है। मेरठ शहर के भी 30 बिजलीघर कवर किए जा चुके हैं। जिले के कुल 87 बिजलीघर कवर होने है।

सिस्टम में दर्ज होगा सभी ब्योरा
अधिशासी अभियंता आईटी रवि कुमार ने बताया कि आरटीडास के जरिए न केवल कंट्रोल रूम में बैठे ही फीडर पर चल रहे वोल्टेज और लोड आदि का पता चलता रहेगा बल्कि होने वाली ट्रिपिंग, ट्रिपिंग के समय और ट्रिपिंग के कारण, लो या हाई वोल्टेज, बड़ा या छोटा फाल्ट, काम के लिए लिया गया शटडाउन आदि का पता चलता रहेगा। कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी संबंधित बिजलीघर स्टाफ से फोन पर जानकारी लेने के साथ दिशा निर्देश भी दे सकेंगे।

सभी बिजलीघरों पर रहेगी एमडी की नजर 
कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही जोनवार स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। इन सभी की मॉनिटरिंग के साथ ही कंपनी एमडी भी समय-समय पर बिजलीघरों की आपूर्ति चेक कर सकेंगे। फाल्ट के कारण जान कर उससे संबंधित सामग्री आदि भी स्टोर से भेजी जाएगी ताकि तेजी से फाल्ट अटेंड कर आपूर्ति सुचारू की जा सके। 

उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध आपूर्ति 
आरटीडास के जरिए कंपनी के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों के शहरी बिजलीघरों को एफआरटीयू के जरिए ऑनलाइन किया जा रहा है। आरटीडास के जरिए कोई भी अधिकारी या कर्मचारी निजी हितों के लिए उपभोक्ताओं की बिजली प्रभावित नहीं कर सकेंगे। सिस्टम के शिकंजा कसने से उपभोक्ताओं तक शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली पहुंचाई जा सकेगी। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी, पीवीवीएनएल

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