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कोरोना महामारी के बीच अच्छी खबर, भारतीय चावल की साख बरकरार, पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट

Tue, 23 Jun 2020 03:13 PM IST
कपिल kapil मोहित कुमार, अमर उजाला, मोदीपुरम, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला, मोदीपुरम, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 23 Jun 2020 03:13 PM IST
सार

  • कोरोना काल में भी बढ़ा भारतीय चावल का निर्यात  
  • बीते सालों की तुलना में चार फीसदी की हुई वृद्धि
  • अन्य उत्पादों में आई गिरावट 

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Amar Ujala Special Report, Indian rice exports have increased four percent in the Corona period
भारतीय चावल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी के बीच यह अच्छी खबर है। एक तरफ जहां ज्यादातर सभी उत्पादों के आयात और निर्यात पर बुरा असर पड़ा है। वहीं भारतीय चावल की साख बरकरार है। भारतीय चावल का निर्यात कोरोना काल में भी करीब चार प्रतिशत बढ़ा है। वहीं मीट का एक्सपोर्ट 55 प्रतिशत गिर गया है। चावल की एक्सपोर्ट दर बढ़ने से बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान (बीईडीएफ) मोदीपुरम के वैज्ञानिकों और निर्यातकों के साथ ही किसानों में खुशी की लहर है।

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विदेशों में भारतीय चावल की धाक जमती जा रही है। कोरोना काल के दौरान तीन माह से ज्यादा लॉकडाउन रहने के बावजूद कई देशों से बीते साल की तुलना में ज्यादा मांग आई है। वाणिज्य मंत्रालय के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की रिपोर्ट के अनुसार, बीते साल 20 मार्च से 21 जून के बीच जितना चावल निर्यात किया गया, इस बार उससे कहीं ज्यादा मांग रही। भारतीय चावल का निर्यात तेजी से बढ़ा है। हालांकि कोरोना के चलते कई अन्य उत्पादों का निर्यात घटा है। इनमें मीट (55 फीसदी), अंगूर व अन्य आर्गेनिक उत्पाद भी हैं। 
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निर्यात के आंकड़े
उत्पाद                        2019              2020
चावल                      12.04 लाख         12.44 लाख  
मीट                         3.02 लाख          1.36 लाख  
अंगूर                        32000              18000 
आर्गेनिक उत्पाद         1.70 लाख           1.32 लाख 
(20 मार्च से 21 जून के बीच मीट्रिक टन में)

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भारतीय चावल अग्रणी रहा
कोरोना काल में दुनिया के खाद्य संकट को दूर करने के लिए भारतीय चावल सबसे अग्रणी रहा है। अपने निर्यात को बढ़ाते हुए भारत ने कई देशों में भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित की है। चावल का निर्यात बढ़ना अच्छी खबर है। - अरविंद गुप्ता निदेशक, बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान 

चावल के निर्यात में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बीईडीएफ इस मुश्किल घड़ी में भी किसानों के साथ खड़ा है। कम लागत में ज्यादा उत्पादन के प्रयास किए जा रहे हैं। निर्यात बढ़ने से किसानों को फायदा होगा। - डॉ. रितेश शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, बीईडीएफ 

कोरोना से लोगों का शाकाहार की ओर रुझान बढ़ा है। शाकाहारियों के बीच चावल को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। इसी कारण से विदेशों में भारतीय चावल की मांग बढ़ी है। इस दौरान लोगों ने मांसाहार से दूरी बनाई। इसी कारण मीट का निर्यात घटा है। - अजय भलोटिया अध्यक्ष, चावल निर्यात एसोसिएशन उत्तर प्रदेश

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