फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Special Report: Do you know that owl is nature scavenger

बड़े काम की चीज है उल्लू, क्या आप जानते हैं ये खास बातें

Wed, 04 Nov 2020 01:45 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 04 Nov 2020 01:45 PM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Special Report: Do you know that owl is nature scavenger
उल्लू

धरती पर पारिस्थितिकी संतुलन बनाने में उल्लू अहम भूमिका निभाता है। चूहे, छछूंदर और हानिकारक कीड़े मकोड़ों का शिकार करने के कारण इन्हें प्रकृति का सफाईकर्मी भी कहते हैं। मलेशिया में तो किसान फसल बचाने के लिए उल्लू पाल रहे हैं। वहीं दीपावली पर तंत्रमंत्र और अंधविश्वास के फेर में लोग उल्लू को मार देते हैं। इसके संरक्षण के लिए ऐसे लोगों की सूचना वन विभाग और पुलिस को दें।

विज्ञापन


वन्य जीव जंतु विशेषज्ञ जीएस खुशालिया बताते हैं कि उल्लू एक ऐसा पक्षी है जिसे दिन के मुकाबले रात में साफ दिखाई देता है। इसीलिए ये रात को ही शिकार करता है। 
विज्ञापन


ये अपनी तेज सुनने की शक्ति के दम पर ही शिकार करता है। चूहे, छछूंदर, सांप और रात को उड़ने वाले कीट पतंगे खाता है। एक उल्लू एक साल में एक हजार के आसपास चूहे खा जाता है। दुनियाभर में उल्लू की करीब 200 प्रजातियां हैं। भारत में मुख्य दो प्रजाति मुआ और घुग्घू पाई जाती है। मुआ पानी के करीब और घुग्घू खंडहरों और पेड़ों पर रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत समेत दुनिया के कई देशों में प्रचलित पौराणिक कहानियों में उल्लू को बुद्धिमान माना गया है। प्राचीन यूनानियों में बुद्धि की देवी, एथेन के बारे में कहा जाता है कि वह उल्लू का रूप धारण कर पृथ्वी पर आईं थीं। भारतीय पौराणिक कहानियों में उल्लू धन की देवी लक्ष्मी का वाहन बताया गया है। हिंदू संस्कृति में माना जाता है कि उल्लू समृद्धि और धन लाता है।

यह भी पढ़ें: मुजफ्फरनगर: खुदाई के दौरान मिला तोप का गोला, गांव में मची खलबली, मौके पर पहुंची पुलिस

फसल की रक्षा के लिए पाले उल्लू 
कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से जैव विविधता को बचाने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। मलयेशिया के पाम उत्पादकों ने फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जंतुओं और कीटों से बचाने के लिए उल्लू को पालना शुरू किया है। उन्हें पाम पेड़ों का रक्षक मानकर उनके करीब निवास बनाकर दिया जाता है। एक हजार लकड़ी के घर उल्लू पालने के लिए बनाए गए हैं। 

शिकार करने वालों की दें सूचना 
एसडीओ अनिल कुमार बताते हैं कि भारतीय वन्य जीव अधिनियम, 1972 की अनुसूची एक के तहत उल्लू संरक्षित है। ये विलुप्त प्राय जीवों की श्रेणी में दर्ज है। इनके शिकार या तस्करी पर कम से कम तीन वर्ष सजा का प्रावधान है। अगर कोई उल्लू का शिकार कर रहा है तो उसके बारे में वन विभाग को सूचना दें। 

उल्लू के बारे में खास 
- उल्लू बुद्धिमान पक्षी होता है, ये इंसान के मुकाबले 10 गुना धीमी आवाज सुन सकता है। 
- उल्लू अपने सिर को दोनों तरफ 135 डिग्री तक घुमा सकता है। 
- बेहद शांत उल्लू के कान आकार में एक जैसे नहीं होते हैं।
- दुनिया का सबसे छोटा उल्लू 5-6 इंच और सबसे बड़ा 32 इंच का है।
- उल्लू अंटार्टिका के अलावा सब जगह पाए जाते हैं।
- पलकें नहीं होने के कारण इनकी आंखे हरदम खुली रहती हैं। 
- उल्लू के पंख चौड़े और शरीर हल्का होता है, इस कारण उड़ते वक्त ये ज्यादा आवाज नहीं करते। 
- पैरों पर बहुत सारे पर होने से ये सांप से सुरक्षित रहते हैं। 
- उल्लू झुंड में नहीं रहते, ये अकेले रहना पसंद करते हैं।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed