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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Special Report: Diesel petrol consumption increased by 55 percent in three years in Meerut

Special Report: तीन साल में 55 फीसदी बढ़ी डीजल-पेट्रोल की खपत, तेजी से बढ़ रहीं वाहनों की संख्या, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Fri, 20 May 2022 11:41 AM IST
कपिल kapil आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 20 May 2022 11:41 AM IST
सार

एक रिपोर्ट के अनुसार यूपी के इस जिले में तीन साल में 55 फीसदी पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ गई है। यहां तेजी से वाहनों की संख्या बढ़ रही हैं।

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Amar Ujala Special Report: Diesel petrol consumption increased by 55 percent in three years in Meerut
पेट्रोल-डीजल। - फोटो : PTI

विस्तार

मेरठ शहर में तीन वर्ष में डीजल-पेट्रोल की खपत 55 फीसदी बढ़ गई है। कोरोना की वजह से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था कमजोर हुई और निजी वाहनों की खरीद और उपयोग तेजी से बढ़ा। माना जा रहा है कि इसी वजह से डीजल-पेट्रोल की मांग भी बढ़ी। जिले में प्रतिदिन 2,79,000 लीटर तेल की खपत हो रही है। 

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वर्ष 2018 में जिले में डीजल-पेट्रोल की खपत 1,80,000 लीटर थी। दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ उद्योग में भी डीजल का प्रयोग तेजी से बढ़ा है। जिले में हाल के दो वर्षों में दोपहिया और चार पहिया वाहनों की संख्या आठ लाख का आंकड़ा पार कर गई है। वर्ष 2017-18 में यह संख्या 6.5 लाख थी। कोविड के दौरान भी ऑटोमोबाइल बाजार में जबरदस्त तेजी रही। शहर में प्रतिदिन औसत 40 चार पहिया और 90 दोपहिया वाहनों की बिक्री होती है। त्योहारी सीजन में बिक्री पांच गुना तक बढ़ जाती है। बताया गया कि जिले में 7.5 लाख दोपहिया वाहन हैं। ऑटोमोबाइल डीलर सिद्धार्थ जैन एक सर्वे का हवाला देते हुए बताते हैं कि शहर में 40 फीसदी घरों में हर सदस्य के पास वाहन हैं।
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लघु उद्योग भारती के प्रांत पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की खपत का एक बड़ा कारण विद्युत कटौती भी है। आईआईए और लघु उद्योग भारती से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 18 हजार छोटे-बड़े उद्योग डीजल आधारित जेनरेटरों से संचालित हैं। देहात क्षेत्र में सिंचाई के लिए भी डीजल इंजनों का प्रयोग किया जा रहा है।
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वेस्टर्न यूपी चैम्बर ऑफ कॉमर्स की सचिव सरिता अग्रवाल ने कहा कि अभी तक पीएनजी पर उद्योगों के लिए कोई छूट का प्रावधान नहीं है। औद्योगिक क्षेत्र में अभी तक पीएनजी की पाइपलाइन भी नहीं पहुची है। ऐसे में उद्योग डीजल पर ही निर्भर हैं।

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45 पेट्रोल पंपों पर 1395 बैरल की खपत
शहर में 45 पेट्रोल पंप है। गढ़ रोड के एक पेट्रोल पंप संचालक पुष्कर ने बताया कि प्रतिदिन 4500 लीटर पेट्रोल और 1700 लीटर डीजल की औसत एक पेट्रोल पंप सेल करते हैं। एक बैरल में 200 लीटर पेट्रोल आता है। ऐसे में कुल पेट्रोल पंप 2,79,000 लीटर या 1395 बैरल पेट्रोल प्रतिदिन बेचते हैं।

पेट्रोल ओर डीजल की खपत प्रतिदिन
 वर्ष                       पेट्रोल            डीजल

2018-19             1,12,500       2,02,500
2021-22             67,500          76,500
नोट:- शहर के विभिन्न पेट्रोल पंप से लिए गए आंकड़े।

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