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अमर उजाला विशेष: महंगी एनपीके से किसानों की जेब पर 20 बीस करोड़ का बोझ, प्रति टन 5300 रुपये की हुई बढ़ोतरी
Sun, 07 Nov 2021 11:24 AM IST
Dimple Sirohi
राजदीप जाखड़, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 07 Nov 2021 11:24 AM IST
सार
मेरठ और सहारनपुर मंडल में हर साल 37 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एनपीके की खपत होती है। महंगी एनपीके के चलते अब मेरठ मंडल के किसानों पर जहां 10.85 करोड़ का बोझ बढ़ा है तो वहीं सहारनपुर मंडल के किसानों पर 8.87 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है।
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विस्तार
महंगे डीजल की मार झेल रहे किसानों की जेब को महंगी एनपीके खाद ने भी अब ढीला करना शुरू कर दिया है। एनपीके खाद पर प्रति टन हुई 5300 रुपये की बढ़ोतरी से मेरठ और सहारनपुर मंडल के किसानों पर करीब 20 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है।
किसानों का कहना है कि महंगे डीजल और खाद के चलते फसल लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन लागत के अनुपात में फसल के दाम नहीं मिल पा रहे हैं। लावड़ निवासी किसान महकार सैनी का कहना है कि वे हर साल करीब 12 हेक्टेयर आलू की बुआई करते हैं, जिसमें एनपीके खाद की करीब 50 बोरी लगती है। सरकार ने एनपीके खाद पर प्रति बोरी 265 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे उन पर 13250 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है।
गांव मसूरी निवासी कुलदीप काकरान ने बताया कि वे हर साल करीब 10 हेक्टेयर आलू की बुआई करते हैं। इसमें करीब 40 बोरी एनपीके खाद लगती है। 265 रुपये प्रति बोरी दाम बढ़ोतरी होने से 10600 रुपये अधिक खर्च होंगे। इस तरह के ये केवल दो ही मामले नहीं है, बल्कि मेरठ और सहारनपुर मंडल के उन किसानों की जेब पर करीब 20 करोड़ रुपये का बोझ पड़ गया है जो एनपीके खाद का प्रयोग करते हैं।
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37 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा खपत
मेरठ और सहारनपुर मंडल में हर साल 37 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एनपीके की खपत होती है। पिछले साल के एनपीके खाद खपत के आंकड़ों पर नजर डाले तो मेरठ और सहारनपुर मंडल में 37229 मीट्रिक टन एनपीके की खपत हुई थी। इसमें मेरठ मंडल में 20483 मीट्रिक टन और सहारनपुर मंडल में 16746 मीट्रिक टन की खपत हुई थी। महंगी एनपीके के चलते अब मेरठ मंडल के किसानों पर जहां 10.85 करोड़ का बोझ बढ़ा है तो वहीं सहारनपुर मंडल के किसानों पर 8.87 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है।
यह भी पढ़ें : यूपी: सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में फेरबदल, 11 नवंबर को आएंगे मेरठ, ये रहेगा कार्यक्रम
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किसानों का कहना है कि महंगे डीजल और खाद के चलते फसल लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन लागत के अनुपात में फसल के दाम नहीं मिल पा रहे हैं। लावड़ निवासी किसान महकार सैनी का कहना है कि वे हर साल करीब 12 हेक्टेयर आलू की बुआई करते हैं, जिसमें एनपीके खाद की करीब 50 बोरी लगती है। सरकार ने एनपीके खाद पर प्रति बोरी 265 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे उन पर 13250 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है।
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गांव मसूरी निवासी कुलदीप काकरान ने बताया कि वे हर साल करीब 10 हेक्टेयर आलू की बुआई करते हैं। इसमें करीब 40 बोरी एनपीके खाद लगती है। 265 रुपये प्रति बोरी दाम बढ़ोतरी होने से 10600 रुपये अधिक खर्च होंगे। इस तरह के ये केवल दो ही मामले नहीं है, बल्कि मेरठ और सहारनपुर मंडल के उन किसानों की जेब पर करीब 20 करोड़ रुपये का बोझ पड़ गया है जो एनपीके खाद का प्रयोग करते हैं।
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37 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा खपत
मेरठ और सहारनपुर मंडल में हर साल 37 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एनपीके की खपत होती है। पिछले साल के एनपीके खाद खपत के आंकड़ों पर नजर डाले तो मेरठ और सहारनपुर मंडल में 37229 मीट्रिक टन एनपीके की खपत हुई थी। इसमें मेरठ मंडल में 20483 मीट्रिक टन और सहारनपुर मंडल में 16746 मीट्रिक टन की खपत हुई थी। महंगी एनपीके के चलते अब मेरठ मंडल के किसानों पर जहां 10.85 करोड़ का बोझ बढ़ा है तो वहीं सहारनपुर मंडल के किसानों पर 8.87 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है।
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आलू की फसल में होता है एनपीके का सर्वाधिक प्रयोग
एनपीके खाद का प्रयोग आलू की फसल में सर्वाधिक होता है। इसके अलावा बाकी फसलों में भी इसका प्रयोग किया जाता है। मेरठ और सहारनपुर मंडल के जिलों की बात करें तो एनपीके की सर्वाधिक खपत सहारनपुर, मेरठ, हापुड़ और मुजफ्फरनगर जनपद में होती है।
मेरठ-सहारनपुर मंडल में एनपीके की खपत
जनपद एनपीके मीट्रिक टन में
मेरठ 6952.70
बागपत 2322.90
हापुड़ 6624.25
गाजियाबाद 185.55
बुलंदशहर 3480.10
गौतमबुद्धनगर 918
शामली 1536.50
मुजफ्फरनगर 5767.45
सहारनपुर 9442.15
कुल 37229.60
एनपीके खाद का प्रयोग आलू की फसल में सर्वाधिक होता है। इसके अलावा बाकी फसलों में भी इसका प्रयोग किया जाता है। मेरठ और सहारनपुर मंडल के जिलों की बात करें तो एनपीके की सर्वाधिक खपत सहारनपुर, मेरठ, हापुड़ और मुजफ्फरनगर जनपद में होती है।
मेरठ-सहारनपुर मंडल में एनपीके की खपत
जनपद एनपीके मीट्रिक टन में
मेरठ 6952.70
बागपत 2322.90
हापुड़ 6624.25
गाजियाबाद 185.55
बुलंदशहर 3480.10
गौतमबुद्धनगर 918
शामली 1536.50
मुजफ्फरनगर 5767.45
सहारनपुर 9442.15
कुल 37229.60