अमर उजाला पड़ताल: मेरठ में आधार कार्ड के लिए तीन हजार रुपये तक वसूली, कई मामले आए सामने
मेरठ में विभिन्न स्थानों पर खुले साइबर कैफे में फॉर्म भरने और जल्दी नंबर दिलाने के नाम पर वसूली की जा रही है। अमर उजाला ने जब इसकी पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। पढ़ें ये रिपोर्ट :-
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मेरठ शहर में विभिन्न स्थानों पर खुले साइबर कैफे में आधार बनवाने का दावा करते हुए लोगों 3000 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। ऑनलाइन डेट मिलने पर ऐसे लोगों को दिल्ली रोड फुटबॉल चौराहा स्थित यूआईडीएआई के केंद्र पर भेज दिया जाता हैं।
केंद्र के बाहर मुख्य मार्ग पर भी दलाल इन लोगों से फार्म भरने और जल्दी नंबर दिलाने के नाम पर वसूली कर लेते हैं। अमर उजाला ने जब इसकी पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। केंद्र में आए लोगों ने बताया कि उनसे साइबर कैफे संचालकों ने आधार बनवाने के नाम पर वसूली की है।
केस 1: सराय बहलीम निवासी जैबा ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने पर बार-बार रिजेक्ट हो रहा था। साइबर कैफे संचालक ने 3 हजार रुपये बताए। अभी एक हजार रुपये एडवांस जमा कर लिए हैं। अब केंद्र संचालक ने कस्टमर केयर नंबर बताया है।
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केस 2: रिठानी निवासी अमित कुमार आधार कार्ड बनवाने के लिए गए तो साइबर कैफे संचालक ने पंजीकरण के नाम पर ही 100 रुपये ले लिए। यूआईडीएआई के केंद्र पर पहुंचे तो पता चला कि सुविधा निशुल्क है।
प्रतिदिन 700 आधार कार्ड
यूआईडीएआई के द्वारा फुटबॉल चौक पर शुरू किए गए आधार केंद्र में प्रतिदिन 700 आधार कार्ड आसानी से बनाए जा सकते हैं। अधिकारी और कर्मचारियों की यहां संख्या 21 है। अभी प्रतिदिन 300 के आसपास आधार बनाए जा रहे हैं।
इन कागजात की आवश्यकता
0 से 5 वर्ष : बच्चे का कंप्यूटराइज जन्म प्रमाण पत्र, माता या पिता में से किसी का आधार कार्ड।
5 से 15 वर्ष: बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, माता या पिता का आधार कार्ड, स्कूल का सर्टिफिकेट या पार्षद द्वारा भरा गया फार्म।
18 साल से अधिक : वोटर आईडी कार्ड या पार्षद द्वारा भरा गया फार्म।
जानकारी के अभाव में लोग पैसे देते हैं। केंद्र में बिना रजिस्ट्रेशन भी आधार बनाने की सुविधा है। इन दिनों क्षमता से 50 प्रतिशत लोग भी नहीं पहुंच रहे हैं। -विजय शर्मा, सेंटर मैनेजर, यूआईडीएआई आधार केंद्र, फुटबॉल चौक।