फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Ground report: Oxygen cylinder delayed by 21 hours, Patient died

अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट :  21 घंटे देरी से मिला ऑक्सीजन सिलिंडर, उधर अस्पताल में कोरोना से जंग हार गया जिगरी दोस्त

Wed, 12 May 2021 01:39 AM IST
Dimple Sirohi राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 12 May 2021 01:39 AM IST
सार

शहर में तीन ऑक्सीजन सिलिंडर केंद्र तय होेने के बावजूद समय से नहीं मिल पाई राहत

विज्ञापन
Amar Ujala Ground report: Oxygen cylinder delayed by 21 hours, Patient died
oxygen - फोटो : amar ujala

विस्तार

होम आइसोलेट संक्रमित मरीजों के इलाज और सुविधा के लिए मेरठ जिला प्रशासन ने तीन ऑक्सीजन सिलिंडर केंद्र खोले हैं। इन केंद्रों पर मरीजों के परिजनों से सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक खाली सिलिंडर लिए जाते हैं  और 24 से 48 घंटे के अंदर भरे हुए सिलिंडर मुहैया कराने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यह दावा ही अव्यवहारिक है कि जिस मरीज को ऑक्सीजन की तत्काल जरूरत है, उसे यह ऑक्सीजन 24 घंटे के बाद मिल रही है।
विज्ञापन


लोगों का कहना है कि इससे कम समय में तो ऑक्सीजन प्लांट से ही सिलेंडर मिल जाते थे। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर अमर उजाला टीम ने तीन केंद्रों में से एक परतापुर स्थित नवभारत विद्यापीठ इंटर कालेज ऑक्सीजन केंद्र की पड़ताल की। यहां हालात चिंताजनक मिले। एक मरीज को 21 घंटे देरी से ऑक्सीजन मिला तो उसने दम तोड़ दिया। ऐसे ही अन्य तीमारदार बेहद परेशान रहे।
विज्ञापन

ऑक्सीजन की कमी में गई जिगरी दोस्त की जान
दोपहर करीब 12 बजे केंद्र पर ऑक्सीजन सिलिंडर लेने पहुंचे अछरौड़ा निवासी अमरीश शर्मा ने बताया कि माधवपुरम निवासी उनके बीमार दोस्त सुभाष के लिए सोमवार शाम तीन बजे खाली सिलिंडर जमा कराया था। अब वह सिलिंडर लेने पहुंचे हैं।

21 घंटे बाद भरा हुआ सिलिंडर मिल रहा है। वह बात कर ही रहे थे कि अमरीश के फोन पर सूचना मिली कि सुभाष नहीं रहे। इतना सुनते ही अमरीश की आंखों से आंसू बहने लगे। अमरीश बोले कि समय से ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिलने की वजह से उनका जिगरी दोस्त इस दुनिया से चला गया। 
 
घंटों इंतजार के बाद मिला ऑक्सीजन सिलिंडर
शताब्दीनगर निवासी मोहम्मद अनस ने बताया कि उनकी बुआ शाहना बीमार है। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पताल प्रबंधन ने खुद ही ऑक्सीजन का प्रबंध करने को कहा हुआ है। उन्होंने सोमवार शाम करीब चार बजे खाली सिलिंडर दिया था, जो 12:30 बजे मिला है। 
 
दादी को बचाने के लिए 25 घंटे किया इंतजार
ब्रह्मपुरी निवासी सौरभ ने बताया कि उनकी दादी की तबीयत संतोष अस्पताल में भर्ती है। उनके लिए ऑक्सीजन की जरूरत है। सोमवार सुबह 11 बजे सिलिंडर जमा कराया था जो 25 घंटे बाद मिला है।

दूसरे जिले से आया था, नहीं दिया सिलिंडर
मुरादनगर निवासी रवींद्र अपनी बीमार चाची पुष्पा के लिए ऑक्सीजन लेने आया है। रवींद्र ने बताया कि वह सिविल डिफेंस में हैं। दूसरा जनपद होने की बात कहते हुए सिलेंडर भरवाने से मना कर दिया है। सिविल डिफेंस हर आपदा में जान की बाजी लगाकर काम करता है। लेकिन जरूरत पड़ने पर उनकी नहीं सुनी जा रही है। 
 
क्या बोले अधिकारी 
परतापुर केंद्र पर सोमवार रात में ही सभी को सिलिंडर आने की सूचना दी गई थी। 20 सिलिंडर वितरित भी किए गए थे। हो सकता कि किसी कारणवश कुछ लोगों के फोन नहीं मिलने की वजह से जानकारी न दी जा सकी हो।  -मनीष बंसल, नगर आयुक्त नगर निगम मेरठ
 
पहले से कम समय में सिलिंडर देने का दावा
ऑक्सीजन सिलिंडरों के मिलने में देरी की शिकायतों पर नगर निगम ने अब पांच से छह घंटे के अंदर ही ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराने का दावा किया है। नगर अयुक्त मनीष बंसल का कहना है कि इसके लिए नगर निगम ने पूल सिस्टम तैयार किया है।

जो भी सिलिंडर आते रहेंगे, उन्हें प्लांट पर भेजकर मंगवाया जाता रहेगा। शाम चार बजे आने वाले सिलेंडरों को भी रात 9 बजे से 10 बजे तक हर हाल में दे दिया जाएगा। इसके साथ ही जिन मरीजों की हालत बेहद गंभीर है उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की भी व्यवस्था की जाएगी। किसी भी मरीज को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed