कोरोना का बढ़ता कहर... पर उम्मीद अभी जिंदा है, स्वास्थ्य विभाग की स्टडी में हुआ ये खुलासा
- मेरठ 93 प्रतिशत को छू नहीं पाया कोरोना
- मेरठ जनपद में 61 प्रतिशत ने कोरोना को हराया, जो संक्रमित हुए
- रहें सावधान तो कोरोना को हराना है आसान
विस्तार
कोरोना के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कभी 40 मरीज मिलते हैं तो कभी 33, 26 और 25 लोग इसके चपेट में आ जाते हैं। महामारी के इस दौर में भी उम्मीद बाकी है। मेरठ में अब तक 18 हजार 315 लोग ऐसे हैं, जो हिम्मत दे रहे हैं। उन्होंने अपनी जांच कराई और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। यानी कोरोना उन्हें छू नहीं सका।
बृहस्पतिवार तक मेरठ के 19 हजार 633 लोगों की जांच हुई है। ये वे लोग हैं, जिन्हें या तो कोरोना जैसे लक्षण थे, या इनका कोई परिवारवाला, परिचित या रिश्तेदार कोरोना की चपेट में आ चुका था। यानी खतरा था, मगर इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कहें या फिर कोरोना से न हारने की हिम्मत। कोरोना इन्हें चपेट में नहीं ले पाया। इतना ही नहीं, करीब 61 प्रतिशत (443 लोग) ऐसे भी हैं, जिन्हें कोरोना तो हुआ, मगर उन्होंने उसे 14 दिन के भीतर हरा दिया और अब वे ठीक हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की स्टडी रिपोर्ट में हुआ है, जो साफ कहती है कि अभी भी वक्त है, संभल सकते हैं। सोशल डिस्पेंसिंग का पालन कर कोरोना को और भयावह होने से रोक सकते हैं।
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सात प्रतिशत हुए संक्रमित
अभी महज सात प्रतिशत लोग ही कोरोना संक्रमित हुए हैं। इनमें भी ज्यादातर वे लोग हैं जिन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया है। लिहाजा घबराने की जरूरत नहीं है। समझदारी से सोशल डिस्टेंसिंग और एहतियात कदम उठाने की जरूरत है। जो लोग कोरोना की चपेट में आए हैं इनमें अधिकांश युवा और कामकाजी लोग हैं और उसकी वजह यह है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग का कम पालन कर रहे हैं। 19 साल से लेकर 50 साल उम्र वालों की कैटेगरी का प्रतिशत तो 60 फीसदी से भी ज्यादा है।
रहें सावधान तो कोरोना को हराना है आसान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि इस रोग से कोई भी प्रभावित हो सकता है। इस बीमारी को हराने में सभी सक्षम हैं। इस वायरस से जुड़ी बारीकियों में से एक बात यह है कि किसी व्यक्ति में यह संक्रमण बहुत हल्का हो सकता है, जहां संक्रमण के कोई संकेत या लक्षण नहीं दिखते, लेकिन फिर भी वह व्यक्ति इस वायरस का वाहक बन सकता है और उस व्यक्ति से यह दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकता है, इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग रखनी चाहिए।
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