कंकण सूर्यग्रहण 21 जून को होगा। इसके लिए शनिवार रात करीब सवा नौ बजे से सूतक काल लग जाएगा। वहीं, सोमवार सुबह से मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। अगली स्लाइडों में जानिए ग्रहण पड़ने पर क्या करें और क्या न करें-
सूर्य ग्रहण 2020: आज रात से लग जाएगा सूतक काल, जानें, ग्रहण में क्या करें और क्या न करें
ग्रहण में बढ़ेगा पृथ्वी पर रोग
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स का कहना है कि सूर्य ग्रहण का पृथ्वी पर खासा प्रभाव होता है। इस दौरान छाया पृथ्वी पर पड़ती है। ऐसे में ग्राह्य पृथ्वी होती है। इसी कारण ग्रहण के समय अन्न का त्याग बताया है। शिवपुराण में सूर्यग्रहण के समय को पृथ्वी पर रोग उत्पन्न होने वाला बताया है। जिसके निवारण के लिए स्नान, जप, दान आदि बताए हैं। ऐसे में ग्रहण के स्पर्श के समय नदी में स्नान उचित माना जाता है। ग्रहण में मध्य में स्नान नहीं करना चाहिए। मध्य में होम और देव पूजन होना चाहिए।
ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें
- ग्रहण में स्पर्श के समय स्नान, मध्य में होम और मोक्ष के समय अन्न वस्त्रादि का दान और सर्वमुक्त होने पर पुन: स्नान करें।
- ग्रहण के सूतक और मध्य में जप-पाठ, मंत्र स्त्रोत्र पाठ, मंत्र सिद्धि व ध्यान आदि कृत्यों का संपादन करना कल्याणकारी होता है।
- गर्भवती महिलाएं सूतक और ग्रहण काल में सिर ढककर पानी वाला नारियल गोद में रखें एवं एक शस्त्र पास में लेकर बैठ जाएं। पाठ आदि करते हुए प्रभु में मग्न रहें।
- अनावश्यक खाना-पीना, निद्रा, तेल लगाना, झूठ बोलना, वृथा वार्तालाप, नाखून काटना, सब्जी काटना, पापड़ सेकना, अग्नि जलाना आदि कार्य न करें।
- वृद्ध, रोगी या गर्भवती महिलाओं को यथानुकूल भोजन या दवा लेने में कोई दोष नहीं है।
देश में ग्रहण का समय व अवधि
- 9:15 सुबह ग्रहण प्रारंभ
- 10:17 कंकण प्रारंभ
- 12:10 परमग्रास मध्य, कंकण प्रारंभ
- 14:02 कंकण समाप्त
- 15:04 ग्रहण समाप्त
- ग्रहण की कुल अवधि - पांच घंटे 48 मिनट तीन सेकेंड
मेरठ में ग्रहण का समय
- 10:21 ग्रहण प्रारंभ
- 12:03 ग्रहण मध्य
- 13:49 ग्रहण समाप्त
- ग्रहण की कुल अवधि - तीन घंटे 28 मिनट 24 सेकेंड