अमर उजाला एक्सक्लूसिव: डीएम को अवमानना का नोटिस जारी, करोड़ों की जमीन से जुड़ा है मामला
उत्तर प्रदेश के मेरठ में आपका बाजार मामले में प्रशासन पूरी तरह फंस चुका है। जमीन का मुआवजा सिर्फ 56 करोड़ बैठ रहा है, लेकिन क्षतिपूर्ति 200 करोड़ के पार पहुंच गई है। इस मामले में क्षतिपूर्ति सहित पैसा देने का हाईकोर्ट आदेश कर चुका है, लेकिन प्रशासन इसका पालन नहीं करा पा रहा है। अब कोर्ट की अवमानना में आठ फरवरी को सुनवाई होगी। पूर्व डीएम अनिल ढींगरा के अधिग्रहण आदेश के कारण प्रशासन की मुश्किल बढ़ गई है।
बेगमपुल रोड स्थित आपका बाजार की जमीन 1966 में किराया अधिनियम के तहत तत्कालीन डीएम ने लेकर आपका बाजार को दी थी। 1983 में इसे मुक्त कर दिया गया, लेकिन आपका बाजार ने जमीन खाली नहीं की। इस पर जमीन मालिक की तरफ से आपत्ति दायर की गई। 1988 में तत्कालीन डीएम ने जमीन का अधिग्रहण करने का आदेश जारी कर दिया।
जमीन मूल्यांकन में उस समय 52 लाख रुपये देना तय हुआ। लेकिन आपका बाजार अधिग्रहण की धनराशि समय पर नहीं दे पाया। इसके चलते धनराशि बढ़ती चली गई।
आपका बाजार द्वारा जब पूर्व में तय मूल्यांकन के अनुसार ही धनराशि जमा करने का प्रस्ताव रखा गया तो मामला कोर्ट पहुंच गया। यह लड़ाई हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची और जमीन मालिक के पक्ष में फैसला हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने अधिग्रहण की प्रक्रिया को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश पारित होने पर जमीन मालिक ने अपनी जमीन पर कब्जे की मांग की, लेकिन मामला खिंचता चला गया। 2018 में आपका बाजार में भाजपा का प्रभुत्व आया तो सत्ताधारी नेताओं के दबाव में अनिल ढींगरा ने फिर से अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी।
56 करोड़ रुपये बैठ रहा है जमीन का मुआवजा
200 करोड़ हुई क्षतिपूर्ति
- 1966 में किराया अधिनियम के तहत तत्कालीन डीएम ने बेगमपुल रोड पर जमीन आपका बाजार को दी थी
- 1983 में इस जमीन को मुक्त कर दिया गया
- 1988 में भी तत्कालीन डीएम ने जमीन का अधिग्रहण करने का आदेश दिया था, तब आपका बाजार तय राशि नहीं दे पाया
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अवमानना का वाद दायर
जमीन मालिक वकील चंद जैन ने डीएम को पार्टी बनाकर हाईकोर्ट में अवमानना का वाद दायर कर दिया। इस पर आठ फरवरी को सुनवाई होनी है।
एक भूल ने उलझा दिया मामला
ढींगरा ने आपका बाजार सोसायटी से बिना पैसा जमा कराए ही अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू करा दी। जमीन मालिक ने भी सहमति दे देते हुए मांग रखी कि अधिग्रहण मूल्यांकन नई नीति से होगा, लेकिन इसके साथ ही अब तक जमीन पर जो कब्जा आपका बाजार का रहा है, उसकी क्षतिपूर्ति भी ब्याज सहित देय होगी। अधिग्रहण प्रक्रिया में जमीन का मुआवजा 56 लाख रुपये देना तय हुआ लेकिन, प्रशासन क्षतिपूर्ति को दबा दिया गया। जमीन मालिक हाईकोर्ट पहुंच गए। जमीन मालिक ने बताया कि आपका बाजार का कब्जा 1966 से है और क्षतिपूर्ति 1988 से बैठती है। लेकिन प्रशासन 1992 से क्षतिपूर्ति का आंकलन कर रहा है।
ऐसे में 1992 से अब तक की क्षतिपूर्ति 200 करोड़ बैठती है, जो ब्याज सहित 213 करोड़ के आसपास है। जमीन अधिग्रहण मूल्यांकन धनराशि के साथ उसे यह क्षतिपूर्ति भी दिलाई जाए। कोर्ट ने डीएम को भुगतान कराने का आदेश दिया। लेकिन प्रशासन भुगतान तो दूर आपका बाजार से जमीन भी खाली नहीं करा पाया।
- हर माह देना होगा 30 लाख
क्षतिपूर्ति की जो दर निकलकर सामने आई है, वह बहुत ज्यादा है। इस मामले का निस्तारण जब तक होगा तब तक 30 लाख रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त देना होगा। इसके चलते मुसीबत कम होती नहीं, बल्कि बढ़ती नजर आ रही है। अब प्रशासन इससे बचने के तमाम रास्ते खोजने पर लगा है। तीन एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट की टीम रिकॉर्ड रूम में इस जमीन का पूरा रिकॉर्ड खंगालने में जुटे हैं।
- शासन स्तर से होगा फैसला
उपभोक्ता सहकारी भंडार (आपका बाजार) के अध्यक्ष संजीव बंसल का कहना है कि पूरा मामला प्रशासन और शासन का है। हमारी सोसायटी के पास इतना पैसा नहीं है कि वह अपने स्तर से कोई भी भुगतान कर सके। जो भी आदेश प्राप्त होगा, उसका पालन कराया जाएगा।
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