एक्सक्लूसिव: कताई मिल का मूल्यांकन करेगी सात सदस्यीय समिति, गुरुग्राम की कंपनी तैयार करेगी रिपोर्ट
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मेरठ में परतापुर कताई मिल की जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए कार्रवाई में तेजी आ गई है। शुक्रवार को कानपुर में यूपीसीडा की बोर्ड बैठक में मिल के मूल्यांकन के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। साथ ही मिल की जमीन के मूल्यांकन की जिम्मेदारी गुरुग्राम की सर्वे कंपनी ई एंड वाई को सौंप दी गई है। कंपनी मूल्यांकन कर जल्द ही रिपोर्ट सौंपेगी।
यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में सिक यूनिट सेल के नाम से गठित यह समिति मेरठ की कताई मिल के साथ ही प्रदेश की सभी बीमार इकाइयों को प्राधिकरण के लैंड बैंक में सम्मिलित करने के लिए काम करेगी। प्रदेश में जहां भी सिक यूनिट हैं, उनकी जमीनों को इसी समिति के माध्यम से यूपीसीडा के लैंड बैंक में शामिल किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष यूपीसीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार राय होंगे। समिति में छह अन्य सदस्यों में यूपीसीडा के महाप्रबंधक विधि, आरके देव, महाप्रबंधक, आयुक्त एवं उद्योग निदेशक द्वारा नामित अधिकारी, एमडी यूपीएफसी से नामित अधिकारी, अजयदीप प्रबंधक व अरविंद मोहन सिंह प्रबंधक सदस्य होंगे।
ये सात सदस्यीय समिति कताई मिल संबंधी सभी प्रक्रियाओं को संचालित करेगी। ई एंड वाई सर्वे एजेंसी से अनुराग अवस्थी व निवेदिता सरीन की देखरेख में मूल्यांकन होगा। सर्वे कंपनी को यूपीएसटीसी के मुख्यालय कानपुर से सारी जानकारियां मिलेंगीं। जमीन का मूल्यांकन होने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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अब यह होगा
- यूपीसीडा, सूत निगम व सर्वे एजेंसी मिलकर जमीन का मूल्यांकन करेंगे। मूल्यांकन रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी
- शासन यूपीसीडा के माध्यम से मूल्यांकन राशि में से पहले उप्र राज्य सूत निगम के कर्ज और बकाया चुकाएगा
- कर्जों और बकायों का भुगतान होने के बाद सूत निगम मिल की जमीन यूपीसीडा को हैंडओवर करेगा
- यूपीसीडा को जमीन मिलने के बाद यहां औद्योगिक क्षेत्र का विकास करने के लिए आगे का काम शुरू होगा
खेल उद्यमियों ने मांगी तीन लाख वर्ग मीटर जमीन
कताई मिल पर बसने वाले नए औद्योगिक क्षेत्र पर खेल कारोबारियों ने दावा ठोंका है। खेल उद्यमियों ने यहां स्पोर्ट्स सिटी बनाने की मांग की है। उद्यमियों ने खेल सामान निर्यात संवर्धन परिषद के माध्यम से भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय और प्रदेश सरकार को कताई मिल में खेल इकाइयों को जमीन देने के लिए आवेदन भेजा है।
मेरठ का खेल उद्योग दुनियाभर में मशहूर है। सभी राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में खेल उपकरण मेरठ से निर्यात किए जाते हैं। यहां क्रिकेट का सामान, फुटबॉल, टेबल टेनिस, एथलेटिक्स, जिम, फिटनेस उपकरण व ट्रैक सूट सहित अन्य खेल उपकरणों का काम बड़े स्तर पर होता है। ऐसे में उद्यमियों को कारोबार के विस्तार के लिए जमीन चाहिए। शहर में एकमात्र स्पोर्ट्स कांप्लेक्स है। बाकी उद्यमियों ने परतापुर, उद्योगपुरम, मवाना रोड और सूरजकुंड में फैक्टरियां लगाई हैं। अब उद्यमी इकाइयों का विस्तार करना चाहते हैं। मेरठ का खेल उद्योग एक जिला एक उत्पाद में भी है। इसलिए यहां नई इकाइयां भी खुलने की कतार में हैं लेकिन जमीन न होने के कारण कारोबार बढ़ नहीं रहा।
इसीलिए खेल उद्यमियों ने केंद्र सरकार व उप्र सरकार से मांग की है कि कताई मिल की 90 एकड़ भूमि में खेल इकाइयों को जमीन दी जाए। उद्यमियों ने तीन लाख वर्ग मीटर जमीन की मांग की है, जिसमें 70 से अधिक इकाइयां लगाई जानी हैं और कुछ का विस्तार होना है। इकाइयों के प्रस्ताव कई साल से यूपीएसआईडीसी के पास लंबित है, लेकिन जमीन नहीं मिल रही। हालांकि कताई मिल से खेल उद्यमियों की जमीन की मांग पूरी नहीं हो सकती मगर उन्हें कुछ लाभ मिल सकता है।
मेरठ आना चाहती हैं कई यूनिटें
लंबे समय से मेरठ के खेल उद्योग का विस्तार नहीं हुआ है। कई नई यूनिटें मेरठ आने की योजना में हैं। पुरानी यूनिटों का विस्तार होना है। कुछ स्थानीय कारोबारी नई यूनिट लगाना चाहते हैं। उनको जमीन नहीं मिल रही। इसलिए कताई मिल में खेल कारोबारियों को जमीन देने की मांग केंद्र और राज्य सरकार दोनों से की गई है। - तरुण दीवान, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, स्पोर्ट्स गुड्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल
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