एक्सक्लूसिव: आवास विकास के भूखंड पर निर्माण, एमडीए ने किया सील, विशाल मेगा मार्ट की तर्ज पर हुआ खेल
- अजब गजब: परिषद ने 1977 में अधिग्रहण कर भूस्वामी को प्रतिकर दे दिया, लेकिन कब्जा नहीं लिया
- 2011 में शास्त्री नगर नई सड़क पर स्थित 511 वर्गमीटर के भूखंड की रजिस्ट्री बिल्डर ने करा ली
विस्तार
मेरठ में आवास एवं विकास परिषद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने में ही लाचार नहीं है, अपनी जमीन की देखभाल में भी पूरी तरह लापरवाह है। परिषद ने जिस भूखंड का 43 साल पहले अधिग्रहण कर भूस्वामी को प्रतिकर दे दिया था, अब उस पर कब्जा कर व्यावसायिक निर्माण शुरू कर दिया गया है। बड़ी बात ये है कि परिषद के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इस भूखंड पर हो रहे अवैध निर्माण को मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने सील कर दिया है।
आवास एवं विकास परिषद के निर्माण खंड-8 के अंतर्गत शास्त्री नगर में आवासीय योजना के अंतर्गत 1977 में खसरा संख्या 6042 और 6043 का अधिग्रहण किया गया था। उस समय 17.70 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से इसका प्रतिकर भूस्वामी को दे दिया गया था। इस जमीन के काफी हिस्से पर परिषद ने कब्जा लेकर भूखंड आवंटित कर दिये थे लेकिन कुछ भूखंड ऐसे ही छोड़ दिए गए।
इसी खसरा नंबर के एक भूखंड (क्षेत्रफल 511 वर्गमीटर) पर कब्जा नहीं लिया। परिषद की लापरवाही का फायदा उठाते हुए उक्त भूखंड की शहर के एक बिल्डर ने 2011 में रजिस्ट्री करा ली। कुछ दिन पहले यहां व्यावसायिक निर्माण शुरू करा दिया।
40 पिलर पर बनाया जा रहा था व्यावसायिक कांप्लेक्स
शास्त्री नगर नई सड़क स्थित क्षेत्र परिषद के अंतर्गत आता है फिर भी परिषद ने निर्माण कार्य का संज्ञान नहीं लिया। दूसरी ओर एमडीए ने जाकर यहां सील लगा दी। भूखंड पर 40 पिलर तैयार कर कई मंजिला व्यावसायिक कांप्लेक्स बनाने की तैयारी थी। सील लगाने के बाद से काम रुका हुआ है।
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विशाल मेगा मार्ट की तर्ज पर हुआ खेल
गढ़ रोड स्थित विशाल मेगा मार्ट वाली बिल्डिंग भी एक बिल्डर ने परिषद की जमीन पर कब्जा कर बनाई थी। बाद में एमडीए ने सील लगा दी। फिर परिषद और एमडीए अपने-अपने क्षेत्र को लेकर उलझ गये और मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है।
कब्जेदार के पक्ष में भाजपा नेता का दबाव
भाजपा का एक वरिष्ठ नेता भूखंड पर कब्जा करने वाले के पक्ष में दबाव बनाए हुए है। इसके चलते आवास एवं विकास परिषद ने चुप्पी साध ली है लेकिन अब इसे एमडीए के जरिए उलझाया जा रहा है।
साढ़े चार करोड़ से ज्यादा है भूखंड की कीमत
परिषद के इस भूखंड का सर्किल रेट 90 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इस आधार पर वर्तमान में इसकी कीमत 4.50 करोड़ रुपये से ज्यादा है। बाजार के हिसाब से इसकी कीमत इससे भी ज्यादा है।
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