Amar Ujala Exclusive: संविदा कर्मियों के भुगतान में 40 लाख का घोटाला, अफसर ने कर दिया गबन
उत्तर प्रदेश के बड़ौत में ऊर्जा निगम के एक अफसर ने दो ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर गबन को अंजाम दिया। संविदा कर्मियों के भुगतान में 40 लाख का घोटाला सामने आया है।
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आपको बता दे कि ऊर्जा निगम के एक डिवीजन में लगभग 250 संविदा कर्मी पिछलें कई वर्षो से काम करते आ रहे है। जिन्हें 10 से 12 हजार रूपये मानदेय के रूप में दिएं जा रहे है। इसके अलावा संविदा कर्मियों को संबंधित ठेकेदार द्वारा ईपीएफ/ ईएसआई के अलावा अन्य सुविधा भी विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन शामली जनपद के दो ठेकेदार जो वर्षो से जनपद में टेंडर पर काम करते आ रहे है, उनके द्वारा न तो संविदा कर्मियों को ईपीएफ/ईएसआई दिया गया और न ही न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अंतर्गत भुगतान दिया गया।
इसको लेकर संविदा कर्मचारियों ने जमकर हंगामा भी किया था। जिसके बाद विभाग में तैनात समक्ष दो अधिकारी ने उक्त दोनों ठेकेदारों का भुगतान रोक दिया गया था, लेकिन जैसे ही उक्त दो अधिकारियों का जनपद से स्थानांतरण हुआ, वैसे ही उनकी जगह पर तैनाती लेने के बाद आए एक अन्य अफसर ने नियमों को ताक पर रखकर संविदा कर्मियों का ईपीएफ/ईएसआई सहित अन्य भुगतान रोक रखा और बाद में ठेकेदारों से मिलीभगत कर संविदा कर्मियों के 70 लाख में से 40 लाख का भुगतान दो किस्तों के रूप में कर दिया। इसकी शिकायत ऊर्जा निगम के एमडी को प्राप्त हुई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच बैठा दी। जिससे पूरे विभाग में खलबली मच गई है।
निगम के दो अधिकारियों ने ठेकेदारों के भुगतान पर लगाई थी रोक
ठेकेदारों द्वारा संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अंतर्गत भुगतान न देने के अलावा संविदा कर्मचारियों का ईपीएफ/ईएसआई न देने की शिकायत पर निगम के ही दो अधिकारियों ने उक्त ठेकेदारों का लगभग 70 लाख का भुगतान रोक दिया था।
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शामली जनपद के एक दोनों ठेकेदार, दो किस्तों में किया लाखों का भुगतान
लाखों रूपयों के गबन में शामिल उक्त अधिकारी ने शामली जनपद के दो ठेकेदारों के साथ इस लाखों रूपयों के घोटाले को अंजाम दिया है और एक किस्त 17 लाख 50 हजार 772 व दूसरी किस्त 21 लाख 80हजार 500 रूपयों का भुगतान कर डाला।
एमडी को कराया था अवगत
इस संबंध में एसई रणविजय सिंह का कहना है कि एक व्यक्ति ने पूरे प्रकरण की शिकायत मेरे अलावा एमडी से की थी। जिसके बाद एमडी ने पूरे प्रकरण की जांच बैठा दी है। मै भी अपने स्तर पर जांच कर रहा हू।
मुकेश पंवार