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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Exclusive: 49 percent less rain in Meerut and 52 percent in Muzaffarnagar

अमर उजाला एक्सक्लूसिव : मानसून सीजन में शुरुआत में ही दगा दे रहा मौसम, मेरठ-मुजफ्फरनगर में उम्मीद से कम हुई बारिश

Tue, 13 Jul 2021 10:29 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 13 Jul 2021 10:29 AM IST
सार

मौसम वैज्ञानिक डॉ यूपी शाही का कहना है कि चौबीस घंटे में वेस्ट यूपी में मौसम बदलेगा और माध्यम बारिश होने के आसार हैं। कहीं पर बारिश ज्यादा भी हो सकती है। 

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Amar Ujala Exclusive: 49 percent less rain in Meerut and 52 percent in Muzaffarnagar
मेरठ में शाम को खुशनुमा दिखा मौसम - फोटो : amar ujala

विस्तार

मानसून के शुरुआत में ही पश्चिमी यूपी में बदरा रुठे रुठे नजर आ रहे हैं। मौसम दगा दे रहा है और गर्मी का रौद्र रुप बढ़ता ही जा रहा है। मानसूनी सीजन की शुरुआत में वेस्ट यूपी में 45 प्रतिशत तो मेरठ में करीब 49 प्रतिशत बारिश अभी तक कम हुई है। मानसूनी सीजन में इस बार मेरठ हीं नहीं वेस्ट यूपी में भी बारिश का आंकड़ा कम रहा है। 

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भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अभी तक मानसून सीजन मे अच्छी बारिश की संभावना जता रखी है, लेकिन मेरठ और वेस्ट यूपी में इस बार बारिश शुरुआत से ही बहुत कम हुई है। औसत से कम बारिश ने किसानों और वैज्ञानिकों की भी चिंता बढा दी है। मानसून का सीजन 1 जून से शुरु हो जाता है।
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1 जून से 12 जुलाई तक के आंकडों पर गौर करें तो बारिश बहुत कम हुई है। खासकर मेरठ की बात करें तो 49 प्रतिशत कम है और वेस्ट यूपी में 45 प्रतिशत कम है। मुजफ्फरनगर में 52 व बागपत में 63 और शामली में 69 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पिछले दो दिन से आसमान पर बादल तो है तो लेकिन बरस नहीं रहे है। 
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बदल दिख रहे है और मौसम के बीच बारिश की दरकार बढ़ती जा रही है,लेकिन बारिश धोखा दे रही है। सोमवारको भी मौसम का मिजाज ऐसे ही रहा। दिन भर गर्मी का असर दिखाई दिया। दिन में कई बार बादल आए, तो लगा कि बारिश होगी, लेकिन बदरा ऐसे ही निकल गए। मौसम वैधशाला पर अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश कम होने से क्या है नुकसान 
-कम बारिश में धान की फसल पर अधिक असर दिखेगा 
-मानसून के साढ़े तीन माह के सीजन में नार्मल बारिश बहुत जरुरी है 
-अगर बारिश नोरमल से कम रहती है तो वह चिंता का विषय है। 
-हार बार बारिश कम होती जा रही है, इसका असर आने वाले समय में दिखाई देगा। 
-फसलों में सबसे अधिक बारिश के  पानी का असर दिखता है। 
-बारिश का पानी फसलों में लगने से दिन रात बढ़ती है। 
-वॉटर लेवल पर भी असर दिखता है, जो हर साल कम होता जा रहा है। 
-मानसून के अलावा सर्दी के सीजन में भी बारिश नहीं होती है, जो होनी चाहिए। 
-मेरठ में सामान्य बारिश 732 मिमी होनी चाहिए 
-धीरे धीरे बारिश होने से फसलों को अधिक  लाभ मिलता है।
 
वेस्ट यूपी के दस जिलों में ये हुई अब तक बारिश 
जनपद        मिमी 
वेस्ट यूपी में   45 कम 
मेरठ            49 
बागपत          63 
मुजफ्फरनगर     52 
शामली           69 
सहारनपुर         67 
बिजनौर           36 
गाजियाबाद        87 
नोएडा             82 
मुरादाबाद          4 
संभल              4  

वेस्ट यूपी में बारिश कम हुई है, मानसून की शुरुआत में ही काफी कम बारिश हुई है। जून में एक दो बारिश अच्छी हो गई थी, लेकिन इसके बाद नहीं हुई। चौबीस घंटे में वेस्ट यूपी में मौसम बदलेगा और माध्यम बारिश होने के आसार हैं। कहीं पर बारिश ज्यादा भी हो सकती है। इस बार मानसूनी बारिश सामान्य रहने की संभावना है। वेस्ट यूपी के 10 जिलों में बारिश सामान्य से भी कम हुई है। -डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विवि 

फसलें हो रहीं प्रभावित 
बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा के अनुसार बारिश न होने के कारण फसले प्रभावित हो रही हैं। वेस्ट यूपी में किसान बड़े स्तर पर धान की बुवाई करते हैं, लेकिन बारिश समय पर न होने के कारण धन की बुवाई भी प्रभावित हो रही हैं। साथ ही गन्ना, चारा, सब्जी आदि फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। इस समय फसलों को मानसूनी बारिश की जरुरत है। बारिश न होने के कारण फसलों को भी नुकसान हो रहा है, जिससे किसान भी चिंतित हो रहे हैं। 

ट्यूबवैल भी कम दे रहे है पानी 
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण किसानों की ट्यूबवैल भी कम पानी दे रहे हैं। सबमर्सिबल के पानी आधा ही रह गए, ऐसे में किसानों को रात दिन टयूबवैल चलाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद भी खेतों में सिंचाई की पूर्ति नहीं हो रही है, जिस कारण से किसान भी परेशान हैं। जब तक अच्छी बारिश नहीं होगी, तब तक टयूबवैल का पानी भी नहीं बढ़ेगा।

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