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गाजियाबाद और मेरठ में हवा ज्यादा जहरीली

Sun, 27 Oct 2019 01:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Oct 2019 01:15 AM IST
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Air is more toxic in Ghaziabad and Meerut
मोदीपुरम/मेरठ। गाजियाबाद और मेरठ की हवा शनिवार को ज्यादा जहरीली रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) भी इन दोनों जिलों में सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार दीपावली पर हवा की गति धीमी रहने और आतिशबाजी से वायु और ध्वनि दोनों तरह के प्रदूषण का असर काफी बढ़ सकता है। सहायक प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी योगेंद्र कुमार के अनुसार अगर हवा की गति बढ़ जाएगी को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। दीपावली को लेकर ध्वनि प्रदूषण की भी निगरानी की जा रही है।
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दिल्ली एनसीआर में पिछले पंद्रह दिनों से हवा की गुणवत्ता ज्यादा खराब हो रही है। इस एक बड़ा कारण हवा की गति धीमी रहना है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हवा का दबाव कम रहने से स्मॉग की चादर आसमान के निचले स्तर पर जमा हो जाती है। जिससे एक बार को लगता है कि बारिश का मौसम बन रहा है। लेकिन ऐसा होता नहीं।
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बढ़ता जा रहा प्रदूषण
प्रमुख शहरों की सूची में गाजियाबाद का एक्यूआई सबसे ज्यादा 303 रहा, जबकि मेरठ का 292 और बागपत का 291 दर्ज किया गया। मेरठ में सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा पल्लवपुरम में 303 दर्ज की गई। इसका कारण दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वाहनों की संख्या बढ़ना भी है।
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मौसम पर पड़ेगा असर
हवा की गुणवत्ता खराब होने का असर सीधे मौसम की चाल पर पड़ेगा। सामान्य से ऊपर जा रहे वायु प्रदूषण का स्तर मौसम को और भी बदल देगा। अभी मौसम में नमी बढ़ रही है, जिस कारण से सर्दी रात में बढे़गी।
शाम होते ही बढ़ जाता है प्रदूषण
मौसम मेें आ रहे बदलाव और हवा की रफ्तार धीमी होने से शाम होते ही पॉल्यूशन का लेवल और बढ़ जाता है। जिस कारण से हवा में धूल भरे कण बढ़ जाते है। महानगर में पीएम 2.5 का लेवल बढ़ने से सांस के रोगियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पल्लवपुरम में शनिवार को दिन का एक्यूआई 280 के आसपास रहा, वहीं शाम होते होते 300 को पार कर गया। रविवार को भी दीपावली के चलते शहर में स्थिति ऐसे ही रहेगी।

पटाखे के दौरान से रखें ध्यान
- दीपावली पर कम प्रदूषणकारी/ग्रीन पटाखों का ही प्रयोग करें
- विश्वसनीय लाइसेंस धारक विक्रेता से ही आतिशबाजी खरीदें
- आतिशबाजी/हवाई आतिशबाजी हमेशा खुले मैदान व सुरक्षित क्षेत्र में करें
- छूटे गए पटाखे पानी की बाल्टी में डालें ताकि आग लगने तथा जलने से बचा जा सके।
- पटाखे जलाते समय बच्चों के साथ अभिभावक व वयस्क साथ रहें।
- पटाखे जलाते समय आग बुझाने के लिए हमेशा पानी से भरी बाल्टी तैयार रखें।
ये न करें
- सीरीजयुक्त पटाखों/लड़ियों का प्रयोग न करें
- पटाखे हाथ में पकड़कर न जलाएं
- पटाखे जलाते समय ढीले कपड़े न पहनें
- घर के अंदर व सार्वजनिक रास्तों पर पटाखे न जलाएं
- बिजली के तारों/पेड़ों के नीचे पटाखे न जलाएं
- नकली व अवैध पटाखों का प्रयोग न करें
- शांत क्षेत्र, अस्पताल, धार्मिक स्थल आदि के आसपास पटाखे न छोड़ें
- पटाखों के पास जलती हुई मोमबत्ती, माचिस, अगरबत्ती न रखें, धूम्रपान न करें
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प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों से बचें
दीपावली को लेकर शहर में प्रदूषण की निगरानी की जा रही है। ऑनलाइन पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम से भी मॉनीटरिंग चल रही है। दीपावली पर पटाखे छोड़ने का समय रात 8 से 10 बजे तक है। प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों से आमजन को बचना चाहिए। इससे पैदा होने वाले प्रदूषण से जनता को ही परेशानी होती है। -आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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प्रमुख शहरों में एक्यूआई
गाजियाबाद 303
मेरठ 292
बागपत 291
दिल्ली 287
मुजफ्फरनगर 286
नोएडा 280
ग्रेटर नोएडा 248
हापुड़ 198
बुलंदशहर 172
आगरा 78
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