अहमदाबाद ब्लास्ट केस: 42 साल पहले मेरठ से गया था जियाउर्रहमान का परिवार, अब मिली फांसी की सजा
जियाउर्रहमान मूल रुप से अगवानपुर गांव का निवासी है। इसकी जानकारी लगने पर मेरठ एलआईयू ने भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी। गांव में जियाउर्रहमान और उसके परिवार का क्या कनेक्शन है, इसकी जानकारी लेने के लिये एलआईयू की टीम जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट मामले में 38 आरोपियों को फांसी की सजा दी गई है। इस केस में एक आरोपी जियाउर्रहमान मूलरूप से परीक्षितगढ़ के अगवानपुर गांव का है। जियाउर्रहमान के पिता अब्दुल रहमान की पीडब्ल्यूडी में 1975 में नौकरी लग गई थी। सीतापुर में तैनाती के चलते अब्दुल रहमान ने पांच साल बाद 1980 में गांव छोड़ दिया था और परिवार को दिल्ली शिफ्ट हो गया था। गांव में जियाउर्रहमान का चाचा फजलू परिवार के साथ रहते हैं। जेल में रहते हुए जियाउर्रहमान को ओखला दिल्ली में चुनाव लड़ाने के लिए अगवानपुर से 300 से अधिक लोग गए थे।
चाचा फजलू ने बताया कि जियाउर्रहमान के पिता अब्दुल रहमान उनके सौतेले भाई हैं। अब्दुल रहमान की पीडब्ल्यूडी में नौकरी लग गई थी। इसके बाद अब्दुल रहमान परिवार सहित गांव से चले गए थे। 1980 में अब्दुल रहमान ने अपना घर बेच दिया था। फजलू ने बताया ने बताया कि जयाउर्रहमान सहित 10 भाई-बहन हैं। इनमें वह दूसरे नंबर का है।
परिवार पढ़ा-लिखा है। जियाउर्रहमान ने बीए की पढ़ाई जामिया से की थी। जेल जाने के बाद भी वह लगातार पढ़ाई करता रहा। जेल से उसने एमए की परीक्षा पास की है। अब्दुल रहमान का परिवार दिल्ली में ही पढ़ा है। जियाउर्रहमान दिल्ली ओखला से एक बार नगर निगम का चुनाव लड़ चुका है, जिसमें वह हार गया था। कई साल से उनके परिवार से वास्ता नहीं है। जियाउर्रहमान के भाई मुन्ना, जिया और अहयात दिल्ली में ही जॉब करते हैं।
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: मेरठ-बिजनौर के दो दोषी समेत 38 को फांसी, तनवीर की कुंडली खंगाल रही खुफिया विंग
जेल से ही जियाउर्रहमान ने लड़ा था चुनाव
जियाउर्रहमान ने जेल से ही दिल्ली ओखला से नगर निगम का चुनाव लड़ा था। उसे चुनाव लड़ाने के लिए अगवानपुर गांव के करीब 300 लोग ओखला गए थे। जियाउर्रहमान की पक्ष में लोगों से वोट मांगी, लेकिन वह चुनाव में हार गया था। अगवानपुर के ग्राम प्रधान नूर उल्ला खां ने बताया कि उनके गांव के अमानतुल्लाह खां ओखला में आम आदमी पार्टी के विधायक हैं।
अगवानपुर गांव के करीब 500 से अधिक लोग ओखला में जाकर बस गए हैं। प्रधान ने बताया कि जियाउर्रहमान के पिता अब्दुल रहमान शांत स्वभाव के हैं और गांव में अक्सर उनका आना-जाना था। उनके व्यवहार को देख जियाउर्रहमान को चुनाव लड़ाने के लिये लोग ओखला में गए थे। जियाउर्रहमान को गांव के लोग कम ही जानते है।
एलआईयू ने भी जुटाई जानकारी
जियाउर्रहमान मूल रुप से अगवानपुर गांव का निवासी है। इसकी जानकारी लगने पर मेरठ एलआईयू ने भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी। गांव में जियाउर्रहमान और उसके परिवार का क्या कनेक्शन है, इसकी जानकारी लेने के लिये एलआईयू की टीम जाएगी। हालांकि परीक्षितगढ़ थाना पुलिस भी इसको लेकर अलर्ट हो गए है।