फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Agriculture Department appeals to farmers not to plant Satha paddy

Meerut News: कृषि विभाग ने किसानों से की साठा धान नहीं लगाने की अपील

Thu, 02 May 2024 01:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Thu, 02 May 2024 01:38 AM IST
विज्ञापन
Agriculture Department appeals to farmers not to plant Satha paddy
शामली। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मई में खेतों में साठा धान नहीं लगाने की अपील की है।
विज्ञापन

जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर शामली में मई में लगाई जाने वाली धान की प्रजाति पीबी 1509 तथा पी 1692 जिसको स्थानीय भाषा में साठा कहा जाता है। इसे नहीं लगाने की अपील किसानों से की जा रही है।
वाटर रिसोर्स ऑफ इंडिया 2023 के आंकड़ों के अनुसार जनपद शामली के पांचों विकास खंड में खंड शामली, ऊन अति दोहित स्तर, कांधला एवं कैराना क्रिटिकल स्तर और थानाभवन सेमी क्रिटिकल स्तर पर है। बताया कि जैसा कि अनुसंधान के आंकड़ों से ज्ञात होता है कि एक किलो चावल के उत्पादन करने में लगभग 2500 लीटर पानी का प्रयोग होता है। जनपद के सभी ब्लॉकों में भूमिगत जल की समस्या उत्पन्न हो रही है और धान की दोबारा फसल लगाने से भूमिगत जल का अतिदोहन हो रहा है और इससे भविष्य में जल की गम्भीर समस्या के साथ-साथ सिंचाई के पानी की भी गम्भीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
विज्ञापन

पंजाब, हरियाणा की सरकार ने इस प्रकार की खेती पर कुछ समय पूर्व धान की फसल की रोपाई करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही दंड का भी प्रावधान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा एनसीआर के डार्क जोन के जिलों में भी इस प्रकार के खेती को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। धान की बार-बार फसल लगाने से जल के अति दोहन के साथ-साथ बीमारी तथा कीट का प्रकोप भी अधिक हो जाता है। किसानों से अपील की है कि मई में ढेंचा तथा सनई की बुवाई करके हरी खाद के रूप में अपने खेत की उर्वरा शक्ति को बढ़ा सकते हैं तथा धान के बीज की सीधी बुवाई करके पानी की बचत कर सकते हैं। सीधी बुवाई में फसल लागत कम होती है तथा उत्पादन अधिक प्राप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed