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धनी है मेरठ कॉलेज का इतिहास, प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है यहां का मेधावी छात्र

Tue, 14 May 2019 07:31 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 14 May 2019 07:31 PM IST
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After studying at Meerut College Chaudhary Charan Singh became the Prime Minister of India
मेरठ कॉलेज मेरठ

12वीं के नतीजे आ चुके हैं। हर स्टूडेंट अब यूजी में एडमिशन की तैयारी में जुटा है। मेरठ के कॉलेजों के बारे में आमतौर पर छात्र-छात्राओं की धारणा ठीक नहीं है। कोई टॉपर डीयू को तरजीह दे रहा है तो किसी को दूसरी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करना है। मेरठ के कॉलेजों के बारे में धारणा कुछ अलग है। कोई यहां धरने प्रदर्शन की वजह से एडमिशन नहीं लेना चाहता तो किसी का कहना है कि यहां पर डीयू के स्तर की पढ़ाई नहीं होती है।  

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एक तरफ जहां छात्र-छात्राओं का यह कहना है वहीं, दूसरी तरफ मेरठ के कॉलेजों का बड़ा इतिहास है। ऐसा नहीं है कि यहां पर सिर्फ हंगामे ही होते हैं। यहां से पढ़कर निकले छात्र-छात्राएं देश ही नहीं दुनिया में भी नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे में जानिए अपने शहर के इन कॉलेजों की खासियत। 
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बात करते हैं पश्चिमी यूपी के सबसे बड़े कॉलेज मेरठ कॉलेज की। इसकी स्थापना सन 1892 में हुई थी। 125 साल पूरे करने वाले मेरठ कॉलेज के एल्युमिनाई की लिस्ट में देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से लेकर तमाम अधिकारी और बिजनेसमैन शामिल हैं। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल हों या सेनाध्यक्ष बिपिन रावत। आईआईटी दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर पदमश्री डॉ. आरएस सिरोही हों या फिर टीआईएफटी मुंबई के डायरेक्टर डॉ. वीरेंद्र सिंह। बिट्स गोआ के डायरेक्टर डॉ. टीसी गोयल, रिटायर वाइस एयर मार्शल केके. जैन, रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस भटनागर, डीआरडीओ के डायरेक्टर रहे पीसी मांगलिक हों या इंटेलीजेंस ब्यूरो ऑफ इंडिया के पूर्व डायरेक्टर केपी सिंह ने यहां से पढ़कर कामयाबी हासिल की।

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दो हॉस्टल
मेरठ कॉलेज में इस वक्त एक ब्वॉयज हॉस्टल बीएनएम चल रहा है। लड़कियों के लिए सरस्वती गर्ल्स छात्रावास है। इसमें 50 से ज्यादा लड़कियों के रहने की  जगह है।

दो लाइब्रेरी 
कॉलेज में लाइब्रेरी की सुविधा है। जिसमें एक लाख के करीब किताबें हैं। यहां पर बैठने के लिए भी काफी जगह है। गर्ल्स और ब्वॉयज के लिए अलग-अलग जगह है। लॉ डिपार्टमेंट की अपनी अलग लाइब्रेरी है।

स्पोर्ट्स एक्टिविटी हॉल
कॉलेज में स्पोर्ट्स एक्टिविटी के लिए हॉल है। कई शिक्षक यहां पर स्पोर्ट्स एक्टिविटी सिखाते हैं। इसके साथ ही अगर आप एनएएस और एनसीसी लेना चाहते हैं तो उसकी भी विंग है।

यहां के शिक्षकों का जवाब नहीं 
यहां के शिक्षकों की लिखी किताबें देश ही नहीं बल्कि विदेशों के विश्वविद्यालयों में भी पढ़ाई जा रही हैं। पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके अग्रवाल की एनेलिटिकल केमिस्ट्री देशभर के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है वहीं, एडवांस्ड इन आर्गेनिक केमिस्ट्री भारत के अलावा नेपाल, पाकिस्तान, सिंगापुर, दुबई, भूटान, हांगकांग, मॉरीसस और इंग्लैंड के विश्वविद्यालयों के सिलेबस में है। रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. ओपी शर्मा की प्रैक्टिकल बॉटनी की किताब देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में लगी हुई है। रिटायर प्रोफेसर डॉ. वीके अग्रवाल, कुमार मित्तल, स्वर्गीय प्रो. एमएल खन्ना, पूर्व प्राचार्य स्वर्गीय डॉ. जेएन गुर्टू की जहां साइंस की किताबों का जलवा है। वहीं, स्वर्गीय डॉ. आरएन शर्मा की दर्शनशास्त्र की किताबें देश के तमाम विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती हैं। यहां के शिक्षकों की सोशोलॉजी, मनोविज्ञान और राजनीतिक विज्ञान में लिखी किताबें भी तमाम कॉलेजों पढ़ाई जाती हैं।

कॉमर्स और साइंस ने दिए होनहार
फैकल्टी की बात करें तो कॉमर्स और साइंस ने बहुत होनहार दिए हैं। यहां जूलॉजी का म्यूजियम है। इतिहास के छात्र-छात्राओं के लिए हिस्ट्री म्यूजियम बन रहा है। डिफेंस स्ट्डीज पढ़ने वालों के लिए वॉर म्यूजियम है। देश की शान विजयंत टैंक मेरठ कॉलेज की शान को ओर बढ़ाता है। पश्चिमी यूपी के सबसे बड़े कॉलेज में तकरीबन डेढ़ सौ शिक्षक और इतने ही कर्मचारी हैं। नौ हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स की संख्या है।

सबसे ज्यादा जज लॉ फैकल्टी से
मेरठ कॉलेज से एलएलबी करने वाले डेढ़ सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं देश की तमाम अदालतों में जज हैं। यहां लॉ करने के लिए आसपास के जिलों के अलावा दिल्ली और हरियाणा तक से छात्र-छात्राएं आते हैं। 

कॉलेज में सीटें-कोर्स
कोर्स                           सीटें
बीए                            880
बीएससी  बायोलॉजी     480
बीएससी मैथ               480 
बीएससी स्टेटिक्स        480
बीकॉम                       480
एलएलबी                    300
पीजी कोर्सो में एमए, एमकॉम, एमएससी, बीएड, पीएचडी कोर्स चल रहे हैं। सेल्फ फाइनेंस में बीएसी होम साइंस, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी होम साइंस और एमएससी कंप्यूटर साइंस कोर्स चल रहे हैं।

16 से रजिस्ट्रेशन, दो मेरिट के बाद ओपन मेरिट
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया 16 मई से शुरू हो जाएगी। 30 मई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होंगे। 1 जून से यूनिवर्सिटी मेरिट निकालना शुरू कर देगी। इस बार यूनिवर्सिटी दो मेरिट निकालने के बाद ओपन मेरिट निकालेगी। अगर किसी का नाम पहली मेरिट में आ गया और उसने एडमिशन नहीं लिया तो उसका नाम दूसरी मेरिट में नहीं आएगा। उसे फिर ओपन मेरिट में ही एडमिशन का मौका मिल पाएगा। सोमवार को कैंपस में हुई प्रवेश समिति की बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं। विवि प्रशासन को सीबीएसई और आईसीएसई से 12वीं का डाटा मिल गया है। मंगलवार को यूपी बोर्ड से भी पूरा डाटा मिल जाएगा। इसके बाद 16 से वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे।

कॉलेज में पढ़ाई का स्तर हमेशा से अच्छा रहा है। पहले हंगामे-प्रदर्शन ज्यादा होते थे, लेकिन अब इसमें बदलाव आया है। छात्र-छात्राएं अब धरने-प्रदर्शन में नहीं बल्कि पढ़ाई में ध्यान देते हैं। कॉलेज का माहौल लगातार सुधर रहा है। - डॉ. आभा चंद्रा, प्राचार्या मेरठ कॉलेज मेरठ

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