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डीएल के बाद अब आरटीओ में आरसी का अंबार
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sat, 13 May 2017 02:26 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ड्राइविंग लाइसेंस के बाद अब वाहनों की आरसी का भी आरटीओ में अंबार लगने लगा है। आरटीओ और डाक विभाग के बीच समन्वय नहीं होने का खामियाजा वाहन स्वामियों को भुगतना पड़ रहा है। आरसी घर तक नहीं पहुंचने के मामले में दोनों विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डालकर अपना बचाव कर रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन की तरफ से डाक विभाग के अलावा परिवहन आयुक्त को भी पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया है।
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परिवहन विभाग ने डीएल की तरह गत 1 मई से वाहनों का रजिस्ट्रेेशन सर्टिफिकेट (आरसी) वाहन स्वामी को हैंडओवर करने की बजाय डाक द्वारा घर भेजने की व्यवस्था लागू की है। आरटीओ में रोजाना करीब 125 छोटे- बड़े निजी व व्यावसायिक वाहन (सभी श्रेणी) पंजीकृत होते हैं। वाहनों की आरसी तो पहले की तरह रोजाना प्रिंट हो रही है। लेकिन इन सभी को घर नहीं भेजा जा रहा है। 500 से ज्यादा आरसी आफिस में ही अटकी पड़ी हैं।
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डाक विभाग नहीं ले रहा आरसी
एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह का कहना है कि आरसी को डाक से घर भेजने की पूरी व्यवस्था की है। आफिस कर्मी आरसी लेकर डाकखाने जाता है। लेकिन डाक विभाग एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भेजी गई आरसी स्वीकार करने से हाथ खड़े कर रहा है। इसके चलते सभी आरसी पोस्ट नहीं होने से यह समस्या पैदा हो रही है।
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तुरंत करते हैं डिलीवरी
वहीं, डाक विभाग इन आरोपों को गलत करार दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कैंट डाकघर में रजिस्ट्री बुक करने के लिए दो काउंटर बनाए गए हैं। एक काउंटर भारी मात्रा में आने वाली रजिस्ट्री के लिए है, दूसरा सामान्य लोगों के लिए है। आरटीओ विभाग जितनी आरसी भेजता है, वह बुक कर ली जाती है और उसे तुरंत डिलीवरी के लिए भेज दिया जाता है।
...खोल देंगे मिनी डाकखाना
कैंट डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर एके त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें आरटीओ द्वारा भेजा गया कोई भी पत्र नहीं मिला है। परिवहन विभाग अगर आरटीओ में जगह दे तो वे उच्चाधिकारियों से परमिशन लेकर मिनी डाकखाना भी खुलवा सकते हैं। वहां से डीएल व आरसी की बुकिंग कर विभाग आसानी से डिलीवरी कर सकता है। अगर परिवहन विभाग ऐसा नहीं कर सकता तो वे समय निश्चित कर दे। उनका कर्मचारी उस समय जाकर आरसी बुक करके ले आएगा। डाक विभाग सुविधा देने और समस्या के समाधान के लिए है। हमसे जो भी मदद मांगी जाएगी वह हरसंभव करेंगे।
50 फीसदी आरसी ही डिलीवर
पिछले 12 दिन में करीब 1400 वाहनों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। नियमानुसार इन वाहनों की आरसी को रजिस्ट्रेशन होते ही डाक द्वारा भेजा जाना चाहिए था। लेकिन करीब पचास फीसदी आरसी की ही डिलीवरी हो सकी है। बाकी आरसी कार्यालय में ही रखी हैं। इससे पहले डीएल व्यवस्था भी लेटलतीफी की भेंट चढ़ी है। लोगों के पास महीनों तक डीएल नहीं पहुंचते हैं। डीएल की जानकारी करने के लिए रोजाना दर्जनों लोग विभाग के चक्कर काटकर चले जाते है। आरटीओ कर्मी डाक विभाग के और डाक कर्मी आरटीओ विभाग के पाले में गेंद डालते रहते हैं।