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Meerut News: अधिवक्ताओं को मिले चेंबर और पार्किंग, न्यायालय में लगें सीसीटीवी
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समस्या और मांगों को लेकर मुख्य न्यायाधीश को अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
वकीलों ने मानव श्रृंखला बनाकर जिलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। 18 अक्तूबर को आयोजित जिला बार में आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में घोषणा के बाद मंगलवार को अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। इसी कड़ी में न्यायाधीश व जिला अधिकारी को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद वकीलों ने मानव श्रृंखला बनाकर जिलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव किया। सम्मेलन में जिला बार के साथ प्रदेश के 65 जिलों में भी विरोध स्वरूप कार्य से विरत रहने और ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया था।
अधिवक्ता सम्मेलन के प्रस्ताव के मुताबिक, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह, महामंत्री आनंद कश्यप के नेतृत्व में एक समय, एक साथ, एक योजना में एक कार्यक्रम के सिद्धांत के आधार पर 11 बजे न्यायाधीश व जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उच्च न्यायालय इलाहाबाद और खंडपीठ लखनऊ में कार्यरत अधिवक्ताओं की न्यायमूर्ति के पद पर चयन होने के बाद नियुक्ति दूसरे प्रदेश में करने, प्रदेश के मंडल स्तर पर खंडपीठ की स्थापना करने आदि समेत कई मांग की गई। मानव श्रृंखला बनाने वाले अधिवक्ताओं में पूर्व अध्यक्ष शिवदत्त जोशी, मिसबाहुद्दीन सिद्दीकी, विक्रम सिंह तोमर, देवेंद्र प्रधान, वीके शर्मा ,राजीव त्यागी, राजीव नगर, डॉ.ओपी शर्मा पूर्व महामंत्री, रामकुमार त्यागी, मुकेश त्यागी, रामकुमार शर्मा, प्रवीण, प्रशांत गुप्ता, विशाल राणा आदि शामिल रहे।
ये हैं अधिवक्ताओं की मुख्य मांग
जनपद न्यायालय में रिक्त न्याय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
बार एवं बेंच की न्यायिक प्रक्रिया का सुलभ संचालन किया जाए।
अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और पार्किंग की व्यवस्था की जाए।
मॉनिटरिंग सेल में अधिवक्ताओं को प्रमुखता से शामिल किया जाए।
शिकायत निवारण समिति में बार के पदाधिकारियों को सदस्य बनाया जाए।
जमानत सत्यापन प्रक्रिया की सुविधा अविलंब की जाए।
न्यायालय परिसर में सीसीटीवी लगाए जाएं।
यूपी बार काउंसिल में सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाए।
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वकीलों ने मानव श्रृंखला बनाकर जिलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। 18 अक्तूबर को आयोजित जिला बार में आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में घोषणा के बाद मंगलवार को अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। इसी कड़ी में न्यायाधीश व जिला अधिकारी को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद वकीलों ने मानव श्रृंखला बनाकर जिलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव किया। सम्मेलन में जिला बार के साथ प्रदेश के 65 जिलों में भी विरोध स्वरूप कार्य से विरत रहने और ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया था।
अधिवक्ता सम्मेलन के प्रस्ताव के मुताबिक, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह, महामंत्री आनंद कश्यप के नेतृत्व में एक समय, एक साथ, एक योजना में एक कार्यक्रम के सिद्धांत के आधार पर 11 बजे न्यायाधीश व जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उच्च न्यायालय इलाहाबाद और खंडपीठ लखनऊ में कार्यरत अधिवक्ताओं की न्यायमूर्ति के पद पर चयन होने के बाद नियुक्ति दूसरे प्रदेश में करने, प्रदेश के मंडल स्तर पर खंडपीठ की स्थापना करने आदि समेत कई मांग की गई। मानव श्रृंखला बनाने वाले अधिवक्ताओं में पूर्व अध्यक्ष शिवदत्त जोशी, मिसबाहुद्दीन सिद्दीकी, विक्रम सिंह तोमर, देवेंद्र प्रधान, वीके शर्मा ,राजीव त्यागी, राजीव नगर, डॉ.ओपी शर्मा पूर्व महामंत्री, रामकुमार त्यागी, मुकेश त्यागी, रामकुमार शर्मा, प्रवीण, प्रशांत गुप्ता, विशाल राणा आदि शामिल रहे।
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ये हैं अधिवक्ताओं की मुख्य मांग
जनपद न्यायालय में रिक्त न्याय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
बार एवं बेंच की न्यायिक प्रक्रिया का सुलभ संचालन किया जाए।
अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और पार्किंग की व्यवस्था की जाए।
मॉनिटरिंग सेल में अधिवक्ताओं को प्रमुखता से शामिल किया जाए।
शिकायत निवारण समिति में बार के पदाधिकारियों को सदस्य बनाया जाए।
जमानत सत्यापन प्रक्रिया की सुविधा अविलंब की जाए।
न्यायालय परिसर में सीसीटीवी लगाए जाएं।
यूपी बार काउंसिल में सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाए।