फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Advocate suicide case Meerut: Police has not arrested to BJP MLA Dinesh Khatik in Hastinapur

अधिवक्ता आत्महत्या मामला: वकीलों ने एसएसपी ऑफिस में की तोड़फोड़, भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की मांग तेज

Mon, 15 Feb 2021 01:45 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 15 Feb 2021 01:45 PM IST
विज्ञापन
Advocate suicide case Meerut: Police has not arrested to BJP MLA Dinesh Khatik in Hastinapur
विधायक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े वकील - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मेरठ में अधिवक्ता ओमकार सिंह तोमर की मौत के मामले में सोमवार को वकीलों ने हंगामा कर दिया। कचहरी में आम सभा में अधिवक्ताओं ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ता आमसभा के बाद एसएसपी ऑफिस पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इसके बाद वकीलों ने एसएसपी ऑफिस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान एसपी सिटी से अधिवक्ताओं की तीखी नोंकझोंक भी हुई। वहीं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीके शर्मा ने एसएसपी से फोन पर बातचीत की। अधिवक्ताओं ने बताया कि पुलिस ने 24 घंटे में विधायक की गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया है।

विज्ञापन


एसएसपी ऑफिस के बाद अधिवक्ताओं ने कमिश्नरी पर जाम लगाकर हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने कहा है कि जब तक भाजपा विधायक दिनेश खटीक की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे हड़ताल पर ही रहेंगे। एसएसपी और कमिश्नरी चौराहे पर हंगामा करने के बाद अधिवक्ता कचहरी में चले गए। हालांकि इससे पहले अधिवक्ताओं ने एक सुर में कहा था कि भाजपा विधायक दिनेश खटीक की गिरफ्तारी के बाद ही अपने काम पर लौटेंगे।
विज्ञापन


बता दें कि सैंकड़ो की संख्या में वकील आज सुबह कमिश्नरी के बाहर जुटे थे। वकीलों ने कमिश्नरी चौराहे पर जाम लगा दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कमिश्नरी और आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गई हैं। भाजपा विधायक की गिरफ्तारी न होने को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करने वाले अधिवक्ता ओमकार सिंह तोमर के मामले में नामजद हस्तिनापुर के भाजपा विधायक दिनेश खटीक के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिवक्ता के घर पर दो दिन पूर्व धमकी देने कौन गया था? इसका खुलासा सीसीटीवी कैमरे से होगा। पुलिस का दावा है कि सबूत तलाशे जा रहे हैं। जांच के बाद कार्रवाई होगी।

अमूमन ऐसे मामलों में पुलिस नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर सबूत तलाशती है। इस मामले में पुलिस सत्ता के दबाव में दिख रही है। गंगा नगर पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद भी किसी भी नामजद आरोपी के घर दबिश तक नहीं दी है। सवाल है कि बिना गिरफ्तारी के पुलिस सबूत कैसे ढूंढ पाएगी। पहले भाजपा विधायक को नामजद करने से बच रही पुलिस अब उन्हें गिरफ्तार करने से भी बच रही है।

मामले में विधायक का नाम आते ही पुलिस के पसीने छूट गए थे। आठ घंटे तक अधिवक्ता का शव घर पर ही रखा रहा और मवाना रोड जाम कर अधिवक्ताओं ने गंगा नगर थाने में हंगामा किया। कई बार माहौल खराब होने के हालात बन गए। उधर, अधिवक्ता जिद पर अड़े तो कानून व्यवस्था बिगड़ने लगी, तब जाकर ही विधायक को नामजद किया गया।

ओमकार के बेटे लव सिंह व पुत्रवधू स्वाति के बीच विवाद है। आरोप है कि भाजपा विधायक ने सात फरवरी को अपने घर पर दोनों परिवार के लोगों के बीच बैठक कराई थी। बैठक में ओमकार और उनके परिवार को धमकाया गया था। उसके बाद 11 फरवरी को विधायक ने अपने करीबी निडावली ग्राम प्रधान मुनेंद्र को ईशापुरम स्थित ओमकार के घर भेजा था। 

अधिवक्ता के सुसाइड नोट में भी इसका जिक्र है। पुलिस का कहना है कि अधिवक्ता के घर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है, उनकी फुटेज ली जाएगी। इससे स्पष्ट होगा कि अधिवक्ता के घर पर कौन आया था। रविवार को अधिवक्ता के अंतिम संस्कार होने के चलते सीसीटीवी कैमरे की फुटेज नहीं मिली। पुलिस ने अधिवक्ता के घर के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी लेने का प्रयास किया है।

यह भी पढ़ें: मेरठ: भाजपा विधायक दिनेश खटीक का विवादों से रहा है पुराना नाता, चर्चा में रहे ये बड़े मामले 

विधानसभा अध्यक्ष से लेनी होगी अनुमति
पुलिस के अनुसार भाजपा विधायक की गिरफ्तारी से पहले विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेनी होगी। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को विधायक पर मुकदमा होने की जानकारी दे दी गई है।

खुफिया विभाग के इनपुट को भी तरजीह नहीं
भाजपा विधायक की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार में गुस्सा है। मामले के तूल पकड़ने पर कानून-व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। अधिवक्ताओं और विपक्षी दलों के साथ ही भाजपा के कुछ नेताओं के भी विधायक के खुले तौर पर विरोध में आने के कारण खुफिया विभाग का इनपुट भी कुछ ऐसा ही है। बावजूद इसके पुलिस द्वारा विधायक को बचाने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस विधायक के बचाव में आ गई है। पुलिस ने विधायक और अन्य किसी आरोपी से पूछताछ भी नहीं की है।

सबूतों के आधार पर कार्रवाई होगी
मामले में विधायक समेत 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ है। पुलिस की जांच चल रही है। सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - अजय साहनी, एसएसपी

सपा के नेता ने रचा पूरा षड्यंत्र
अधिवक्ता ओमकार की मौत सुबह नौ बजे हुई और सूचना पुलिस को 11 बजे दी गई। दो घंटे में सपा के एक नेता ने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा है। - दिनेश खटीक, विधायक

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed