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ऑनलाइन पढ़ाई की परेशानी सुलझा रहा ऐड निरवाना
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कनोहर लाल ट्रस्ट सोसायटी ने बनाया मोबाइल एप
कम इंटरनेट खर्च कर हो सकेगी पढ़ाई
मेरठ। कोरोन काल में मुसीबत बन रही ऑनलाइन पढ़ाई को सुगम, सस्ती बनाने के लिए शहर की एजुकेशन ट्रस्ट ने एक मोबाइल एप तैयार किया है। इस मोबाइल एप के जरिये निर्धन वर्ग की बालिकाएं आसानी से कम इंटरनेट खर्च में ऑनलाइन शिक्षा से जुड़कर पढ़ाई कर रही हैं। इस एप का नाम है ऐड निरवाना जिसे लॉन्च किया है शहर की प्रमुख कनोहर लाल एजुकेशन ट्रस्ट ने।
ट्रस्ट की डायरेक्टर एजुकेशन प्रोसेस नेहा दीक्षित ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी मोबाइल और इंटरनेट का खर्चा आसानी से उठा सकते हैं। मगर सामान्य परिवार की बालिकाओं के लिए यह मुश्किल होता है। इसी को ध्यान में रखकर हमने ऐड निरवाना एप तैयार कराया है। यह क्लाउड आधारित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम है। इसमें बेहद कम डाटा खर्च होता है।
विद्यार्थी कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं पाठ्य सामाग्री
सुरक्षित, सरल और सस्ता सॉफ्टवेयर आधारित इस एप को डाउनलोड करने के बाद विद्यार्थी को एक ओटीपी दिया जाएगा। जो उसकी आईडी होगी इस आईडी पर उस छात्र का संपूर्ण विवरण होगा। शिक्षक अपने लैपटॉप या कंप्यूटर से इस एप पर पाठ्य सामग्री अपलोड करेंगे। विद्यार्थी उस पाठ्य सामग्री को अपने ओटीपी के माध्यम से कभी भी डाउनलोड कर सकता है। सिस्टम में न तो विद्यार्थी को तय समय में ऑडियो वीडियो कक्षाएं ज्वाइन करने की आवश्यकता है और न ही तमाम कॉन्फ्रेंसिंग एप की तरह ज्यादा डाटा खर्च करने की। नेहा ने बताया कि विद्यार्थी अपने होमवर्क, प्रोजेक्ट वर्क को भी इस ऐप में अपलोड कर देगा जिसे शिक्षक जांच कर उस पर मार्किंग करेगा। उन्होंने बताया कि इसी तरह हमने परीक्षाएं भी कराई हैं। इससे आम परिवार की बालिकाएं भी ऑनलाइन शिक्षा ले सकती हैं। घर में दो या तीन बच्चे हैं और एक मोबाइल है तो उसी मोबाइल से आसानी से पढ़ाई कर सकते हैं।
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सुरक्षित रहेगा डाटा
व्हाट्सएप और दूसरे माध्यमों से ऑनलाइन पढ़ाई होने पर पुराना डाटा नहीं मिलता। इस एप में विद्यार्थी किसी भी बैक डेट का डाटा निकाल सकता है। इसके अलावा एप में किसी भी छात्रा का नाम, फोटो और फोन नंबर कुछ शो नहीं होता। यानि उनकी निजता भी भंग नहीं होगी।
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कम इंटरनेट खर्च कर हो सकेगी पढ़ाई
मेरठ। कोरोन काल में मुसीबत बन रही ऑनलाइन पढ़ाई को सुगम, सस्ती बनाने के लिए शहर की एजुकेशन ट्रस्ट ने एक मोबाइल एप तैयार किया है। इस मोबाइल एप के जरिये निर्धन वर्ग की बालिकाएं आसानी से कम इंटरनेट खर्च में ऑनलाइन शिक्षा से जुड़कर पढ़ाई कर रही हैं। इस एप का नाम है ऐड निरवाना जिसे लॉन्च किया है शहर की प्रमुख कनोहर लाल एजुकेशन ट्रस्ट ने।
ट्रस्ट की डायरेक्टर एजुकेशन प्रोसेस नेहा दीक्षित ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी मोबाइल और इंटरनेट का खर्चा आसानी से उठा सकते हैं। मगर सामान्य परिवार की बालिकाओं के लिए यह मुश्किल होता है। इसी को ध्यान में रखकर हमने ऐड निरवाना एप तैयार कराया है। यह क्लाउड आधारित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम है। इसमें बेहद कम डाटा खर्च होता है।
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विद्यार्थी कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं पाठ्य सामाग्री
सुरक्षित, सरल और सस्ता सॉफ्टवेयर आधारित इस एप को डाउनलोड करने के बाद विद्यार्थी को एक ओटीपी दिया जाएगा। जो उसकी आईडी होगी इस आईडी पर उस छात्र का संपूर्ण विवरण होगा। शिक्षक अपने लैपटॉप या कंप्यूटर से इस एप पर पाठ्य सामग्री अपलोड करेंगे। विद्यार्थी उस पाठ्य सामग्री को अपने ओटीपी के माध्यम से कभी भी डाउनलोड कर सकता है। सिस्टम में न तो विद्यार्थी को तय समय में ऑडियो वीडियो कक्षाएं ज्वाइन करने की आवश्यकता है और न ही तमाम कॉन्फ्रेंसिंग एप की तरह ज्यादा डाटा खर्च करने की। नेहा ने बताया कि विद्यार्थी अपने होमवर्क, प्रोजेक्ट वर्क को भी इस ऐप में अपलोड कर देगा जिसे शिक्षक जांच कर उस पर मार्किंग करेगा। उन्होंने बताया कि इसी तरह हमने परीक्षाएं भी कराई हैं। इससे आम परिवार की बालिकाएं भी ऑनलाइन शिक्षा ले सकती हैं। घर में दो या तीन बच्चे हैं और एक मोबाइल है तो उसी मोबाइल से आसानी से पढ़ाई कर सकते हैं।
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सुरक्षित रहेगा डाटा
व्हाट्सएप और दूसरे माध्यमों से ऑनलाइन पढ़ाई होने पर पुराना डाटा नहीं मिलता। इस एप में विद्यार्थी किसी भी बैक डेट का डाटा निकाल सकता है। इसके अलावा एप में किसी भी छात्रा का नाम, फोटो और फोन नंबर कुछ शो नहीं होता। यानि उनकी निजता भी भंग नहीं होगी।