अतीक की बहन आयशा पर शिकंजा: कुर्की की तैयारी, क्या अब सरेंडर करेगी आयशा नूरी? गुड्डू मुस्लिम को दी थी पनाह
उमेश पाल हत्याकांड में शूटरों की आर्थिक और भागने में मदद करने के मामले में अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी के घर पर प्रयागराज पुलिस द्वारा कुर्की की कार्रवाई के लिए 82 का नोटिस चस्पा किया गया है। प्रशासन जल्द ही कुर्की की कार्रवाई कर सकता है।
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अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी के मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के भवानी नगर स्थित घर में कुर्की के साथ ही आयशा नूरी की बेटी के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। उमेश पाल की हत्या के बाद गुड्डू मुस्लिम आयशा नूरी के मेरठ स्थित घर में पनाह लेने गया था। सीसीटीवी फुटेज में गुड्डू मुस्लिम का स्वागत करते आयशा का पति डॉ. अखलाक दिख रहा था।
फुटेज में आयशा की बेटी भी गुड्डू की आवभगत करते दिखी थी। घटना के बाद आयशा और उसकी बेटी प्रयागराज भी आई थीं। दोनों को कई बार साथ में देखा गया था। आयशा को जब नामजद किया गया तो उसकी बेटी भी साथ में ही फरार हो गई थी।
बताया जा रहा है कि आयशा की बेटी के साथ अतीक के बेटे असद का निकाह भी होना था। दोनों परिवार इस रिश्ते के लिए राजी हो गए थे। पुलिस का कहना है कि आयशा की बेटी के खिलाफ साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है।
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इस हत्याकांड में आयशा फरार है। पति डाॅ. अखलाफ जेल में बंद है। धूमनगंज पुलिस की टीम ने शुक्रवार को यहां नौचंदी थाना पुलिस के साथ कुर्की की कार्रवाई की थी। आयशा के कुर्क किए गए घर में ही पांच लाख रुपये के इनामी गुड्डू मुस्लिम ने शरण ली थी। अब पुलिस अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और अरमान के खिलाफ भी जल्द ही कुर्की की कार्रवाई करेगी।
अशरफ के करीबी बिल्डरों पर कसेगा शिकंजा, जल्द होगी पूछताछ
अतीक के भाई अशरफ ने जमीन के धंधे और काली कमाई को सफेद करने के लिए सफेदपोश बिल्डरों का एक सिंडिकेट बनाया था। इसी सिंडीकेट ने गौसपुर कटहुला इलाके में 90 बीघा जमीन में प्लॉटिंग कर उसे बेच दिया था।
जानकारी होने पर पीडीए ने अवैध निर्माण ध्वस्त कर एफआईआर दर्ज कराई थी। इस सिंडीकेट की जांच ईडी और ऑपरेशन ऑक्टोपस की टीम कर रही है। मामले में एक चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि सिंडिकेट में इन्कम टैक्स विभाग का एक अफसर भी शामिल है। सिंडिकेट की जितनी कंपनियां हैं, सबका पता इनकम टैक्स अफसर के घर का है। अफसरों का कहना है कि अशरफ के करीबी बिल्डरों से जल्द ही विस्तृत पूछताछ होगी।
ईडी ने अतीक अहमद गिरोह के करीबी बिल्डरों और ठेकेदारों के साथ बड़े व्यापारियों के घर कुछ महीने पहले छापा मारा था। लूकरगंज के रहने वाले अतुल द्विवेदी के घर छापे में ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे। पता चला कि अतुल और उसके पार्टनरों ने पांच कंपनियां बनाई हैं। इन पांचों का पता नोएडा स्थित एक घर का है।
आगे की जांच में पता चला कि वह घर इनकम टैक्स विभाग के एक अफसर का है। वहीं, अतुल द्विवेदी का एक बिजनेस पार्टनर है, जिसकी पत्नी ने एक बार अशरफ की जमानत ली थी। ईडी और ऑपरेशन ऑक्टोपस की टीम को सारे दस्तावेज मिल चुके हैं। अब जल्द ही इन लोगों से पूछताछ की जाएगी। अब तक की जांच से यह तय हो चुका है। इन कंपनियों के निदेशकों के अशरफ से संबंध थे।