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कार्रवाई ध्वस्तीकरण की, लक्ष्य सौ करोड़   

Thu, 25 May 2017 02:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 25 May 2017 02:40 AM IST
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action against demolition, target 100 crore
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अवैध निर्माण की पिच पर शमन शुल्क वसूली का शतक लगाने के लिए एमडीए ने बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। एमडीए के चेयरमैन मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कहा है कि विभाग की लापरवाही से पूरे शहर में अवैध निर्माण खड़े हो गए हैं। इन पर कार्रवाई होगी। साथ ही विभाग को एक साल में सौ करोड़ रुपये बतौर शमन शुल्क  वसूलना होगा।
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शहर में अवैध निर्माणों की भरमार है। चार जोन में आठ हजार से ज्यादा तो ऐसे निर्माण हैं जो एमडीए अधिकारियाें के देखते ही देखते बन गए। दरअसल यह सब विभाग के कुछ अधिकारियों की शह पर हुए हैं। इन्हें रोका ही नहीं गया। सेटिंग के इस खेल में इमारतें खड़ी होती गई और शहर का अनियोजित विकास होता गया। मास्टर प्लान होने के बावजूद यह देखा ही नहीं गया कि किस जमीन का भू उपयोग क्या है? मसलन, आवासीय जमीन पर कमर्शियल निर्माणाें की बाढ़ आ गई। शहर की किसी भी मुख्य सड़क पर निकलो तो वहां अवैध निर्माण नजर आ जाएंगे।
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सील भी बनी मजाक
एमडीए द्वारा लगाई जा रही सील भी मजाक बनकर रह गई है। कई इमारतों पर एमडीए टीम इधर सील लगाकर लौटी, उधर तत्काल सील तोड़कर फिर से निर्माण शुरू कर दिया गया। कुछ मामलों में एमडीए ने रिपोर्ट दर्ज कराई पर हद यह कि इसका कोई असर नहीं हुआ। शहर के सघन आबादी क्षेत्र में यही हाल है।
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वीआईपी भी हैं टारगेट पर
शहर में कई नेताओं ने अवैध निर्माण के जरिए गगनचुंबी इमारतें बना ली हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के पूर्व विधायक, मंत्री से लेकर पार्षदों तक ने इस काम को अंजाम दिया है। हैरत तो यह कि इसमें एमडीए से जड़े अधिकारी भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने भी नियमों को तोड़कर निर्माण किए हैं। कहीं एमडीए में दबाव बनाकर तो कहीं सेटिंग कर कांप्लेक्स खड़े किए हो गए हैं। अब वह सभी निशाने पर हैं। 
 
लक्ष्य से छूटे पसीने
मंडलायुक्त ने एमडीए का लक्ष्य तय कर दिया है। कहा है कि शमन शुल्क वसूली से कम से कम एक साल में सौ करोड़ रुपये वसूलें। कमिश्नर ने स्पष्ट कहा है कि शहर में चारों तरफ अवैध निर्माणों की बाढ़ है। ऐसे में यह कोई मुश्किल लक्ष्य नहीं है। तीन सौ मीटर से ऊपर के अवैध निर्माण पर आला अधिकारी सुनवाई करेंगे और शमन शुल्क वसूली फिक्स करेंगे। वीसी खुद सुनवाई करें और आगे बढ़कर प्रवर्तन का काम देखें।

ध्वस्तीकरण से वसूली की कवायद
इसी चक्कर में एमडीए टीम ध्वस्तीकरण की भी सेंचुरी लगाने के चक्कर में है। अब तक पचास से ज्यादा छोटे बड़े ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जा चुकी है। टीम इस चक्कर में है कि इससे दबाव बने और शमन शुल्क वसूली हो। दरअसल, एमडीए का खजाना खाली हो चुका है। आवासीय योजनाएं ठप हैं। वहां से कोई पैसा नहीं आ रहा है। किसानों के मामले अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे में एमडीए शमन शुल्क से ही झोली भरने की कोशिश में है। 


लापरवाही पर सख्त कार्रवाई 
एमडीए को सौ करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया है। कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन मांगी गई है। इसमें कोई शक नहीं कि एमडीए की लापरवाही से ही शहर में अवैध निर्माण हुए हैं। ऐसे में अब टीम को काम करना होगा और यदि लापरवाही हुई तो सख्त कार्रवाई होगी। - डॉ. प्रभात कुमार, मंडलायुक्त
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