बागपत: दोहरे हत्याकांड का आरोपी 19 साल बाद गिरफ्तार, पुलिस से बचने के लिए अपनाया ये तरीका
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हरियाणा के जिला पानीपत के समालखा में 19 साल पहले हुई सतीश और रामकिशन की हत्या में फरार चल रहे पांच हजार के इनामी को दोघट पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए ईजाद किया था एक ऐसा अनोखा तरीका जिसके सामने आने पर पुलिस अफसर भी अचंभित रह गए। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेजा।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि हरियाणा के पानीपत जनपद के समालखा गांव में सतीश और रामकिशन की वर्ष 2001 में हत्या की। इस घटना में छपरौली कस्बे की पट्टी चौधरान निवासी ओमवीर (42) पुत्र महेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपी तभी से फरार चल रहा था।
पुलिस से बचने के लिए उसने साधु का वेश धारण लिया और अपना नाम ओमवीर से बदलकर बाबा राकेश नाथ रख लिया । अब वह हापुड़ जनपद के जमालपुर गांव में स्थित शिव मंदिर में पुजारी बन कर रहा था। मंदिर में भंडारा होना था। भंडारे का निमंत्रण देने के लिए बामनौली गांव के हनुमान मंदिर में आया।
दोघट थानाध्यक्ष अजय शर्मा को मुखबिर ने सूचना दी की डबल मर्डर का आरोपी ओमवीर उर्फ बाबा राकेश नाथ बामनौली के हनुमान मंदिर में आया है। पुलिस ने मंदिर में छापा लगाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि वह 19 साल पहले हरियाणा के समालखा में मखनी के घर में नौकरी करता था।
मृतक रामकिशन पक्ष ने मखनी की हत्या की। उसकी हत्या का बदला लेने के लिए सतीश और रामकिशन की हत्या की। वारदात का उस पर भी आरोप लगा । इसके बाद उसने साधु का वेश धारण किया। समालखा थाना पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद किए। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उसे जेल भेजा।
डबल मर्डर का आरोपी मोबाइल तक नहीं रखता
पुलिस ने बताया कि डबल मर्डर का आरोपी शातिर है। पुलिस से बचने के लिए उसने न केवल साधु का वेश धारण किया, बल्कि अपने घर में भी आना छोड़ दिया। वह मोबाइल भी नहीं रखता था। जिस कारण 19 साल तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
कई साल हरियाणा में साधु के डेरे में रहा
आरोपी ओमवीर उर्फ बाबा राकेश नाथ ने बताया कि डबल मर्डर करने के बाद वह हरियाणा में ही साधु के डेरे में पहुंच गया था। यहां कई साल तक साधु की सेवा की। इसके बाद वह भी साधु बन गया। वह 19 साल से छिपा हुआ था।