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Meerut News: मेडिकल अस्पताल में खत्म चल रहा एबी और ओ नेगेटिव ब्लड
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अस्पताल के रक्तदान केंद्र में इस समय 62 यूनिट रक्त रखा हुआ है
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज से संबधित जिला अस्पताल संयुक्त अस्पताल में धीरे धीरे सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। रक्तदान केंद्र का भी विस्तार किया गया। मगर, इस समय मेडिकल अस्पताल में एबी और ओ नेगेटिव ब्लड नहीं है। इससे जरूरतमंद मरीजों को परेशानी हो रही है ।
मेडिकल अस्पताल में बने रक्तदान केंद्र में 320 यूनिट ब्लड रखने की व्यवस्था है। इस समय फिलहाल 62 यूनिट ब्लड ही रखा हुआ है। पॉजिटिव ब्लड ग्रुप में ए की 17, बी की 12, एबी की 21 और ओ पॉजिटिव की चार यूनिट शामिल है, जबकि नेगेटिव ब्लड ग्रुप की ए की 6 और बी की 2 यूनिट रखी हुई है
एबी और ओ नेगेटिव ब्लड अस्पताल में खत्म चल रहा है। सभी ब्लड ग्रुप की थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों को रहती है। जैसे ही इस दोनों ग्रुपों से संबंधित ब्लड मिलता है तो थैलेसीमिया के बच्चों को फोन करके बुला लिया जाता है। इस समय नेगेटिव ब्लड ग्रुप की कमी होने से मरीज भी परेशान हो रहे है।
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नेगेटिव ब्लड ग्रुप की बहुत कम लोगों को ही जरूरत पड़ती है। इससे संबंधित लोगों का रजिस्टर बना रखा है। आवश्यकता होने पर रक्तदाता को बुलाकर रक्तदान करा देते हैं। संस्थाओं से रक्तदान शिविर लगाने के लिए वार्ता की जा रही है।.... डॉ. मनोज सेन, सीएमएस, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज से संबधित जिला अस्पताल संयुक्त अस्पताल में धीरे धीरे सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। रक्तदान केंद्र का भी विस्तार किया गया। मगर, इस समय मेडिकल अस्पताल में एबी और ओ नेगेटिव ब्लड नहीं है। इससे जरूरतमंद मरीजों को परेशानी हो रही है ।
मेडिकल अस्पताल में बने रक्तदान केंद्र में 320 यूनिट ब्लड रखने की व्यवस्था है। इस समय फिलहाल 62 यूनिट ब्लड ही रखा हुआ है। पॉजिटिव ब्लड ग्रुप में ए की 17, बी की 12, एबी की 21 और ओ पॉजिटिव की चार यूनिट शामिल है, जबकि नेगेटिव ब्लड ग्रुप की ए की 6 और बी की 2 यूनिट रखी हुई है
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एबी और ओ नेगेटिव ब्लड अस्पताल में खत्म चल रहा है। सभी ब्लड ग्रुप की थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों को रहती है। जैसे ही इस दोनों ग्रुपों से संबंधित ब्लड मिलता है तो थैलेसीमिया के बच्चों को फोन करके बुला लिया जाता है। इस समय नेगेटिव ब्लड ग्रुप की कमी होने से मरीज भी परेशान हो रहे है।
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नेगेटिव ब्लड ग्रुप की बहुत कम लोगों को ही जरूरत पड़ती है। इससे संबंधित लोगों का रजिस्टर बना रखा है। आवश्यकता होने पर रक्तदाता को बुलाकर रक्तदान करा देते हैं। संस्थाओं से रक्तदान शिविर लगाने के लिए वार्ता की जा रही है।.... डॉ. मनोज सेन, सीएमएस, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर