घर में पसरा मातम: पत्नी चार माह की गर्भवती, पति की हादसे में टूट गईं सांसें, परिवार पर टूटा गमों का पहाड़
Meerut News : मेरठ में सिंचाई विभाग की लापरवाही से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेसुध हो रही है।
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मेरठ के जानीखुर्द में सिंचाई विभाग की लापरवाही ने 30 वर्षीय नीरज की जान ले ली। बाफर रजबहे की टूटी पटरी के गड्ढे में गिरने से युवक गंभीर घायल हो गया और फिर मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस को शव उठाने नहीं दिया। करीब पांच घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
बता दें कि युवक की मौत होने से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं, हादसे की सूचना मिलने पर नीरज की गर्भवती पत्नी बेसुध हो गई। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानी थाना क्षेत्र के गांव पूठरी निवासी नीरज पुत्र राजाराम परतापुर में स्थित एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। पिता राजाराम दिव्यांग है। इसके अलावा घर में मां, गर्भवती पत्नी और दो बेटियां और तीन भाई हैं।
बृहस्पतिवार सुबह नीरज बाइक से कंपनी में काम पर जाने के लिए चला था। बाफर रजबहे पर गांव कलंजरी से आगे सड़क के गहरे गड्ढे में बाइक समेत गिरकर वह गंभीर रूप से घायल हो गया। नीरज ने हेलमेट भी लगाया हुआ था, लेकिन इसके बाद भी उसके सिर में गंभीर चोट आई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि मार्ग काफी दिनों से टूटा है। सिंचाई विभाग से भी मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मौके पर ही शव के पास बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। वह उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने, पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद व दोषी सिंचाई विभाग के कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
करीब पांच घंटे बाद नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर से उच्चाधिकारियों से बात कर सिंचाई विभाग से मृतक के परिवार को डेढ़ लाख रुपये, प्रशासन की ओर से पांच लाख रुपये की सहायता का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को शव ले जाने दिया।
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चार माह की गर्भवती है नीरज की पत्नी
नीरज की मौत की सूचना से उसके परिवार के सदस्यों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। नीरज के दिव्यांग पिता राजाराम, मां रोशनी रोते हुए मौके पर पहुंचे। दोनों का नीरज के शव को देखकर बुरा हाल हो गया। घर में चार माह की गर्भवती पत्नी सोनी बार-बार बेसुध होती रही। नीरज की पांच और दो साल की बेटी है। दोनों को इस बात का अहसास नहीं था कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया। ग्रामीणों के अनुसार घर में नीरज कमाने वाला अकेला था। अब उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया।
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