फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   A prisoner died in jail at Saharanpur district of Uttar Pradesh

सहारनपुर: जेल में बंदी की मौत, अधिकारियों में मचा हड़कंप, पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा

Wed, 11 Mar 2020 12:41 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Wed, 11 Mar 2020 12:41 PM IST
सार

यूपी के सहारनपुर जनपद में जेल में बंद एक आरोपी की मौत हो गई।

विज्ञापन
A prisoner died in jail at Saharanpur district of Uttar Pradesh
परिजन पुलिस के खिलाफ हंगामा कर रहे हैं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में चोरी के आरोप में जिला जेल में बंद अनुसूचित जाति के सितार सिंह की मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं गुस्साए परिजन ट्रैक्टर- ट्रॉली में शव को रखकर ग्रामीणों के साथ बुधवार को काफी संख्या में पुलिस लाइन पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरसावा पुलिस ने पहले उसे थर्ड डिग्री दी। फिर इसके बाद जेल में बंद कर दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि जिला चिकित्सालय में उसे सही उपचार नहीं मिल पाया। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

विज्ञापन


बसपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, लियाकत अली, विनोद तेजियान, राजकुमार सहित अन्य के साथ बंदी के परिजन और ग्रामीण बुधवार दोपहर काफी संख्या में पुलिस लाइन पहुंचे। बंदी के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने एसपी देहात को बताया कि सितार सिंह को दो मार्च को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरसावा थाना प्रभारी अशोक सोलंकी सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों ने सितार सिंह के साथ मारपीट की। उसे थर्ड डिग्री दी गई। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई। सरकारी अस्पताल में उसका साठगांठ से मेडिकल बनाकर जेल भेज दिया गया। जेल अस्पताल में भी उसे सही उपचार नहीं मिला। इसके बाद आठ मार्च को जिला चिकित्सालय भेज दिया गया और यहां से मेरठ मेडिकल भेज दिया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सितार सिंह की हालत के बारे में परिजनों को सही सूचना नहीं दी गई।
विज्ञापन


वहीं एसपी देहात विद्या सागर मिश्र, एसपी सिटी विनीत भटनागर सहित अन्य अधिकारियों ने प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कर लौटाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: यूपी: जिला कारागार में बंदी की मौत, परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाया ये गंभीर आरोप

दूसरे वर्ग के लोगों पर भी लगाया बुरी तरह मारपीट करने का आरोप

सितार सिंह के पिता सिताब सिंह सहित अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार होने से पहले गांव के सरवत, महताब, शादाब और रियासत ने उसके पुत्र को पकड़कर बुरी तरह पीटा था। इसके बाद उसे पुलिस को सौंपा गया था।

पहले न्याय दिलाएं, फिर करेंगे अंतिम संस्कार

परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस अफसरों के सामने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तब वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र और एसपी सिटी विनीत भटनागर सहित अन्य अधिकारियों के काफी समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए।

मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी : मिश्र

हंगामा कर रहे लोगों को समझाते हुए एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने आश्वासन दिया कि इस मामले में अब मजिस्ट्रेट जांच की जाएगी। मजिस्ट्रेट जांच में ही अब हर स्तर की लापरवाही की स्थिति की जांच की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

लीवर सोराइसिस से पीड़ित था बंदी : शर्मा

वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश शर्मा का कहना है कि बंदी सितार सिंह की तबीयत खराब होने के समय से ही उपचार कराया जा रहा था। पहले जिला जेल के अस्पताल में उपचार दिया गया। इसके बाद जिला चिकित्सालय भेजा गया। वहां हालत न सुधरने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार दिलाया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हुई है। सितार सिंह ड्रग एडिक्ट था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लीवर डैमेज मिला है। उसे लीवर साइरोसिस की गंभीर बीमारी बताई गई है। इसके चलते मौत हुई है। जेल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं की गई है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed