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यूपी: जिला कारागार में बंदी की मौत, परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाया ये गंभीर आरोप

Fri, 06 Sep 2019 05:49 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 06 Sep 2019 05:49 PM IST
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A prisoner death from heart attack in district prison at Saharanpur of Uttar Pradesh
प्रतीकात्मक तस्वीर

यूपी के सहारनपुर जनपद में शांति भंग के मामले में छह दिन पूर्व जेल भेजे गए सरसावा के ग्राम कुतुबपुर निवासी धनीराम की बीमारी के चलते जिला कारागार में मौत हो गई। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेल प्रशासन को मौत का जिम्मेदार बताया।

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ग्राम कुतुबपुर निवासी धनीराम (58 वर्ष) पुत्र रामदिया और विपक्षी हिरदाराम और उसके बेटे रिंकू को पुलिस ने शांति भंग में 31 अगस्त को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा था। 31 अगस्त से धनीराम जिला कारागार में बंद था। बताया जा रहा है कि वह पहले से ही बीमार था। जिसे जेल प्रशासन ने चार सितंबर को जेल अस्पताल में भर्ती कराया। जिला कारागार अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि वह चार सितंबर से जेल अस्पताल में ही भर्ती था। शुक्रवार सुबह अचानक धनीराम की तबीयत खराब हो गई, उसे हार्ट अटैक आ गया और उसकी मौत हो गई। धनीराम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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धनीराम के परिजनों ने जिला प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया। धनीराम के पुत्र आशु शुक्रवार को परिजनों के साथ सरसावा थाना पहुंचा। आशु ने बताया कि जमीन के विवाद में 31 अगस्त को सरसावा पुलिस ने उसके बीमारी से ग्रस्त पिता धनीराम और विपक्षी हिरदाराम और उसके पुत्र रिंकू का चालान कर जेल भेज दिया था। विवाद के आरोपी दोनों विपक्षी तो कई दिन पहले ही जेल से छूटकर वापस आ गए थे, लेकिन उसके पिता को जमानत नहीं दी गई। आशु ने कहा कि तीन दिन पहले ही उसने पिता की बीमारी का हवाला देते हुए तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर जमानत दिए जाने की गुहार लगाई थी लेकिन उसके पिता को जमानत नहीं दी गई।
 
आशु ने बताया कि उसके पिता वर्षों से कई रोगों के मरीज थे, जिस कारण लगातार बीमार रहते थे। आशु के साथ सरसावा थाने पहुंचे प्रकाश चंद, अक्लचंद, प्रह्लाद सिंह, हरपाल सिंह, धर्मपाल, रामकुमार, सविता, सत्या, सुलोचना, सुवर्णा, कविता, कांता ने कहा कि धनीराम की मौत जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण हुई है।

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