मुजफ्फरनगर: बंदी ने जिला कारागार में लगाई फांसी, शौचालय के पीछे लटका मिला शव
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यूपी के मुजफ्फरनगर जिला कारागार में हत्या के मामले में वर्ष 2012 से बंद शाहपुर क्षेत्र के गांव गोयला निवासी बंदी अंकुर पुत्र वीरेंद्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी लाश जेल शौचालय के पीछे की दीवार पर खूंटी से बंधी चादर से लगे फांसी के फंदे पर लटकी मिली। बंदी के परिजनों को सूचना देकर शव को मोर्चरी भेज दिया गया है।
शाहपुर क्षेत्र के गांव गोयला निवासी अंकुर (27) पुत्र वीरेंद्र सिंह उर्फ बिलेंदर को वर्ष 2012 में खतौली कोतवाली पुलिस ने हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब वह खतौली के गांव भैंसी में अपनी बुआ के यहां रहता था, तभी से अंकुर जेल में ही बंद था।
जेलर कमलेश त्रिपाठी ने बताया कि बताया कि सोमवार दोपहर करीब एक बजे अंकुर की लाश शौचालय के पीछे की दीवार पर लगी खूंटी में फांसी के फंदे पर लटकी मिली। उसके गले में चादर से बनाया गया फंदा था, जिसका एक छोर खूंटी से बंधा हुआ था।
वहीं जेल में बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल अफसरों ने डीएम और एसएसपी को इस संबंध में सूचना दी, तब नायब तहसीलदार इंद्रदेव शर्मा और फोरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उनकी मौजूदगी में नई मंडी पुलिस ने शव को खूंटी से उतारकर कब्जे में ले लिया। शव की तलाशी ली गई, लेकिन उसके कपड़ों से कुछ भी नहीं मिला। इस पर शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया गया है। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरा गया।
इन्होंने कहा...
जेल अधीक्षक एके सक्सेना का कहना है कि अंकुर 20 दिसंबर 2012 से जेल में बंद था। शनिवार दोपहर अंकुर की लाश शौचालय के पीछे दीवार पर लगी खूंटी में चादर से बनाए गए फांसी के फंदे पर लटकी मिली है। बंदी ने फांसी क्यों लगाई इसकी वजह फिलहाल नहीं मिल पाई है। उसके पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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