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अलर्ट: पश्चिमी यूपी में फिर मंडराया स्वाइन फ्लू का खतरा, ये हैं लक्षण, बरतें सावधानी

Sat, 24 Aug 2019 04:57 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 24 Aug 2019 04:57 PM IST
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A new patient of swine flu has been found in Meerut of Uttar Pradesh
सांकेतिक तस्वीर

मेरठ में पिछले दिनों स्वाइन फ्लू का एक मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मोदीनगर का मरीज होने के कारण गाजियाबाद के सीएमओ को इससे अवगत करा दिया गया है। मरीज के परिजनों को टैमी फ्लू की दवाइयां दी गईं और आसपास के लोगों से जागरूक रहने की अपील की गई।

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ठंडे स्थानों से घूमकर आने वाले लोगों को यदि स्वाइन फ्लू हुआ है तो उनके संपर्क में आने वालों को स्वाइन फ्लू होने का खतरा रहता है। इस साल जून में दो मरीज मिले थे। इससे पहले स्वाइन फ्लू साल 2017 में गर्मियों में फैला था। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इतनी गर्मी में स्वाइन फ्लू का वायरस एक्टिव नहीं रहता है, लेकिन यदि कोई ठंडे स्थान से घूमकर आ रहा है तो उसे इसका खतरा हो सकता है।
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यह भी पढ़ें: स्वाइन फ्लू: मरीजों के खांसने-छींकने से हवा में फैल रहा वायरस, बरतें ये सावधानी
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शुरुआत में ये है इलाज
शुरुआत में पैरासिटामोल जैसी दवाएं बुखार कम करने के लिए दी जाती हैं। बीमारी बढ़ने पर एंटी वायरल दवा ओसेल्टामिविर, टैमी फ्लू और जानामीविर, रेलेंजा जैसी दवाओं से स्वाइन फ्लू का इलाज किया जाता है, लेकिन इन दवाओं को खुद से नहीं लेना चाहिए।

ये हैं लक्षण
- नाक का लगातार बहना, छींक आना।
- ठंड लगना और लगातार खांसी रहना।
- मांसपेशियों में दर्द या अकड़न।
- सिर में भयानक दर्द, नींद न आना, ज्यादा थकान।
- दवा खाने पर भी बुखार का बढ़ना।
- गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना।

ऐसे होती है जांच
स्वाइन फ्लू के संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति के नाक और थ्रोट स्वेब का सैंपल माइक्रोबायोलॉजी लैब में भेजा जाता है। एलाइजा जांच के बाद पता चलता है कि स्वाइन फ्लू है या नहीं। कई बार निजी लैब में एच1एन1 की पुष्टि हो जाती है। इसके बाद भी आधिकारिक पुष्टि के लिए सरकारी लैब में सैंपल भेजा जाता है। स्वाइन फ्लू एनफ्लुएंजा यानी फ्लू वायरस के अपेक्षाकृत नए स्ट्रेन इनफ्लुएंजा वायरस ए से होने वाला इंफेक्शन है। इसके इंफेक्शन ने 2009 और 2010 में महामारी का रूप ले लिया था।

ये बरतें सावधानी
- स्वाइन फ्लू की आशंका हो तो सरकारी संस्थान में जांच कराएं।
- आराम करना, पानी की कमी न होने देना।
- आसपास कोई खांस रहा है तो एहतियात बरतें।
- हाथों को साबुन से धोएं।

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