स्वाइन फ्लू: मरीजों के खांसने-छींकने से हवा में फैल रहा वायरस, बरतें ये सावधानी
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स्वाइन फ्लू का संक्रमण हवा में समा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के खांसने और छींकने से इसका वायरस हवा में फैल रहा है, जिससे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में बीमार लोग एहतियात बरतें तो स्वाइन फ्लू को रोकने में आसानी होगी।
दरअसल, इस साल अब तक मिले मेरठ के 291 मरीजों में 200 से ज्यादा ऐसे हैं, जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली, यानि वे कहीं बाहर घूमकर नहीं आए और उन्हें स्वाइन फ्लू हुआ है। लिहाजा स्वास्थ्य विभाग मान रहा है कि इन मरीजों को यहीं स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है और यह मरीजों से ही एक-दूसरे को फैला है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग घबराए नहीं, समय से दवा लें तो यह ज्यादा असरदार नहीं है। उन मरीजों के लिए खतरनाक है, जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। स्वाइन फ्लू से इस साल अभी तक दो लोगों की मौत हुई है, वह दोनों भी पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे।
मरीजों और बच्चों को है अतिरिक्त सावधानी की जरूरत
डायबिटीज के मरीज और छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए इन्हें अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। स्वाइन फ्लू के मरीज की अगर उंगलियां नीली पड़ जाएं और ब्लड प्रेशर कम होने लगे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए। सात दिन से जुकाम और बुखार है तो जांच कराएं।
हाथ मिलाने से बरतें परहेज
बाहर रहने पर बीमार लोगों से हाथ मिलाने से बचें, दूर से नमस्ते करें तो बेहतर है। स्वाइन फ्लू का वायरस हर साल अपना स्ट्रेन बदल लेता है। यही वजह है कि स्वाइन फ्लू की वैक्सीन भी एक साल के लिए ही बनती है।
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