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Meerut News: दो मंजिला मकान में लगी भीषण आग, दो बच्चे और दादी झुलसे
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इकरार अहमद..... सोमवार देर रात को समय 2:00 बजे के करीब थाना कोतवाली क्षेत्र के तोपची वाडा के एक
गाजियाबाद व अन्य संस्करणों के ध्यानार्थ...
सोमवार रात दो बजे हुआ हादसा, शॉर्ट सर्किट माना जा रहा आग का कारण
सात दमकल वाहनों ने करीब तीन घंटे में कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कोतवाली क्षेत्र के तोपचीवाड़ा में सोमवार रात करीब दो बजे दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। आगजनी में बालक रहीम (10), किशोरी माहीन (16) और उनकी दादी फैमिदा सुल्ताना गंभीर रूप से झुलस गए। पड़ोसियों ने परिवार के सदस्यों को रस्सी के सहारे पीछे के रास्ते से बाहर निकाला। सात दमकल वाहनों ने तीन घंटे में आग बुझाई।
लेकिन तब तक मकान का सारा सामान जलकर राख हो गया। आग से छत और दीवारें भी जर्जर हो गईं। इससे मकान रहने लायक भी नहीं रहा। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।
तोपचीवाड़ा निवासी अरशद खान किराए पर ई-रिक्शा चलवाते हैं। दो मंजिला मकान में वह पत्नी, तीन बच्चों और माता-पिता के साथ रहते हैं। सोमवार रात अरशद के पिता नफीस अहमद और मां फैमिदा सुल्ताना तीनों बच्चों रहीम, माहीन व अलीम के साथ मकान की निचली मंजिल पर सो रहे थे। ऊपरी मंजिल पर अरशद और पत्नी शीबा सोए थे। रात करीब दो बजे निचली मंजिल पर अचानक आग लग गई। परिवार के लोग जब तक उठे पूरा मकान आग की लपटों से घिर चुका था।
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मकान में फंसे परिवार के सदस्य, रहीम गंभीर
कुछ ही देर में दूसरी मंजिल तक आग पहुंच गई। घर के मेन गेट की तरफ भी आग लगी हुई थी। इससे परिवार के लोग अंदर ही फंस गए। आग से निकल रहे धुएं के चलते उनका दम घुटने लगा। परिवार की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने उन्हें मकान के पिछले हिस्से की तरफ से रस्सी के सहारे बाहर निकाला। आग में झुलसे रहीम, माहीन और फैमिदा सुल्ताना को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां रहीम की हालत गंभीर बनी हुई है।
सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार ने बताया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। परिवार की ओर से कोई तहरीर अभी नहीं मिली है।
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शॉर्ट सर्किट से मोबाइल फटा, आग से फ्रिज का कंप्रेशर
पीड़ित परिवार के मुताबिक रात में निचली मंजिल पर उनका मोबाइल चार्जिंग पर लगा हुआ था। रात में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और मोबाइल फट गया और आग लग गई। आग तख्त के नीचे सफाई के लिए लाकर रखी गई स्प्रिट की बोतल तक पहुंच गई। तख्त पर तीनों बच्चे सोए हुए थे। बिस्तर ने आग पकड़ ली और फैलती चली गई। फ्रिज तक आग पहुंच गई और धमाके के साथ उसका कंप्रेशर फट गया। इससे दहशत फैल गई। कुछ लोगों ने हिम्मत कर रसोई में रखा घरेलू गैस सिलिंडर बाहर निकाला। मेन गेट अंदर से बंद था, इससे आग बुझाने में दिक्कत आ रही थी। लोगों ने मेन गेट तोड़ा, तब आग बुझाई जा सकी।
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छत की कड़ी जली, टाइल्स दीवारों से गिरी
मकान काफी पुराना था, अधिकतर कमरों की छत कड़ी की थी। एक-दो कमरों की छत टी-आयरन की हैं। आग इतनी भीषण थी कि छत की सारी कड़ी जल गईं। दीवारों का प्लास्टर और टाइल्स भी गिर गई। नफीस अहमद की भतीजी शिक्षिका नसरीन जहां ने बताया कि परिवार ने कुछ समय पहले ही मकान में काफी रुपये लगाकर फर्नीशिंग कराई थी। आग के कारण अब मकान रहने लायक नहीं बचा है। आग में कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन अभी किया जा रहा है।
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आर्थिक नुकसान हुआ, सिर की छत भी छिनी
नफीस अहमद के तीन बेटे हैं। अरशद का परिवार माता-पिता के साथ रह रहा था। जबकि दो बेटे असलम और अशरफ मोहल्ले में ही अलग मकान में रहते हैं। अरशद किराए पर ई-रिक्शा चलवाते हैं। आग में घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। तीन सदस्य झुलस गए। परिवार के सिर से छत भी छिन गई। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि परिवार ने कुछ समय पूर्व जीवनभर की कमाई मकान में लगाई थी। आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। परिवार को शासन-प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
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तीन घंटे तक रहा अफरातफरी का माहौल
घर में आग लगी और तेजी से फैलती चली गई। धुएं से दम घुटने से नफीस अहमद की आंख खुली तो सामने भयावह मंजर था। उन्होंने शोर मचाते हुए परिवार के अन्य सदस्यों को उठाया। शोर-शराबा सुनकर पड़ोसी भी जाग गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन कर पड़ोसी परिवार को घर से बाहर निकालने और आग बुझाने में जुट गए। घरों से पानी लाकर आसपास रह रहे लोग पर डालते रहे। आग पर काबू पाने में करीब तीन घंटे लग गए। इस दौरान अफरातफरी का माहौल रहा।
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सोमवार रात दो बजे हुआ हादसा, शॉर्ट सर्किट माना जा रहा आग का कारण
सात दमकल वाहनों ने करीब तीन घंटे में कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कोतवाली क्षेत्र के तोपचीवाड़ा में सोमवार रात करीब दो बजे दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। आगजनी में बालक रहीम (10), किशोरी माहीन (16) और उनकी दादी फैमिदा सुल्ताना गंभीर रूप से झुलस गए। पड़ोसियों ने परिवार के सदस्यों को रस्सी के सहारे पीछे के रास्ते से बाहर निकाला। सात दमकल वाहनों ने तीन घंटे में आग बुझाई।
लेकिन तब तक मकान का सारा सामान जलकर राख हो गया। आग से छत और दीवारें भी जर्जर हो गईं। इससे मकान रहने लायक भी नहीं रहा। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।
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तोपचीवाड़ा निवासी अरशद खान किराए पर ई-रिक्शा चलवाते हैं। दो मंजिला मकान में वह पत्नी, तीन बच्चों और माता-पिता के साथ रहते हैं। सोमवार रात अरशद के पिता नफीस अहमद और मां फैमिदा सुल्ताना तीनों बच्चों रहीम, माहीन व अलीम के साथ मकान की निचली मंजिल पर सो रहे थे। ऊपरी मंजिल पर अरशद और पत्नी शीबा सोए थे। रात करीब दो बजे निचली मंजिल पर अचानक आग लग गई। परिवार के लोग जब तक उठे पूरा मकान आग की लपटों से घिर चुका था।
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मकान में फंसे परिवार के सदस्य, रहीम गंभीर
कुछ ही देर में दूसरी मंजिल तक आग पहुंच गई। घर के मेन गेट की तरफ भी आग लगी हुई थी। इससे परिवार के लोग अंदर ही फंस गए। आग से निकल रहे धुएं के चलते उनका दम घुटने लगा। परिवार की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने उन्हें मकान के पिछले हिस्से की तरफ से रस्सी के सहारे बाहर निकाला। आग में झुलसे रहीम, माहीन और फैमिदा सुल्ताना को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां रहीम की हालत गंभीर बनी हुई है।
सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार ने बताया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। परिवार की ओर से कोई तहरीर अभी नहीं मिली है।
शॉर्ट सर्किट से मोबाइल फटा, आग से फ्रिज का कंप्रेशर
पीड़ित परिवार के मुताबिक रात में निचली मंजिल पर उनका मोबाइल चार्जिंग पर लगा हुआ था। रात में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और मोबाइल फट गया और आग लग गई। आग तख्त के नीचे सफाई के लिए लाकर रखी गई स्प्रिट की बोतल तक पहुंच गई। तख्त पर तीनों बच्चे सोए हुए थे। बिस्तर ने आग पकड़ ली और फैलती चली गई। फ्रिज तक आग पहुंच गई और धमाके के साथ उसका कंप्रेशर फट गया। इससे दहशत फैल गई। कुछ लोगों ने हिम्मत कर रसोई में रखा घरेलू गैस सिलिंडर बाहर निकाला। मेन गेट अंदर से बंद था, इससे आग बुझाने में दिक्कत आ रही थी। लोगों ने मेन गेट तोड़ा, तब आग बुझाई जा सकी।
छत की कड़ी जली, टाइल्स दीवारों से गिरी
मकान काफी पुराना था, अधिकतर कमरों की छत कड़ी की थी। एक-दो कमरों की छत टी-आयरन की हैं। आग इतनी भीषण थी कि छत की सारी कड़ी जल गईं। दीवारों का प्लास्टर और टाइल्स भी गिर गई। नफीस अहमद की भतीजी शिक्षिका नसरीन जहां ने बताया कि परिवार ने कुछ समय पहले ही मकान में काफी रुपये लगाकर फर्नीशिंग कराई थी। आग के कारण अब मकान रहने लायक नहीं बचा है। आग में कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन अभी किया जा रहा है।
आर्थिक नुकसान हुआ, सिर की छत भी छिनी
नफीस अहमद के तीन बेटे हैं। अरशद का परिवार माता-पिता के साथ रह रहा था। जबकि दो बेटे असलम और अशरफ मोहल्ले में ही अलग मकान में रहते हैं। अरशद किराए पर ई-रिक्शा चलवाते हैं। आग में घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। तीन सदस्य झुलस गए। परिवार के सिर से छत भी छिन गई। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि परिवार ने कुछ समय पूर्व जीवनभर की कमाई मकान में लगाई थी। आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। परिवार को शासन-प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
तीन घंटे तक रहा अफरातफरी का माहौल
घर में आग लगी और तेजी से फैलती चली गई। धुएं से दम घुटने से नफीस अहमद की आंख खुली तो सामने भयावह मंजर था। उन्होंने शोर मचाते हुए परिवार के अन्य सदस्यों को उठाया। शोर-शराबा सुनकर पड़ोसी भी जाग गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन कर पड़ोसी परिवार को घर से बाहर निकालने और आग बुझाने में जुट गए। घरों से पानी लाकर आसपास रह रहे लोग पर डालते रहे। आग पर काबू पाने में करीब तीन घंटे लग गए। इस दौरान अफरातफरी का माहौल रहा।

इकरार अहमद..... सोमवार देर रात को समय 2:00 बजे के करीब थाना कोतवाली क्षेत्र के तोपची वाडा के एक

इकरार अहमद..... सोमवार देर रात को समय 2:00 बजे के करीब थाना कोतवाली क्षेत्र के तोपची वाडा के एक