फर्जी पेट्रोल पंप का मामला: संचालक समेत चार के खिलाफ मुकदमा, जांच के लिए होगी टीम गठित
- मेरठ के कंकरखेड़ा में फर्जी पेट्रोल पंप का मामला
- संचालक समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
- जांच के लिए टीम गठित कर रहा आपूर्ति विभाग
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के मेरठ में पठानपुरा भोला रोड पर फर्जी पेट्रोल पंप का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंप के मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ थाना कंकरखेड़ा पर आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, अब पश्चिमी यूपी में सॉल्वेंट डीलरों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। मेरठ में भी जिला आपूर्ति विभाग सॉल्वेंट विक्रेताओं से सॉल्वेंट खरीदने और बेचने का पूरा लेखा-जोखा लेगा ताकि स्पष्ट हो सके कि सॉल्वेंट मिलाकर नकली पेट्रोल तैयार करने वाले कौन लोग हैं।
मंगलवार को जिला प्रशासन ने भोला रोड पर फर्जी पेट्रोल पंप पकड़ा था। इस पंप से नकली डीजल व पेट्रोल भी बरामद किया गया। प्रशासन ने इस पंप को सील कर दिया था। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा बिजेंद्र सिंह राणा के अनुसार इस मामले में फर्जी पेट्रोल पंप के संचालक गौरव पुत्र बच्चू सिंह निवासी अलीगढ़, अंकुर कुमार पुत्र रणवीर सिंह निवासी 123/7 जागृति विहार, सचिन गुप्ता पुत्र छोटे गुप्ता निवासी रतन नगर भोला रोड और कपिल कुमार पुत्र ननवा निवासी भीलवाड़ा थाना मवाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इनमें गौरव और सचिन संचालक बताए गए, जबकि अंकुर पंप का मैनेजर और कपिल सेल्समैन बताया गया था। यह मुकदमा प्रशासन ने जिला पूर्ति विभाग की तरफ से दर्ज कराया है। पुलिस मुकदमे की विवेचना के संबंध में बांट माप व नापतौल विभाग, जिला आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर और अन्य विभाग के अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेगी।
जांच के लिए भेजे सैंपल
फर्जी पेट्रोल पंप से लिए नकली डीजल व पेट्रोल के सैंपल जिला आपूर्ति विभाग ने जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। 10 से 12 दिन में जांच रिपोर्ट आने की बात कही जा रही है। वहीं इस मामले में अधिकारियों ने माना कि सॉल्वेंट मिलाकर मिलावटी पेट्रोल तैयार किया गया है। हालांकि अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी। पेट्रोल में सॉल्वेंट और डीजल में कोरोसिन मिलाकर मिलावटी पेट्रोल और डीजल तैयार कर बेचे जाने का मामला नया नहीं है। पहले भी कई बार ऐसे मामला उजागर हो चुके हैं। जिससे यह तो साफ हो गया है कि सॉल्वेंट के थोक विक्रेता कहीं न कहीं तेल माफियाओं से मिले हुए हैं।
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शासन का आदेश रखना होगा रिकॉर्ड
छह महीने पहले अमर उजाला द्वारा उजागर किए गए तेल के खेल की गूंज शासन तक पहुंची थी। जिसके बाद शासन ने मेरठ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में सॉल्वेंट विक्रेताओं के लिए आदेश जारी किया था कि सॉल्वेंट कितना खरीदा गया और कितना बेचा गया, उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। शासन के आदेश का सॉल्वेंट विक्रेताओं ने कितना अनुपालन किया, इसकी जांच करना जिला प्रशासन भूल गया। यही कारण है कि भोला रोड पर बिना एनओसी के पेट्रोल पंप लगातार नकली पेट्रोल और डीजल बेचा जाता रहा और संबंधित विभाग सोते रहे। अब मामला उजागर होने के बाद जिला आपूर्ति विभाग की नींद टूटी है। इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि जिले के सभी सॉल्वेंट विक्रेताओं की जांच की जाएगी। सॉल्वेंट कब और कितना खरीदा और उसे कितना और अब बेचा, उसका पूरा रिकॉर्ड तलब किया जाएगा। जिसके रिकॉर्ड में गड़बड़ पाई जाएगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आपूर्ति विभाग एक टीम गठित कर रहा है।
10,000 का जुर्माना
भोला रोड पर पकड़े गए फर्जी पेट्रोल पंप की मशीनों को सत्यापित न कराने के आरोप में बांट माप तौल विभाग ने पेट्रोल पंप संचालक पर जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के सीनियर इंस्पेक्टर आरके विक्रम का कहना है कि विभाग की तरफ से पेट्रोल पंप मालिक पर 10000 रुपए का जुर्माना किया जाएगा। जिसके लिए नोटिस जारी कर दिया है।
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