{"_id":"52-80580","slug":"Meerut-80580-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"एजूकेशन में बढ़ेगी टेक्नोलॉजी, करियर भरेगा उड़ान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एजूकेशन में बढ़ेगी टेक्नोलॉजी, करियर भरेगा उड़ान
Meerut
Updated Wed, 10 Dec 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। एजूकेशन के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के बढ़ते दखल से अपना मेरठ भी कदमताल कर रहा है। आने वाले सात सालों में एजूकेशन के सारे काम ऑनलाइन हो जाएंगे। रोजगारपरक कोर्स बढे़ंगे। टेक्नोलॉजी का असर पढ़ाई पर पड़ेगा। मोबाइल पर अपडेट मिलेगा। इसकी शुरूआत हो चुकी है, लेकिन पूरी तरह लागू होने में अभी और वक्त लगेगा। सीसीएसयू ने ऑनलाइन को अपनाकर प्रदेश के दूसरे विश्वविद्यालयों के सामने नजीर पेश की है। कैंपस वाई-फाई हो रहे हैं। बावजूद इसके चुनौतियां भी कम नहीं है। जानकारों को कहना है कि अगले पांच में एजूकेशन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। संसाधनों की जिस तरह कमी होती जा रही है उस हिसाब से तकनीक को बढ़ाना पड़ेगा। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय एडमिशन से लेकर एग्जाम फार्म भरने तक के काम ऑनलाइन कर रहा है। मेरठ और सहारनपुर मंडल के करीब छह लाख विद्यार्थी इसका लाभ ले रहे हैं। इससे एडमिशन प्रक्रिया में जहां पारदर्शिता आई है, वहीं काम की रफ्तार भी बढ़ी है। सीसीएसयू के कॉलेजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कैंपस में स्टॉफ ट्रेनिंग कॉलेज खुलना प्रस्तावित है। डिग्री और मार्कशीट ऑनलाइन देने की योजना है। मोदीपुरम स्थित कृषि विश्वविद्यालय में कॉलेजों की संख्या बढ़ जाएगी। कॉलेज और इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी खुलेगा। फूड प्रोसेसिंग कॉलेज खुलना प्रस्तावित है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए मशरूम का सेंटर स्थापित होने जा रहा है। मशरूम की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा निजी क्षेत्र में कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ट्रेडिशनल कोर्स की डिमांड कम होने की वजह से नए कोर्स शुरू करने की तैयारी है। मेरठ और सहारनपुर मंडल में 300 से अधिक बीएड कॉलेज हैं। कुछ कॉलेजों ने दूसरे कोर्स भी शुरू कर दिए हैं।
सात सालों में ऐसे होगा विकास
- सीसीएसयू का भार कम होने की संभावना
- कृषि विश्वविद्यालयों में कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी
- सीसीएसयू के सारे काम ऑनलाइन होंगे
- कॉलेजों की लैब और लाइब्रेरी हो रही अपडेट
- कृषि विवि में इंजीनियरिंग कॉलेज खुलेगा
- कृषि विवि में फूड प्रोसेसिंग कॉलेज खुलेगा
जमाना तकनीक और उससे सीखने का है। रोजगार परक कोर्स तैयार होने चाहिए। विवि पर कॉलेजों का लोड अधिक है। अगर इस बारे में शासन गंभीरता से विचार कर समाधान करे तो एजूकेशन के नियंत्रण और क्वालिटी को बेहतर किया जा सकता है। - विक्रम चंद्र गोयल, कुलपति, सीसीएसयू
एडमिशन मेरिट से सही तरह से मैंटेन करने जरूरी हैं। एजूकेशन का माहौल बनेगा। स्टूडेंट के लिए जरूरी हो गया है कि उसे दो लैंग्वेज का ज्ञान हो। इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी को बढ़ाना होगा। -प्रो. जेके पुंडीर, सीसीएसयू
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कॉलेज और विवि में खाली पद चिंता का विषय हैं। सालों से पद खाली चल रहे हैं। संसाधन कम होते जा रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में रोजगार पाने में सहायक माहौल पैदा करना होगा। शिक्षा व्यापारीकरण रोकना हागा। -प्रो. वाई विमला, सीसीएसयू
प्राइवेट इंस्टीट्यूट पर जब तक सरकार का नियंत्रण नहीं होगा तब तक गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा। प्राइवेट संस्थान कुकुरमुत्तों की तरह खुल गए हैं, उनकी निगरानी पर ध्यान नहीं है। -डॉ. अतवीर सिंह, सीसीएसयू
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना चुनौती है। नई पीढ़ी को तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों की भी जानकारी दिए जाने की आवश्यकता है। यह अच्छी बात है कि शिक्षा में जागरूकता बढ़ रही है। -प्रो. असलम जमशेदपुरी, सीसीएसयू
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सात सालों में ऐसे होगा विकास
- सीसीएसयू का भार कम होने की संभावना
- कृषि विश्वविद्यालयों में कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी
- सीसीएसयू के सारे काम ऑनलाइन होंगे
- कॉलेजों की लैब और लाइब्रेरी हो रही अपडेट
- कृषि विवि में इंजीनियरिंग कॉलेज खुलेगा
- कृषि विवि में फूड प्रोसेसिंग कॉलेज खुलेगा
जमाना तकनीक और उससे सीखने का है। रोजगार परक कोर्स तैयार होने चाहिए। विवि पर कॉलेजों का लोड अधिक है। अगर इस बारे में शासन गंभीरता से विचार कर समाधान करे तो एजूकेशन के नियंत्रण और क्वालिटी को बेहतर किया जा सकता है। - विक्रम चंद्र गोयल, कुलपति, सीसीएसयू
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एडमिशन मेरिट से सही तरह से मैंटेन करने जरूरी हैं। एजूकेशन का माहौल बनेगा। स्टूडेंट के लिए जरूरी हो गया है कि उसे दो लैंग्वेज का ज्ञान हो। इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी को बढ़ाना होगा। -प्रो. जेके पुंडीर, सीसीएसयू
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कॉलेज और विवि में खाली पद चिंता का विषय हैं। सालों से पद खाली चल रहे हैं। संसाधन कम होते जा रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में रोजगार पाने में सहायक माहौल पैदा करना होगा। शिक्षा व्यापारीकरण रोकना हागा। -प्रो. वाई विमला, सीसीएसयू
प्राइवेट इंस्टीट्यूट पर जब तक सरकार का नियंत्रण नहीं होगा तब तक गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा। प्राइवेट संस्थान कुकुरमुत्तों की तरह खुल गए हैं, उनकी निगरानी पर ध्यान नहीं है। -डॉ. अतवीर सिंह, सीसीएसयू
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना चुनौती है। नई पीढ़ी को तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों की भी जानकारी दिए जाने की आवश्यकता है। यह अच्छी बात है कि शिक्षा में जागरूकता बढ़ रही है। -प्रो. असलम जमशेदपुरी, सीसीएसयू