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परीक्षा में बैठा जावेद, प्रवेश लेने पहुंचा सौरभ
Meerut
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
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मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वेटनरी कॉलेज में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने आए एक ऐसे छात्र को पकड़ा गया है, जिसने प्रवेश परीक्षा ही नहीं दी थी। गोंडा के रहने वाले सौरभ नाम के इस छात्र का कानपुर के जावेद अली से एक लाख रुपये में सौदा हुआ था। जावेद ने ही उसके नाम पर प्रवेश परीक्षा दी और काउंसिलिंग में भी वही आया। इसमें चयनित छात्रों को सोमवार को रजिस्ट्रेशन के लिए बुलाया गया था। तभी मामला पकड़ में आया। रिपोर्ट दर्ज कराकर छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। छात्र के साथ उसके पिता और रिश्ते के दादा भी थे। पूछताछ के बाद विवि प्रशासन ने दोनों को छोड़ दिया है।
वेटनरी कॉलेज में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग 21 अक्तूबर को हुई थी। इसके बाद छात्रों को अपना पंजीकरण कराना था। गोंडा के लुकवाणी सेंटर वजीर गंज निवासी सौरभ भी अपने पिता वैष्णोदास मिश्रा के साथ आया था। पंजीकरण के दौरान छात्र से पूछताछ की गई तो वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। इस पर कर्मचारियों ने शक होने पर रजिस्ट्रार को सूचना दे दी। रजिस्ट्रार डॉ. सीएस प्रसाद ने काउंसिलिंग के दौरान कराई गई फोटोग्राफी से मिलान कराया तो सौरभ उसमें नहीं पाया गया। इस पर छात्र और उसके पिता को पूछताछ के लिए बैठा लिया गया। उनके साथ ओमप्रकाश नाम का एक व्यक्ति और था जो अपने आपको उनका रिश्तेदार और कथित पत्रकार बता रहा था। छात्र ने बताया कि उसकी मुलाकात जावेद अली से हुई थी। उसने एक लाख रुपये में एडमिशन कराने की बात कही थी। इसके बाद उसने जावेद को रुपये दे दिए थे। परीक्षा जावेद ने ही दी थी। काउंसिलिंग में भी वही आया था। तीन घंटे की पूछताछ के बाद सुरक्षा अधिकारी वीके कटारिया ने छात्र सौरभ मिश्रा को दौराला पुलिस के हवाले कर दिया। इंस्पेक्टर दौराला जनकसिंह पुंडीर ने बताया कि रजिस्ट्रार की तहरीर पर छात्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
काम आया फोटोग्राफी कराना
काउंसिलिंग के दौरान फोटोग्राफी कराई गई थी। रजिस्ट्रार ने बताया कि छात्र ने परीक्षा फार्म में उम्र 17 वर्ष लिखी थी। फोटो के अनुसार जिसने काउंसिलिंग कराई वह 30 साल के आसपास लग रहा था। फोटो का मिलान कराने पर छात्र पकड़ में आ गया।
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पिता और दादा ने लिखित में दी सफाई
रजिस्ट्रार ने बताया कि वैष्णोदास का चाचा ओमप्रकाश दुबे पत्रकार है। उसने लिखित में दिया है कि वह तो साथ में आया था। इस मामले से उसका कोई लेनादेना नहीं है। छात्र के पिता वैष्णोदास ने भी भी लिखित मेें दिया है। इसके बाद दोनों को छोड़ दिया गया।
53 छात्रों का हुआ पंजीकरण
वहीं वेटनरी कॉलेज में प्रवेश के लिए 53 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बची हुई सात सीटों पर काउंसिंलिग 29 अक्तूबर को होगी। इसमें एक एससी और छह एनआरआई की सीट हैं। जिस छात्र का एडमिशन फर्जी पाया गया है, उस सीट की भी काउंसिलिंग उसी दिन कराई जाएगी।
वर्जन
पंजीकरण के दौरान छात्र को पकड़ लिया गया है। विवि में फोटो मिलान के दौरान यह मामला पकड़ में आया है। छात्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. एचएस गौड़, कुलपति, कृषि विवि
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वेटनरी कॉलेज में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग 21 अक्तूबर को हुई थी। इसके बाद छात्रों को अपना पंजीकरण कराना था। गोंडा के लुकवाणी सेंटर वजीर गंज निवासी सौरभ भी अपने पिता वैष्णोदास मिश्रा के साथ आया था। पंजीकरण के दौरान छात्र से पूछताछ की गई तो वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। इस पर कर्मचारियों ने शक होने पर रजिस्ट्रार को सूचना दे दी। रजिस्ट्रार डॉ. सीएस प्रसाद ने काउंसिलिंग के दौरान कराई गई फोटोग्राफी से मिलान कराया तो सौरभ उसमें नहीं पाया गया। इस पर छात्र और उसके पिता को पूछताछ के लिए बैठा लिया गया। उनके साथ ओमप्रकाश नाम का एक व्यक्ति और था जो अपने आपको उनका रिश्तेदार और कथित पत्रकार बता रहा था। छात्र ने बताया कि उसकी मुलाकात जावेद अली से हुई थी। उसने एक लाख रुपये में एडमिशन कराने की बात कही थी। इसके बाद उसने जावेद को रुपये दे दिए थे। परीक्षा जावेद ने ही दी थी। काउंसिलिंग में भी वही आया था। तीन घंटे की पूछताछ के बाद सुरक्षा अधिकारी वीके कटारिया ने छात्र सौरभ मिश्रा को दौराला पुलिस के हवाले कर दिया। इंस्पेक्टर दौराला जनकसिंह पुंडीर ने बताया कि रजिस्ट्रार की तहरीर पर छात्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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काम आया फोटोग्राफी कराना
काउंसिलिंग के दौरान फोटोग्राफी कराई गई थी। रजिस्ट्रार ने बताया कि छात्र ने परीक्षा फार्म में उम्र 17 वर्ष लिखी थी। फोटो के अनुसार जिसने काउंसिलिंग कराई वह 30 साल के आसपास लग रहा था। फोटो का मिलान कराने पर छात्र पकड़ में आ गया।
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पिता और दादा ने लिखित में दी सफाई
रजिस्ट्रार ने बताया कि वैष्णोदास का चाचा ओमप्रकाश दुबे पत्रकार है। उसने लिखित में दिया है कि वह तो साथ में आया था। इस मामले से उसका कोई लेनादेना नहीं है। छात्र के पिता वैष्णोदास ने भी भी लिखित मेें दिया है। इसके बाद दोनों को छोड़ दिया गया।
53 छात्रों का हुआ पंजीकरण
वहीं वेटनरी कॉलेज में प्रवेश के लिए 53 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बची हुई सात सीटों पर काउंसिंलिग 29 अक्तूबर को होगी। इसमें एक एससी और छह एनआरआई की सीट हैं। जिस छात्र का एडमिशन फर्जी पाया गया है, उस सीट की भी काउंसिलिंग उसी दिन कराई जाएगी।
वर्जन
पंजीकरण के दौरान छात्र को पकड़ लिया गया है। विवि में फोटो मिलान के दौरान यह मामला पकड़ में आया है। छात्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. एचएस गौड़, कुलपति, कृषि विवि