फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   अब सीटा के निशाने पर कुलपति

अब सीटा के निशाने पर कुलपति

Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
Meerut
Meerut Updated Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। कॉलेज इंग्लिश टीचर्स एसोसिएशन (सीटा) भी सीसीएसयू रजिस्ट्रार को रिलीव करने के विरोध में उतर आई है। सीटा महामंत्री डॉ. विकास शर्मा ने कुलाधिपति को लिखे तीन पेज के पत्र में कुलपति पर संगीन आरोप लगाए हैं। रजिस्ट्रार की तारीफ और कुलपति को अहंकारी तक बताया गया है।
विज्ञापन

पत्र में लिखा है कि कुलपति विक्रम चंद्र गोयल ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी चहेती कंपनी को मुख्य परीक्षा के बार कोड का जिम्मा सौंपा। दो साल में विवि को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। वीसी विवि को थाने व कोतवाली की तरह चला रहे हैं। रजिस्ट्रार को पहले ही दिन से उनके मुख्य काम से अलग करके प्रोफेसरों को परीक्षा नियंत्रक व मूल्यांकन प्रभारी बना दिया। कुलपति ने अपने चहेतों को ही सारे काम सौंपे हैं। उनकी हठ के कारण ही प्रवेश प्रक्रिया से लेकर परीक्षा तक का शेड्यूल बिगड़ गया है।
विज्ञापन


देरी से क्यों जागा सीटा?
प्रवेश प्रक्रिया और रिजल्ट देरी से आने के कारण विवि के सैकड़ों छात्रों को नुकसान हुआ है। दो साल से छात्र विवि की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। अगर कुलपति गलत फैसले ले रहे थे तो सीटा इतनी देर से क्यों जागा? सीटा महामंत्री के पत्र पर भी सवाल उठ गए हैं। एक बिंदू में उन्होंने लिखा है कि रजिस्ट्रार के ज्वाइन करते ही मूल्यांकन प्रभारी और परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसरों को बनाया। लेकिन रजिस्ट्रार ने मार्च में ज्वाइन किया था। इन पदों पर काफी पहले तैनाती हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्र संगठन भी पक्ष में
छात्र संगठन भी रजिस्ट्रार के पक्ष में हैं। उन्होंने डीएम तक को पत्र लिखकर वीसी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। अब सीटा के आने से मामला और बढ़ गया है। कुलपति से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन विवि से बाहर होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।


गेस्ट हाउस पर सब चुप
रजिस्ट्रार मनोज चौहान ने काफी दिनों से वीआईपी गेस्ट हाउस कब्जा रखा था। छात्र नेता और सीटा इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

जितने आरोप विकास शर्मा लगा रहे हैं, उनकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इसमें मैं भी स्वयं शामिल रहूं। ताकि सच सामने आए। सीटा महामंत्री पर लगे तमाम आरोपों की जांच कराई जाएगी, जिससे लोगों के सामने उनकी छवि उजागर हो सके। - विक्रम चंद्र गोयल, कुलपति सीसीएसयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed