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नगर निगम की 300 वर्ग मीटर जमीन पर रार
Meerut
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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मेरठ। घंटाघर पर मेनका सिनेमा के सामने खाली पड़ी नगर निगम की 300 वर्ग मीटर जमीन विवाद में फंस गई है। 20 साल पहले निगम अधिकारियों ने इसे पार्किंग के लिए किराये पर दिया था। अब किरायेदार ने इस पर अधिकार जताते हुए कोर्ट की शरण ले ली है। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष-1992-93 में यह भूमि याकूब और लियाकत अली को दी गई थी। इस पर वे वाहन पार्किंग चलाते थे। निगम अधिकारियों ने इस भूमि को ठेके की जगह किराये पर दर्शा दिया। इसी का नतीजा है कि लाखों रुपये की संपत्ति पर ठेकेदारों ने दावा कर दिया है। मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। इससे पहले भी यह मामला हाईकोर्ट तक जा चुका है। फिलहाल, इस जमीन पर अवैध पार्किंग चल रही है।
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वर्जन
- जमीन नगर निगम की है। निगम इस पर काफी समय पहले कब्जा ले चुका है। अब लियाकत ने सिविल कोर्ट में मामला डाल दिया है। निगम अपना पक्ष मजबूती से रखेगा। -दिनेश यादव, उप नगरायुक्त
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- मैं भूमि पर स्वामित्व नहीं मांग रहा हूं, बल्कि निगम की शर्तों के मुताबिक में किरायेदार हूं। निगम ने हाईकोर्ट में फर्जी शपथ पत्र लगाए थे। सिविल कोर्ट में मामला डाला है। मैं सभी साक्ष्य प्रस्तुत करूंगा। निगम अधिकारी उस भूमि पर अवैध पार्किंग संचालित कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं। -लियाकत अली, ठेकेदार
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- नगर निगम ने अपना पक्ष दाखिल किया है। मामला बहुत पुराना है। भूमि निगम की है। पहले भी हाईकोर्ट निगम के पक्ष में आदेश कर चुका है। -सतीश चंद त्यागी, एडवोकेट
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वर्जन
- जमीन नगर निगम की है। निगम इस पर काफी समय पहले कब्जा ले चुका है। अब लियाकत ने सिविल कोर्ट में मामला डाल दिया है। निगम अपना पक्ष मजबूती से रखेगा। -दिनेश यादव, उप नगरायुक्त
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- मैं भूमि पर स्वामित्व नहीं मांग रहा हूं, बल्कि निगम की शर्तों के मुताबिक में किरायेदार हूं। निगम ने हाईकोर्ट में फर्जी शपथ पत्र लगाए थे। सिविल कोर्ट में मामला डाला है। मैं सभी साक्ष्य प्रस्तुत करूंगा। निगम अधिकारी उस भूमि पर अवैध पार्किंग संचालित कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं। -लियाकत अली, ठेकेदार
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- नगर निगम ने अपना पक्ष दाखिल किया है। मामला बहुत पुराना है। भूमि निगम की है। पहले भी हाईकोर्ट निगम के पक्ष में आदेश कर चुका है। -सतीश चंद त्यागी, एडवोकेट