{"_id":"52-78274","slug":"Meerut-78274-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुबां पर फिर आया मुजफ्फरनगर दंगे का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुबां पर फिर आया मुजफ्फरनगर दंगे का दर्द
Meerut
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। कैबिनेट मंत्री आजम खां मुजफ्फरनगर दंगे में अपने ऊपर लगे आरोपों के दर्द को भुला नहीं पाए हैं। बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में एक बार फिर उन्होंने कहा कि मीडिया ने बगैर जांच पड़ताल किये उनके पूरे राजनैतिक जीवन को कलंकित कर दिया। इसे दर्द कहें या आक्रोश, वह मीडिया के किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दे पाए।
चौधरी चरण सिंह स्मारक मुद्दे पर समर्थन देने के सवाल का गोलमोल जवाब देते हुए आजम ने कहा कि चौधरी चरण सिंह बहुत बड़ी शख्सियत थे। उनका चरित्र अपने आप में एक आदर्श है और मैं उनका दिल से सम्मान करता हूं। पिछले दिनों हुई किसान स्वाभिमान रैली में तीसरे मोर्चे के गठन और मोदी लहर के आगे इसके टिकने के सवाल पर कहा कि मीडिया ने खुद ही टीवी चैनलों पर दिखाया है कि मोदी चुस्त और हुदहुद सुस्त। अब बताओ जो आदमी प्रकृति पर काबू पा सकता है, उसके आगे हमारी क्या बिसात। नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और नाला सफाई के नाम पर घोटाले के सवाल पर आजम ने कहा कि जांच कराएंगे।
कूड़ा निस्तारण केंद्र से बिजली बनाने के संयंत्र लगाने में क्यों देरी हो रही है, इस पर कहा कि हम बेहतर तकनीक तलाश रहे हैं। शीघ्र ही प्रयोग के तौर पर एक-दो जगह इन्हें लगाया जाएगा। यदि प्रयोग सफल रहा तो मेरठ सहित सभी बड़े शहरों में इन्हें स्थापित कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
चौधरी चरण सिंह स्मारक मुद्दे पर समर्थन देने के सवाल का गोलमोल जवाब देते हुए आजम ने कहा कि चौधरी चरण सिंह बहुत बड़ी शख्सियत थे। उनका चरित्र अपने आप में एक आदर्श है और मैं उनका दिल से सम्मान करता हूं। पिछले दिनों हुई किसान स्वाभिमान रैली में तीसरे मोर्चे के गठन और मोदी लहर के आगे इसके टिकने के सवाल पर कहा कि मीडिया ने खुद ही टीवी चैनलों पर दिखाया है कि मोदी चुस्त और हुदहुद सुस्त। अब बताओ जो आदमी प्रकृति पर काबू पा सकता है, उसके आगे हमारी क्या बिसात। नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और नाला सफाई के नाम पर घोटाले के सवाल पर आजम ने कहा कि जांच कराएंगे।
विज्ञापन
कूड़ा निस्तारण केंद्र से बिजली बनाने के संयंत्र लगाने में क्यों देरी हो रही है, इस पर कहा कि हम बेहतर तकनीक तलाश रहे हैं। शीघ्र ही प्रयोग के तौर पर एक-दो जगह इन्हें लगाया जाएगा। यदि प्रयोग सफल रहा तो मेरठ सहित सभी बड़े शहरों में इन्हें स्थापित कराया जाएगा।
विज्ञापन