आईआईटी रुड़की प्रोफेसर ने डीन को किया गुमराह

Meerut Updated Thu, 08 May 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी रुड़की के वरिष्ठ प्रो. एसके घोष द्वारा डीन को गुमराह करने का मामला सामने आया है। कैंट लैंड सर्वे के संबंध में आईआईटी रुड़की डीन को भेजे गये पत्र में कैंट बोर्ड सीईओ ने इसका खुलासा किया।
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बता दें कि रक्षा संपदा महानिदेशालय ने 2011 में मेरठ छावनी का सेटेलाइट लैंड सर्वे का कार्य आईआईटी रुड़की के प्रो. एसके घोष के नेतृत्व वाली टीम को सौंपा था। जिसे आईआईटी रुड़की द्वारा समय पर पूरा न करने पर कैंट बोर्ड ने 15 अप्रैल को कानूनी नोटिस भेजा था। जिसका जवाब देते हुए प्रो. घोेष ने 22 अप्रैल को सीईओ को पत्र लिखा। जिसकी प्रति उन्होंने आईआईटी रुड़की डीन को भी भेजी। प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब आईआईटी रुड़की डीन ने कैंट बोर्ड सीईओ को लिखे पत्र के साथ प्रो. घोष के पत्र को अटैच कर दिया। डीन द्वारा भेजे गए प्रो. घोष के पत्र को देखकर कैंट बोर्ड सीईओ हैरान रह गए।
सीईओ डॉ. डीएन यादव ने बताया कि एक तरफ जहां प्रो. घोष ने अपने पत्र में बोर्ड पर सहयोग न करने और दस्तावेज समय पर न उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। वहीं दूसरी ओर डीन को भेजी गई प्रतिलिपि में मैटर बदल दिया। उन्होंने डीन को भेजे पत्र में लिखा कि उनकी टीम सर्वे कार्य करने को तैयार है और अगर अनुमति मिले वे कैंट लैंड सर्वे कार्य पूरा कर सकते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ऐसा करना सर्विस मिस कंडक्ट है। इस संबंध में आईआईटी रुड़की डीन को अवगत कराते हुए पत्र लिखा गया है।
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