{"_id":"52-62381","slug":"Meerut-62381-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"संप्रेक्षण गृह में किशोरों की नहीं होती काउंसलिंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संप्रेक्षण गृह में किशोरों की नहीं होती काउंसलिंग
Meerut
Updated Thu, 05 Sep 2013 05:36 AM IST
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मेरठ। केंद्र सरकार की समेकित बाल संरक्षण योजना का लाभ संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किशोरों एवं बाल सुधार गृह में बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। कारण जिन लोगों की इसके लिए तैनाती की गई वह अपने दायित्वों का निर्वहन करने में कोताही बरत रहे हैं। ऐसी शिकायत मिलने पर मंडल की डिप्टी सीपीओ ने जांच बैठा दी है।
बता दें कि मार्च में योजना के तहत परामर्शदाता, विधि सहपरिवीक्षा अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्त्ता, कंप्यूटर आपरेटर समेत नौ पदों पर संविदा पर तैनाती की गई थी। बाल सुधार गृह के ऊपरी हिस्से में कार्यालय भी स्थापित किया गया, लेकिन जिस उद्देश्य के लिए यह खोला गया वह पूरा होता नहीं दिख रहा है। कर्मचारियों में बाल संरक्षण अधिकारी को बच्चों की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही विधि सहपरिवीक्षा अधिकारी को कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों के संबंध में सभी कार्यक्रमों और क्रिया कलापों का समन्वय, पर्यवेक्षण कर सहायता प्रदान करने, पर्यवेक्षण के अधीन रिहा किए किशोरों के पास अनुवर्तन हेतु जाने और किशोरों के पुनर्वास सामाजिक एकीकरण, परामर्शदाता की तैनाती कानूनी विवाद से ग्रस्त बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण और उनके परिवारों को परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए तैनात किया था, जिसका समुचित लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा।
अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने वाले संविदा पर तैनात कर्मचारी जांच में दोषी पाए गए तो कार्रवाई होगी। - निर्मला तिवारी डिप्टी सीपीओ मेरठ मंडल
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बता दें कि मार्च में योजना के तहत परामर्शदाता, विधि सहपरिवीक्षा अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्त्ता, कंप्यूटर आपरेटर समेत नौ पदों पर संविदा पर तैनाती की गई थी। बाल सुधार गृह के ऊपरी हिस्से में कार्यालय भी स्थापित किया गया, लेकिन जिस उद्देश्य के लिए यह खोला गया वह पूरा होता नहीं दिख रहा है। कर्मचारियों में बाल संरक्षण अधिकारी को बच्चों की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही विधि सहपरिवीक्षा अधिकारी को कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों के संबंध में सभी कार्यक्रमों और क्रिया कलापों का समन्वय, पर्यवेक्षण कर सहायता प्रदान करने, पर्यवेक्षण के अधीन रिहा किए किशोरों के पास अनुवर्तन हेतु जाने और किशोरों के पुनर्वास सामाजिक एकीकरण, परामर्शदाता की तैनाती कानूनी विवाद से ग्रस्त बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण और उनके परिवारों को परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए तैनात किया था, जिसका समुचित लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा।
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अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने वाले संविदा पर तैनात कर्मचारी जांच में दोषी पाए गए तो कार्रवाई होगी। - निर्मला तिवारी डिप्टी सीपीओ मेरठ मंडल