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छीपी टैंक समझौते पर दोबारा से होगा विचार
Meerut
Updated Sat, 20 Jul 2013 05:32 AM IST
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मेरठ। छीपी टैंक मस्जिद के बाहर नमाज अदा करने वाले समझौते पर पुन: विचार होगा। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों की आज लालकुर्ती थाने में मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में शहर काजी को बुलाने के लिए देर रात इंस्पेक्टर लालकुर्ती उनके घर पहुंचे। अब देखना ये है कि दोनों पक्षों केे अलावा शहर काजी शनिवार को होने वाली मीटिंग में पहुंचते हैं या नहीं।
उधर, शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के दौरान शाही जामा मस्जिद में छीपी टैंक मस्जिद के बाहर नमाज अदा करने के मामले में हुए समझौते पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। कहा कि समझौता गलत है। कारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था करता है, जिससे कई दिन तक कारोबार प्रभावित रहता है। नमाज तो कुछ ही घंटों के लिए होती है, इसलिए इस पर पाबंदी नहीं लगाना चाहिए। जुमे की नमाज के बाद जंतरी बांटे जाने पर कुछ व्यक्तियों के बीच मस्जिद में ही कहासुनी हो गई। हालांकि इसे शांत करा दिया गया।
गौरतलब है कि समझौते के दौरान नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन और उनके साथ कुछ लोग मौजूद रहे थे। बीते शुक्रवार को यह समझौता हुआ था। रात सात बजे जब छीपी टैंक चौराहा स्थित मंदिर में भाजपाइयों ने महाआरती की थी, तो भाजपा सांसद ने यह बयान दिया था कि जिले में कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं होगी। इसी बयान पर विवाद खड़ा हो गया था, लेकिन एसएसपी और अन्य अधिकारियों ने साफ कर दिया था कि समझौता सिर्फ छीपी टैंक चौराहे वाली मस्जिद को लेकर हुआ है। बाकी जिले में परंपरागत तरीके से ही नमाज और अन्य धार्मिक आयोजन होते रहेंगे। बावजूद इसके समझौते को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही। अब पुलिस प्रशासन प्रयास में जुट गया है कि विवाद को पूरी तरह खत्म किया जाए। इसी उद्देश्य से शनिवार को दोनों पक्षों को फिर से लालकुर्ती थाने में बुलाया गया है।
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आपसी मुहब्बत की तालीम देता है रोजा : शहर काजी
जुमे की नमाज से पहले शाही जामा मस्जिद में शहर काजी जैनुस साजिद्दीन ने रमजान के रोजों की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि रोजा सब्र, अल्लाह की फरमाबरदारी और आपसी मुहब्बत की तालीम देता है। उन्होंने बताया कि रमजान में गरीबों की ज्यादा से ज्यादा मदद करनी चाहिए। नमाज के बाद शहर काजी ने सभी की हिफाजत, तरक्की, खुशहाली और शहर के अमन और चेन की दुआ कराई।
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उधर, शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के दौरान शाही जामा मस्जिद में छीपी टैंक मस्जिद के बाहर नमाज अदा करने के मामले में हुए समझौते पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। कहा कि समझौता गलत है। कारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था करता है, जिससे कई दिन तक कारोबार प्रभावित रहता है। नमाज तो कुछ ही घंटों के लिए होती है, इसलिए इस पर पाबंदी नहीं लगाना चाहिए। जुमे की नमाज के बाद जंतरी बांटे जाने पर कुछ व्यक्तियों के बीच मस्जिद में ही कहासुनी हो गई। हालांकि इसे शांत करा दिया गया।
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गौरतलब है कि समझौते के दौरान नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन और उनके साथ कुछ लोग मौजूद रहे थे। बीते शुक्रवार को यह समझौता हुआ था। रात सात बजे जब छीपी टैंक चौराहा स्थित मंदिर में भाजपाइयों ने महाआरती की थी, तो भाजपा सांसद ने यह बयान दिया था कि जिले में कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं होगी। इसी बयान पर विवाद खड़ा हो गया था, लेकिन एसएसपी और अन्य अधिकारियों ने साफ कर दिया था कि समझौता सिर्फ छीपी टैंक चौराहे वाली मस्जिद को लेकर हुआ है। बाकी जिले में परंपरागत तरीके से ही नमाज और अन्य धार्मिक आयोजन होते रहेंगे। बावजूद इसके समझौते को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही। अब पुलिस प्रशासन प्रयास में जुट गया है कि विवाद को पूरी तरह खत्म किया जाए। इसी उद्देश्य से शनिवार को दोनों पक्षों को फिर से लालकुर्ती थाने में बुलाया गया है।
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आपसी मुहब्बत की तालीम देता है रोजा : शहर काजी
जुमे की नमाज से पहले शाही जामा मस्जिद में शहर काजी जैनुस साजिद्दीन ने रमजान के रोजों की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि रोजा सब्र, अल्लाह की फरमाबरदारी और आपसी मुहब्बत की तालीम देता है। उन्होंने बताया कि रमजान में गरीबों की ज्यादा से ज्यादा मदद करनी चाहिए। नमाज के बाद शहर काजी ने सभी की हिफाजत, तरक्की, खुशहाली और शहर के अमन और चेन की दुआ कराई।